Kartik Month 2022 Start Date: कार्तिक मास शुरू, इस महीने ना करें ये काम, नहीं तो..

Published by : Shaurya Punj Updated At : 10 Oct 2022 7:39 AM

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Kartik Month 2022 Start Date, Does and Donts during Kartik maas: आज यानी 10 अक्‍टूबर से कार्तिक मास प्रारंभ हो चुका है. इस महीने में श्रीहर‍ि की पूजा करना और उनको सबसे प्रिय तुलसी की पूजा करना सबसे उत्‍तम माना जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं कार्तिक के महीने में कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं…

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Kartik Month 2022 Start Date, Does and Donts during Kartik maas:  हिंदू धर्मिक ग्रथों में कार्तिक मास को एक खास महीने के रूप में देखा जाता हैं. इस बार शरद पूर्णिमा 9 अक्‍टूबर को थी और उसके अगले दिन से यानी कि 10 अक्‍टूबर आज से कार्तिक मास प्रारंभ हो चुका है इस महीने में श्रीहर‍ि की पूजा करना और उनको सबसे प्रिय तुलसी की पूजा करना सबसे उत्‍तम माना जाता है। आज हम आपको बता रहे हैं कार्तिक के महीने में कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं…

दीपदान अवश्य करें

हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक कार्तिक महीने में दीपदान करने से परिवार के सभी लोगो के जीवनसे अंधकार खत्म हो जाता हैं. इसलिए इस महीने किसी भी पवित्र नदी या फिर तालाब में सूर्यास्त के वक्त दीपदान जरूर ही करना चाहिए.

तुलसी की पूजा करना होगा फायदेमंद

कार्तिक मास भगवान विष्‍णु की पूजा के लिए सबसे खास माना गया है. इसलिए इस महीने में विष्‍णुप्रिया तुलसी की पूजा करना भी बहुत अच्‍छा माना जाता है. इस पूरे महीने में तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाने की परंपरा है। ऐसा करने से आपको धन लाभ होता है और आपके घर में मां लक्ष्‍मी का वास होता है.

ठंडा पानी भूलकर ना पिएं

कार्तिक माह से सर्दियों की शुरुआत भी हो जाती है. ऐसे में हमें ठंडी चीजों को खाने से बचना चाहिए. तथा इस दौरान ठंडे पानी का सेवन भूलकर भी ना करें, क्योंकि इससे आप सर्दी जुकाम की समस्या से पीड़ित हो सकते हैं. जो लोग अस्थमा से पीड़ित हैं उन्हें सभूलकर भी ठंडी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए.

दाल का सेवन ना करें

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कार्तिक के महीने में दाल खाने की मनाही है. खासकर अरहर और चने की दाल का सेवन बिल्कुल भी ना करें. इससे पाचनतंत्र में गड़बड़ी और पेट संबंधी अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

करेले का सेवन ना करें

कार्तिक महीने में करेले का सेवन भी वर्जित माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कार्तिक माह में करेला पकता है और कई बार अधिक पकने के कारण इसके बीजों में बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं। ऐसे करेले को खाने से फूड प्वाइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा रहता है. ऐसे में इस महीने भूलकर भी करेले का सेवन ना करें.

ब्रह्म मुहूर्त में ही करें स्नान

कहते हैं कि कार्तिक महीने में किसी पवित्र नदी यमुना नदी में ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करना बहुत लाभकारी होता है. इस स्नान का बहुत अधिक महत्व हैं. इस पुण्यदायी मास में महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं. कहते हैं कि यह स्नान कुंवारी या शादीशुदा महिलाएं दोनों ही कर सकती हैं. ये दोनों के लिए विशेष शुभ माना जाता है. ग्रंथों में कहा गया है कि अगर आप नदी के जल में स्नान करने में असमर्थ हैं तो नहाने के पानी में किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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