झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Published by : Sameer Oraon Updated At : 11 May 2026 11:06 AM

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आलमगीर आलम

Alamgir Alam: सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके निजी सचिव संजीव लाल को जमानत दे दिया है. उन दोनों टेंडर कमीशन मामले में गिरफ्तार किया गया था.

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Alamgir Alam, रांची: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है. आलमगीर आलम को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 मई 2024 को टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया था. यह कार्रवाई उनके करीबियों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में 32.20 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद हुई थी.

हाईकोर्ट में जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट दी थी चुनौती

ज्ञात हो कि झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और उनके पीए संजीव लाल की जमानत याचिका खारिज कर चुका था, जिसके बाद से उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी थी. सुनवाई के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की ओर से कहा गया कि इस मामले में उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है. न ही उनके यहां से किसी तरह के कोई पैसे बरामद हुए थे. ऐसे में उन्हें राहत मिलनी चाहिए. इसके अलावा पूर्व मंत्री के अधिवक्ताओं ने उनकी बीमारी का भी हवाला देते हुए को जमानत की गुहार लगाई.

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ईडी ने क्या दी दलील

जबकि ईडी की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को भी टेंडर आवंटन के बाद कमीशन का पैसा मिलता था. उनके पीएस संजीव लाल के यहां से मिली डायरी में यह लिखा गया था कि मंत्री को भी कमीशन का पैसा दिया जाता है. ऐसे में उन्हें राहत नहीं दी जा सकती है.

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ईडी ने गवाहों को प्रभावित करने की जताई थी आशंका

आलमगीर आलम की जमानत मामले में इससे पहले 2 अप्रैल को भी सुनवाई हुई थी, जिसमें जांच एजेंसी ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट में अभी चार महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होना बाकी हैं, ऐसे में अभियुक्तों को रिहा करना उचित नहीं होगा. ईडी ने कोर्ट के समक्ष यह आशंका भी जताई थी कि यदि इन आरोपियों को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वे बाहर निकलकर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. हालांकि, इन तमाम विरोधों के बावजूद अदालत ने अब उन्हें जमानत की राहत प्रदान कर दी है.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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