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Magh Mela 2021 Dates: 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर बन रहा पंचग्रही योग, साल में कुल 6 स्नान पर्व जिनमें 4 गुरुवार को, बरसेगी बृहस्पति देव की कृपा

Updated at : 05 Jan 2021 7:10 AM (IST)
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Magh Mela 2021 Dates: 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर बन रहा पंचग्रही योग, साल में कुल 6 स्नान पर्व जिनमें 4 गुरुवार को, बरसेगी बृहस्पति देव की कृपा

Magh Mela 2021 Start Date, Snan Parv 2021, Makar Sankranti, Panchgrahi Yoga, Paush Purnima, Mauni Amavasya, Mahashivratri, Guru Effects: इस बार संक्रांति पर पंचग्रही योग बन रहे है. 14 जनवरी को संक्रांति के समय सूर्य, चंद्रमा, बुध, गुरु और शनि पांचों ग्रहों का यह दुलर्भ योग बनेगा. इसके अलावा माघ मेले के स्नान को लेकर भी अनोखा संयोग बना है. दरअसल, माघ मेला के छह स्नान पर्व में चार स्नान पर्व गुरुवार को ही पड़ रहे है. आइये जानते हैं विस्तार से कौन-कौन से स्नान पर्व पड़ रहे गुरुवार को और क्या होगा इसका प्रभाव..

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Magh Mela 2021 Start Date, Snan Parv 2021, Makar Sankranti, Panchgrahi Yoga, Paush Purnima, Mauni Amavasya, Mahashivratri, Guru Effects: इस बार संक्रांति पर पंचग्रही योग बन रहे है. 14 जनवरी को संक्रांति के समय सूर्य, चंद्रमा, बुध, गुरु और शनि पांचों ग्रहों का यह दुलर्भ योग बनेगा. इसके अलावा माघ मेले के स्नान को लेकर भी अनोखा संयोग बना है. दरअसल, माघ मेला के छह स्नान पर्व में चार स्नान पर्व गुरुवार को ही पड़ रहे है. आइये जानते हैं विस्तार से कौन-कौन से स्नान पर्व पड़ रहे गुरुवार को और क्या होगा इसका प्रभाव..

6 में चार स्नान पर्व गुरुवार को

आपको बता दें कि माघ मेले का पहला स्नान 14 जनवरी को पड़ रहा है. जो गुरुवार को मकर संक्रांति के साथ शुरू हो जाएगा. इसके अलावा 28 जनवरी की पौष पूर्णिमा, 11 फरवरी की मौनी अमावस्या और 11 मार्च का महाशिवरात्रि भी गुरुवार को ही पड़ रहा है.

हालांकि, इस बीच दो और, पहला 16 फरवरी का वसंत पंचमी मंगलवार को और 27 फरवरी की माघी पूर्णिमा, शनिवार को पड़ने वाली है. इस तरह से कुल मिलाकर देखा जाए तो 6 में से चार स्नान पर्व गुरुवार को पड़ रहे है.

आपको बता दें कि 14 जनवरी को पड़ने वाले मकर संक्रांति और 11 फरवरी को पड़ने वाले मौनी अमावस्या, दोनों स्नान पर्व में गुरु पुण्ययोग व श्रवण नक्षत्र का योग नजर आ रहा है. जैसा कि ज्ञात हो श्रवण नक्षत्र के स्वामी श्री हरि विष्णु को कहा जाता है.

बृहस्पति महामारी व अनिष्टकारी शक्तिओं को नष्ट करने वाले

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बृहस्पति महामारी व अनिष्टकारी शक्तिओं को नष्ट करने के लिए जाना जाता है. यही नहीं जिनकी कुंडली में बृहस्पति उच्च होता है, वे मनुष्य जीवन में सफलताएं पाते है.

कोरोना महामारी का असर होगा समाप्त

ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो गुरुवार को पड़ने वाले चारों प्रमुख स्नान पर्व में बृहस्पति की कृपा रहेगी, विश्व में कोरोना महामारी का असर समाप्त होगा.

Posted By: Sumit Kumar Verma

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