Bihar Weather Update : कोरोना के कहर के बीच बिहार के कई हिस्सों में बिगड़ा मौसम का मिजाज, किसान परेशान

कोरोना संकट के बीच बिहार के गोपालगंज समेत कई हिस्सों में बारिश किसानों की मेहनत पर कहर ढा रहा है. खेत से लेकर खलिहान तक पानी जमा है. कहीं गेहूं की फसल पानी में गिरा है तो कहीं काटी गयी फसल पानी में डूबा हुआ है.
गोपालगंज/हाजीपुर/पटना : कोरोना संकट के बीच बिहार के गोपालगंज समेत कई हिस्सों में बारिश किसानों की मेहनत पर कहर ढा रहा है. खेत से लेकर खलिहान तक पानी जमा है. कहीं गेहूं की फसल पानी में गिरा है तो कहीं काटी गयी फसल पानी में डूबा हुआ है. गोपालगंज में मौसम की मार से छाती पीटते किसान मंगलवार की सुबह बूंदा-बांदी के बीच काटे गये गेहूं को छानते और निकालते देखे गये.
किसानों पर मौसम का कहर रविवार की शाम से ही जारी है. सोमवार की रात किसानों के लिये आफत बन कर आयी. आधी रात के बाद आसमान में छाये बादल किसानों पर कहर बरसाने लगे. सोमवार की रात आसमां से जहां ओले पड़े, वहीं 110 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चली. आंधी के कारण गेहूं की फसल खेतों में सोयी पड़ी है, वहीं जिले में दो दर्जन से अधिक शेड के करकट उड़ गये.
इधर, सोमवार की रात शुरू हुई बारिश मंगलवार को सुबह नौ बजे तक जारी रही. सोमवार की रात जिले में औसतन 21.3 मिमी बारिश हुई. सर्वाधिक बारिश मांझा में 32 मिमी रिकॉर्ड की गयी है. दो दिन में जिले में 34 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है. बारिश के कारण 45 हजार हेक्टेयर से अधिक गेहूं की फसल प्रभावित हुई है. 82 फीसदी किसान मौसम की मार सहने को विवश हैं.
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किसानों की मेहनत आंधी और पानी से खेतों में डूब गया है. सर्वाधिक नुकसान उनका हुआ है, जो गेहूं की कटनी रविवार को कर लिये थे. रविवार को जिले में लगभग 12 हजार हेक्टेयर से अधिक कटनी किसानों ने करायी थी. रविवार की शाम मौसम खराब होने के कारण किसान काटे गये गेहूं की फसल की दौनी नहीं कर पाये. लगातार दो दिन बारिश के बाद अब इनके काटी गयी गेहूं की फसल पानी में डूबी पड़ी है. मंगलवार को बारिश खत्म होने के बाद किसान व मजदूर पानी लगे खेत से गेहूं की फसल को पूरे दिन निकालते रहे.
सोमवार की रात्रि से मंगलवार की सुबह तक हुई बारिश और चली आंधी ने सिधवलिया प्रखंड के किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. आंधी के कारण जहां कई झोपड़ियां और टीन के शेड उड़ गये, वहीं खेतों में गेहूं के पौधे सो गये हैं. खेतों में पानी लगा है जिससे किसान कटनी को लेकर जहां चिंतित हैं, वहीं गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है. मौसम की मार से किसान परेशान हो गये हैं.
पिछले कई वर्षों से किसान मौसम की मार झेल रहे हैं. कभी सूखे का प्रकोप, तो कभी बारिश की तबाही. एक के बाद एक आफत किसानों का पीछा नहीं छोड़ रही है. पिछले तीन दिनों से हो रही बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है. सोमवार की रात हुई बारिश, तेज हवा व ओलावृष्टि से फसलों को काफी क्षति हुई है.
किसानों की मानें, तो पंचदेवरी प्रखंड क्षेत्र में गेहूं की 60 फीसदी से अधिक फसलें बर्बाद हो गयी है. गेहूं की जो फसल अभी खेत में ही लगी थी, वह गिर गयी है. ओलावृष्टि से बालियां बिखर गयी हैं. वहीं, जहां फसलों को काट कर अभी खेतों में छोड़ दिया गया था, वहां पानी लगने से काफी क्षति हुई है. फसलों की इस बर्बादी से किसान काफी हताश हैं.
लॉकडाउन के पहले चरण के बाद इधर एक सप्ताह से ही किसानों ने गेहूं की कटनी शुरू की थी. तब तक प्रकृति ने कहर बरपा दिया. अब किसानों के सामने कोई रास्ता नहीं है.उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है.फसल बर्बाद होने के कारण किसानों काफी टूट चुके हैं.
झुनझुन ठाकुर, संजीव दुबे, नगीना पाल, अशोक सिंह, मदन मोहन दुबे, भगवान सिंह, कुंजन दुबे आदि किसानों का कहना है कि खेतों से गेहूं घर ले जाना अब मुश्किल है. इस साल भी कर्ज से मुक्ति नहीं मिल पायेगी. मक्के की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. किसान नेता व प्रखंड जदयू के प्रवक्ता बृज किशोर दुबे ने फसल क्षति को लेकर किसानों को मुआवजा दिलाने तथा किसानों का ऋण माफ करने की मांग विभाग के पदाधिकारियों से की है.
बीएओ राजकुमार ने बताया कि बारिश, तेज हवा तथा ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. कुछ किसानों की फसल पूर्णतः बर्बाद हो गयी है. विभाग भी किसानों की मदद करने की तैयारी में है. कृषि विभाग की टीम फसल क्षति का आकलन करेगी. उसके बाद जांच रिपोर्ट विभाग के वरीय पदाधिकारियों को भेजी जायेगी. क्षति के अनुसार विभाग किसानों की जरूर मदद करेगा.
हाजीपुर के भगवानपुर में मंगलवार को तेज हवा और वर्षा होने से किसानों का मकई का पेड़ गिर गया. जिससे फसल बर्बाद हो गयी. किसान श्री से सम्मानित नरेश राय किसान दहिया निवासी किसान मर्जी महतो ,दीपक कुमार, पूर्व पैक्स अध्यक्ष शैलेश कुमार मुन्ना, प्रवीण राय, ताजपुर निवासी अविनाश झा सहित अन्य किसानों ने बताया कि तेज हवा और वर्षा के कारण मकई की फसल बर्बाद हो गयी. इस लॉकडाउन के समय महंगी दरों पर पानी, खाद एवं निजी पंपसेट से महंगी दरों पर पानी पटाया था. किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि फसल क्षति का आकलन कर किसानों को इसका लाभ मिले.
हाजीपुर के लालगंज प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की सुबह तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. आंधी व बारिश से गेहूं, आम, लीची समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है. गेहूं की फसल की बात करें तो अभी भी आधे से ज्यादा किसान अपनी फसलों को समेट नहीं सके हैं. जिनकी फसल बची हुई हैं. उनके फसल भींग गये, जाहे वह कटी हुई हो या खेत में लगी हुई. ऐसे में फसल का नुकसान होना लाजमी है. आम लीची को भी काफी नुकसान पहुंचा है. मंजर व दाने आंधी के कारण गिर गये.
इधर, बारिश के कारण लालगंज नगर क्षेत्र एवं देहाती क्षेत्र की सड़कों पर जलजमाव हो जाने से राहगीरों एवं ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लालगंज तीनपुलवा चौक से भगवानपुर स्टेशन रोड जाने वाली मुख्य सड़क के भगवानपुर पकड़ी चौक पर पूर्व से टूटी सड़क पर पानी जमा हो जाने से राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पर रहा है. गनीनाथ साह के घर से लेकर विरल साह के घर तक लगभग 100 मीटर तक एक से दो फिट पानी जमा हो गया है. जलजमाव के कारण गढ्ढे का सही अंदाजा नहीं होने के कारण कई बाइक चालक पानी मे गिर कर घायल भी हो गए.
स्थानीय अमृतेश कुमार, रघुनाथ चौधरी, मोहन साह, सुरेश कुमार, संतोष कुमार, राजु महतो, मुकेश सिंह, अंकित राज, भिखारी साह, अशोक तिवारी, दीपू कुमार, बिल्टू पासवान, कौशल्या देवी, मिना देवी, रेखा देवी आदि ने जिला प्रशासन से अतिशीघ्र सड़क का जीर्णोद्धार करने की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन साल से यह सड़क टूटी है. इसकी मरम्मती के लिए कई बार प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला कार्यालय तक गुहार लगायी गयी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया. वहीं दूसरी ओर सड़क की वर्तमान हालात एवं जर्जर स्थिति को देखते हुए हिंदुस्तान जनता पार्टी सेक्युलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तिवारी ने पथ निर्माण विभाग से बरसात शुरू होने से पहले सड़क की मरम्मती का कार्य पूरा कराने की मांग की है.
सारण के दिघवारा में मौसम की लुकाछिपी का खेल पिछले कई दिनों से देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गयी है. कभी तेज हवा आंधी की शक्ल में बहती है तो कभी धूप की गर्मी लोगों को परेशान करती है. पिछले कई दिनों से बादल घिरने के कारण बारिश जैसी स्थिति देखने को मिली, मगर रिमझिम बारिश होकर ही आसमान साफ हो गया.
मंगलवार की सुबह चार बजे से ही मौसम का मिजाज अचानक बदला और पांच बजे से रिमझिम बारिश शुरू हो गयी. बादल के घिरने से सुबह में तेज हवा चली और हर जगह कपकपी का आलम देखने को मिला. वहीं दोपहर 12 बजे के बाद धूप में गर्मी देखने को मिली. सुबह में ठंड व दोपहर में गर्मी से लोग परेशान रहे. शाम तक मौसम का मिजाज फिर खुशनुमा हो गया था.
उधर, अहले सुबह मौसम की खराबी से लंबी अवधि तक बिजली भी गुल रही, जिससे प्रखंड के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. बाद में कर्मियों की मेहनत के बाद तकनीकी खामी को दूर किया गया. तब जाकर विद्युत की आपूर्ति बहाल हो सकी. उधर बारिश होने के चलते प्रखंड में कई जगहों पर गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है, मगर अधिकांश जगहों पर गेहूं की दोनी का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे अधिकांश किसानों को बारिश से नुकसान नहीं पहुंच सका.
सुबह में मौसम का मिजाज ठंडा रहने से सब्जी आढ़तों में भी व्यापारियों व ग्राहकों की संख्या में कमी देखी गयी. हर किसी को ठंड हवा की सिहरन ने खूब परेशान किया. मौसम के करवट बदलने से महिलाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और किचेन में भी ठंड के अनुसार मेनू की खुशबू तैरती नजर आयी.
एक ओर जहां सरकार ने कोरोना वायरस से निजात के लिए लॉकडाउन लागू किया है. वहीं इसकी वजह से किसानों के समक्ष आमदनी के अन्य श्रोत बंद हो गये है. अब किसानों के लिए एक मात्र उसका फसल ही साल भर उनके परिवार के सुख दुख का साथी बनने वाला है. किंतु बेगूसराय के बखरी में सोमवार एवं मंगलवार को हुए तेज हवा, ओलावृष्टि के साथ बारिश ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है.
इधर, बारिश और ओलावृष्टि के चलते खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गयी. प्राप्त जानकारी के मुताबिक बखरी प्रखंड क्षेत्र के सलौना पंचायत अंतर्गत विक्रम नदैल निवासी हीरा लाल महतो का दो बीघा में लगा मक्का की फसलें बर्बाद होने से मायूस है. किसान हीरा लाल महतो ने बताया कि मक्का कर्ज उठाकर रोपे थे सोचे कि कुछ दिनों में ही फसल कटने वाला है. जिससे कर्ज वाले को वापस रुपया दे देंगे. लेकिन, तेज हवा व बारिश के चलते फसल बर्बाद हो गयी है.
वहीं, उपमुखिया संजीत कुमार महतो ने कहा कि फसल बर्बाद होने से साल भर का मेहनत व्यर्थ चला गया. उन्होंने प्रशासन से मांग किया है कि किसान को उचित मुआवजा दिया जाये ताकि उसका मनोबल कृषि के क्षेत्र में बना रहे. इधर जानकारी मिलते ही बीडीओ अमित कुमार पाण्डेय, जेएसएस श्याम अचल तथा सलौना के कृषि सलाकार खेत पर पहुंच कर सरकारी सहायता देने का आश्वासन दिया है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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