Earthquake : हरियाणा के रोहतक में लगातार दूसरे दिन लगा भूकंप का झटका

Author : AvinishKumar Mishra Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 Jun 2020 7:18 AM

विज्ञापन

Earthquake, Earthquake in india, Earthquake rohtak : हरियाणा के रोहतक में आज लगातार दूसरे दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप का पैमाना 2.3 था. बताया जा रहा है कि यह भूकंप सुबह 5.37 मिनट पर आया था. भूकंप का केंद्र रोहतक से 15 किमी की दूर था.

विज्ञापन

Earthquake, Earthquake in india, Earthquake rohtak : हरियाणा के रोहतक में आज लगातार दूसरे दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप का पैमाना 2.3 था. बताया जा रहा है कि यह भूकंप सुबह 5.37 मिनट पर आया था. भूकंप का केंद्र रोहतक से 15 किमी की दूर था.

समाचार एजेंसी एएनआई ने नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलोजी के हवाले से बताया कि आज सुबह रोहतक के आसपास भूकंप के झटका महसूस किया गया. हालांकि इसकी तीव्रता कम थी और रिक्टर स्केल पर इसकी पैमाना 2.3 मैग्नीट्यूड था.

लगातार दूसरे दिन लगा भूकंप का झटका- दिल्ली-एनसीआर के करीब पड़ने वाले रोहतक में यह लगातार दूसरे दिन भूकंप का झटका महसूस किया गया है. गुरूवार को भी रोहतक से 15 किमी दूर ही भूकंप का झटका महसूस किया गया. हालांकि कल भी तीव्रता कम ही थी.

Also Read: पूर्वोत्तर में मध्यम तीव्रता का भूकंप, पिछले दिनों गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी हिली थी धरती

एक महीने में तकरीबन 10 बार हिली दिल्ली-एनसीआर– दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में पिछले एक महीने में तकरीबन 10 बार भूकंप आ चुका है, जिसमें अधिकांश समय दिल्ली के आसपास इलाके में आया है. कोरोना महामारी के दौर में भूकंप आने से लोग और अधिक डर गये हैं. हालांकि अभी तक इन सभी भूकंप में कोई बड़े स्तर पर जान-माल की नुकसान नहीं हुई है. भूकंप का झटका कम तीव्रता वाला ही रहा है.

क्यों आता है भूकंप– धरती के अंदर 7 प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. ज्यादा दबाव बनने लगता है तो ये प्लेट्स टूट जाती है, जिसके बाद एनर्जी बाहर आती है. इसी के बाद भूकंप आता है. भारतीय उपमहाद्वीप में भूकंप के झटके महसूस होते रहते है. टेक्टॉनिक प्लेटों में टक्कर के कारण ही भारतीय उपमहाद्वीप में अक्सर भूकंप आते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि भूजल में कमी से टेक्टॉनिक प्लेटों की गति में धीमी हुई है.

Posted By : Avinish Kumar Mishra

विज्ञापन
AvinishKumar Mishra

लेखक के बारे में

By AvinishKumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola