MBBS दाखिला मामला : जाति प्रमाणपत्र घोटाले की अब सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

Published by : Sameer Oraon Updated At : 29 Jan 2024 11:34 PM

विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत की पीठ पहले इस विवाद को निपटाने के लिए 27 जनवरी को अवकाश के दिन बैठी थी, जहां एक असहमत न्यायाधीश ने खंडपीठ के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसने उनके निर्देश को रद्द कर दिया था.

विज्ञापन

कोलकाता/नयी दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने एमबीबीएस की आरक्षित श्रेणी की सीट के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने में अनियमितताओं के आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) से जांच कराने के मुद्दे पर कलकत्ता हाइकोर्ट की दो पीठ में टकराव से संबंधित याचिकाएं सोमवार को अपने हाथ में ले लीं. सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश डीवाइ चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि उसने इस मुद्दे से संबंधित सभी मामलों को अपने हाथ में लेने का फैसला किया है और तीन सप्ताह की अवधि में दलीलें पूरी करने का निर्देश दिया है.

उक्त पीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी शामिल हैं. सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा: हम याचिकाओं को ठीक तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करेंगे. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट की विशेष बेंच ने मामले के सभी पक्षकारों को अगली सुनवाई से पहले हलफनामा जमा करने का निर्देश दिया है. पीठ ने कहा कि सभी पक्षकार लिखित रूप में अपना बयान अदालत में जमा करें. उल्लेखनीय है कि शीर्ष अदालत की पीठ पहले इस विवाद को निपटाने के लिए 27 जनवरी को अवकाश के दिन बैठी थी, जहां एक असहमत न्यायाधीश ने खंडपीठ के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसने उनके निर्देश को रद्द कर दिया था.

Also Read: पश्चिम बंगाल : I.N.D.I.A गठबंधन को लेकर ममता बनर्जी नाखुश, बंगाल में अकेले लड़ेंगी चुनाव

खंडपीठ ने सीबीआइ जांच का निर्देश देने के साथ केंद्रीय एजेंसी को जांच आगे बढ़ने के न्यायाधीश के निर्देश को रद्द कर दिया था. विवादास्पद न्यायिक स्थिति को हल करने के प्रयास के तहत सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कथित अनियमितताओं की सीबीआइ जांच को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय की दो पीठों के बीच टकराव के मद्देनजर ‘मामला अपने हाथ में लेने’ और सभी कार्यवाही पर रोक लगाने का फैसला किया. न्यायमूर्ति अभिजीत गांगुली ने खंडपीठ के न्यायाधीश सौमेन सेन पर पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के हितों के लिए सीबीआइ जांच के उनके आदेश को खारिज करने का आरोप लगाया था.

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola