Basoda Sheetala Ashtami 2023: जानें क्यों लगाया जाता है शीतला अष्टमी पर माता को बसौड़ा का भोग

Published by : Shaurya Punj Updated At : 15 Mar 2023 7:57 AM

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Basoda Sheetala Ashtami 2023: इस साल आज 15 मार्च के दिन शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. माना जाता है कि माता शीतला चेचक जैसे रोगों से बच्चों की रक्षा करती हैं. इस दिन को बसौड़ा (Basoda) भी कहते हैं क्योंकि माता शीतला की पूजा में बसौड़ा अर्थात् बासी भोजन का भोग लगाया जाता है.

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Basoda Sheetala Ashtami 2023, Basoda:  शास्त्रों के अनुसार, होली के 8वें दिन शीतलाष्टमी का व्रत रखा जाता है. इस दिन मां शीतला की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है. इस साल आज 15 मार्च के दिन शीतला अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. माना जाता है कि माता शीतला चेचक जैसे रोगों से बच्चों की रक्षा करती हैं. इस दिन को बसौड़ा (Basoda) भी कहते हैं क्योंकि माता शीतला की पूजा में बसौड़ा अर्थात् बासी भोजन का भोग लगाया जाता है.

बसौड़ा के भोग का वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो शीतला अष्टमी के बाद ग्रीष्म काल अपना जोर लगाना शुरू कर देता है. इस दिन को शीत काल के आखिरी दिन के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. इस दिन के बाद से भोजन जल्‍दी खराब होना शुरू हो जाता है. गर्मी का प्रकोप बढ़ने से शरीर में ठंडी चीजों की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे में शीतला अष्टमी के दिन मातारानी को बासे भोजन का भोग लगाकर ये संदेश दिया जाता है कि आज के बाद पूरे ग्रीष्म काल में अब ताजे भोजन को ही ग्रहण करना है.

होती है शीतला माता की पूजा

होली के बाद मौसम में बदलाव आने लगता है और शीत ऋतु से ग्रीष्मकाल आने की आहट होने लगती है.शीतला माता के स्वरूप को शीतलता प्रदान करने वाला माना जाता है.शीतला माता देवी का एक रूप हैं.जो गधे पर सवार होकर आती हैं.उनके एक हाथ में झाड़ू होती है और आभूषण के तौर पर वह नीम के पत्ते धारण करती हैं.

उनके दूसरे हाथ में ठंडे जल का कलश होता है.शीतला माता को साफ-सफाई, स्वच्छता और शीतलता का प्रतीक माना जाता है.इसलिए शीतलाष्टमी के दिन हमें साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना होता है.इस अष्टमी को अलग-अलग राज्यों में विभिन्न नामों से जाना जाता है.गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इसे शीतला अष्टमी कहा जाता है.

हालांकि कई जगहों पर इसे बसौड़ा, बसोरा और शीतलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है.शीतला अष्टमी के दिन शीतला माता को खास मीठे चावल का भोग चढ़ाया जाता है.इस चावल को गुड़ या गन्ने के रस में बनाया जाता है.जैसे कि हमने बताया इस दिन ताजा खाना नहीं बनाते इसलिए इस भोग को हम एक रात पहले यानि सप्तमी को ही बनाते हैं.भोग लगाने के बाद इस प्रसाद को घर के सभी सदस्यों को खिलाया जाता है.

शीतला माता की व्रत कथा

एक गावं में बूढ़ी माता रहती थी.एक दिन पूरे गांव में आग लग गई.इस आग में पूरा गांव जलकर खाक हो गया लेकिन बूढ़ी माता का घर बच गया.यह देखकर सभी दंग रह गए कि पूरे गांव में केवल एक बूढ़ी माता का घर कैसे बच गया.सभी बूढ़ी माता के पास आकर पूछने लगे तो उन्होंने बताया कि वह चैत्र कृष्ण अष्टमी को व्रत रखती थीं.शीतला माता की पूजा करती थीं.बासी ठंडी रोटी खाती थीं.इस दिन चूल्हा भी नहीं जलाती थी.यही वजह है कि शीतला माता की कृपा से उनका घर बच गया और बाकी गांव के सभी घर जलकर खाक हो गए.माता के इस चमत्कार को देख पूरा गांव माता शीतला की पूजा करने लगा और तब से शीतला अष्टमी का व्रत रखने की परंपरा शुरू हो गई.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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