ePaper

डाउन सिंड्रोम से पीड़ित धनबाद की एंजेलीना इंटरनेशनल फोटोग्राफी प्रतियोगिता के फाइनल में

Updated at : 14 Oct 2023 8:25 PM (IST)
विज्ञापन
डाउन सिंड्रोम से पीड़ित धनबाद की एंजेलीना इंटरनेशनल फोटोग्राफी प्रतियोगिता के फाइनल में

एंजेलीना मेगडालीन एभिन (Angelina Magdalene Ebhin) धनबाद की रहने वाली है. उसकी शुरुआती शिक्षा धनबाद के डिगवाडीह स्थित माउंट कारमेल स्कूल से हुई है. एंजेलीना ने जो एंट्री भेजी थी, उसका शीर्षक है- आई एम बिग एंड आई एम रेयर. एंजेलीना की सोच ने जजों को काफी प्रभावित किया है.

विज्ञापन
undefined

डाउन सिंड्रोम से पीड़ित धनबाद की एक बच्ची इंटरनेशनल फोटोग्राफी प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंच गई है. 14 साल की इस बच्ची का नाम एंजेलीना मेगडालीन एभिन (Angelina Magdalene Ebhin) है. वह धनबाद की रहने वाली है. उसकी शुरुआती शिक्षा धनबाद के डिगवाडीह स्थित माउंट कारमेल कॉन्वेंट स्कूल से हुई है. एंजेलीना ने जो एंट्री भेजी थी, उसका शीर्षक है- आई एम बिग एंड आई एम रेयर (I am Big & I am Rare). एंजेलीना की सोच ने जजों को काफी प्रभावित किया है. उसने दो शॉट्स लिए थे. इसको टाइटिल दिया- ‘आई एम रेयर’ और ‘आई एम बिग’. इसमें एक तस्वीर में बच्चा हाथी नहा रहा है, जबकि दूसरे फोटो में ग्रे लंगूर है. दोनों तस्वीरें उसने जंगल में पिकनिक मनाने के दौरान लिए थे.

undefined

एंजेलीना डाउन सिंड्रोम एसोसिएशन के ‘माई पर्सपेक्टिव’ फोटोग्राफी कॉम्पिटिशन के फाइनल में पहुंच गई है. अपनी इस उपलब्धि से एंजेलीना बेहद खुश है. उसने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं. मुझे फोटोग्राफी करना बहुत अच्छा लगता है.’

undefined

एंजेलीना ने कहा कि जब मैं बहुत छोटी थी, तब मेरे पिताजी ने मुझे सोनी का कैमरा दिया. खेलने के दौरान मैंने कैमरा चलाना सीखा. कैमरा और मोबाइल दोनों से फोटोग्राफी करना मुझे पसंद है. मैं जब पांच साल की थी, तभी से कैमरा ऑपरेट कर रही हूं. मुझे वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी करना बहुत पसंद है. मुझे पेड़-पौधे और जानवर अच्छे लगते हैं. इस प्रतियोगिता में दुनिया भर के बच्चे भाग लेते हैं. भारत, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका के बच्चे पहली बार इसमें भाग ले रहे हैं.

Also Read: सैकत की फोटो Close to my eyes को मिला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार, कोटाम गांव के बच्चे की तस्वीर ने दिलायी उपलब्धि
undefined

बता दें कि डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक स्थिति है, जो अतिरिक्त क्रोमोजोम की मौजूदगी की वजह से होता है. करीब एक हजार में से एक बच्चे में यह स्थिति पाई जाती है. इस वक्त ब्रिटेन में करीब 40 हजार बच्चे हैं, जिनमें डाउन सिंड्रोम के लक्षण हैं.

undefined

डाउन सिंड्रोम से जूझ रहे हर बच्चे को कुछ सीखने में दिक्कतें पेश आतीं हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हर शख्स को अपनी मजबूती और कमजोरी होती है. उनमें कुछ विशेषताएं भी होतीं हैं, जो उन्हें खास बानाती हैं.

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola