मालवीय नगर होटल हादसा: छत का रास्ता बंद, फायर NOC नहीं, B&B पॉलिसी के नाम पर किया गया 'खेला'
Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Jun 2026 6:01 PM
हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में अग्निकांड की जांच, फोटो- पीटीआई
Hauz Rani Hotel Fire: दिल्ली के हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं. होटल में छह कमरों की अनुमति के बावजूद करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे. हादसे में 21 लोगों की जान गई है.
Hauz Rani Hotel Fire: मालवीय नगर के हौज रानी में स्थित फ्लोरिश स्टे बीएंडबी होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. दिल्ली पुलिस ने गुरुवार (4 जून) को आग से तबाह होटल की इमारत का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि छत पर जाने का रास्ता बंद था और कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर का इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच अधिकारियों ने बताया कि इमारत की छत तक पहुंचने का रास्ता बंद होने के कारण आग लगने के दौरान फंसे लोगों को बाहर निकलने का एक अहम विकल्प नहीं मिल पाया. घने धुएं ने कुछ ही समय में पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था. इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
लाइसेंस छह कमरों का, संचालन 25 कमरों का
जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली सरकार की बेड-एंड-ब्रेकफास्ट’ (B&B) नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, जबकि यहां कथित तौर पर तहखाने सहित करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे. पुलिस अवैध निर्माण और क्षमता से अधिक संचालन के आरोपों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के पास अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मंजूरी (Fire NOC) नहीं थी. इमारत की ऊंचाई ऐसी थी कि उसे दिल्ली अग्निशमन सेवा से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना बेहद जरूरी था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.
होटल संचालन में मिलीं कई अनियमितताएं
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि भवन मूल रूप से ढाई मंजिला था, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग पांच मंजिला बना दिया गया. जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या खिड़कियां सीलबंद थीं, एंट्री प्रवेश एग्जिट का केवल एक ही रास्ता था साथ ही मुख्य दरवाजे पर सेंसर लगाथा, जिससे आग लगने के दौरान लोगों के बाहर निकलने में कठिनाई हुई. विदेशी नागरिकों के उपयोग किए जाने वाले कई कमरों में खाना पकाने के लिए हीटर रखे गए थे. जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग लगने की घटना में इन हीटरों की कोई भूमिका थी या नहीं.
फरार मैनेजर की तलाश में पांच टीमें
पुलिस ने होटल के प्रबंधक जय मिश्रा को गिरफ्तार करने के लिए पांच विशेष टीमें गठित की हैं. मिश्रा फिलहाल फरार है. वहीं होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
CFSL करेगी गहन जांच
केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाएगी. पुलिस प्रमुख चश्मदीद गवाह केसर सिंह की भी तलाश कर रही है, जिसका बयान जांच में अहम माना जा रहा है. पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान होटल मालिक लवकेश बजाज ने दावा किया कि होटल का पूरा संचालन मैनेजर जय मिश्रा के हाथों में था. सभी लाइसेंस भी उसी के नाम पर लिए गए थे. हालांकि पुलिस का कहना है कि बजाज ही होटल का वास्तविक मालिक है और उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है. पुलिस जांच के तहत स्थानीय निवासियों, दुकानदारों, होटल कर्मचारियों और अन्य गवाहों से भी पूछताछ कर रही है.
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें गैर इरादतन हत्या, आग के माध्यम से नुकसान पहुंचाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालना और आग के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण जैसी धाराएं शामिल हैं.
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में मारे गए विदेशी नागरिकों के शवों को उनके परिजनों और संबंधित दूतावासों को सौंपने से पहले डीएनए जांच और अन्य सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी. पुलिस ने कहा है कि होटल के स्वामित्व, प्रबंधन, लाइसेंसिंग और संचालन से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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By Pritish Sahay
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