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Kharmas 2021: लगने जा रहा है खरमास, एक महीने के लिए बंद हो जाएंगे शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य

Updated at : 15 Dec 2021 4:14 PM (IST)
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Kharmas 2021: लगने जा रहा है खरमास, एक महीने के लिए बंद हो जाएंगे शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य

Kharmas 2021: 15 दिसंबर की मध्यरात्रि के बाद 03 बजकर 40 मिनट पर खरमास आरंभ होने के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा.

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Kharmas 2021 date: मार्गशीर्ष और पौष मास के बीच हर साल खरमास आता है. सूर्य जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता है. ज्योतिषविदों के अनुसार, खरमास में शादी-विवाह, सगाई, मुंडन और भवन निर्माण जैसे मंगल कार्य वर्जित माने जाते हैं. इस साल 15 दिसंबर 2021 की रात 03:42 बजे से लेकर 14 जनवरी 2022 की दोपहर 02:28 तक खरमास रहेगा. आपको बता दें कि वर को सूर्य का बल और वधू को बृहस्पति का बल होने के साथ ही दोनों को चंद्रमा का बल होने से ही विवाह के योग बनते हैं.

Kharmas 2021: खरमास में ना करें ये काम

इल दौरान नई चीजों, घर, प्लॉट, गाड़ी आदि की खरीदारी नहीं करनी चाहिए.

इस महीने में घर निर्माण का कार्य या घर निर्माण से संबंधित चीजें नहीं खरीदनी चाहिए.

इस पूरे महीने में शादी, सगाई और गृह प्रवेश जैसे धार्मिक या मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए.

Kharmas 2021: खरमास की पौराणिक प्रचलित कथा

लोक कथाओं के अनुसार खरमास (मलमास) को अशुभ माह मानने के पीछे एक पौराणिक कथा बताई जाती है. खर गधे को कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मार्कण्डेय पुराण के अनुसार एक बार सूर्य अपने सात घोड़े वाले रथ को लेकर ब्राह्मांड की परिक्रमा करने के लिए निकल पड़ते हैं.

इस परिक्रमा के दौरान सूर्य देव को रास्ते में कहीं भी रुकने की मनाही होती है लेकिन सूर्य देव के सातों घोड़े कई साल निरंतर दौड़ने की वजह से जब प्यास से व्याकुल हो जाते हैं तो सूर्य देव उन्हें पानी पिलाने के लिए निकट बने एक तलाब के पास रुक जाते हैं.

तभी उन्हें याद आता है कि उन्हें तो रास्ते में कहीं रुकना ही नहीं है. जिसके बाद वे कुंड के पास कुछ गधों को अपने रथ के साथ जोड़कर आगे बढ़ जाते हैं. जिससे उनकी गति धीमी हो जाती है. यही वजह है कि खरमास को अशुभ माह के रूप में देखा जाता है.

Kharmas 2021: खरमास में कौन से कार्य कर सकते हैं?

अगर प्रेम विवाह या स्वयंवर का मामला हो तो विवाह किया जा सकता है. जो कार्य नियमित रूप से हो रहे हों, उनको करने में भी खरमास का कोई बंधन या दबाव नहीं है. गया में श्राद्ध भी इस अवधि में किया जा सकता है, उसकी भी वर्जना नहीं है.

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