कोरोना संक्रमित शव के दाह संस्कार के लिए मांगे 25 हजार रुपये, गांव लाकर बेटे ने खुद की अंत्येष्टि, नहीं शामिल हुए ग्रामीण

Updated at : 01 Jun 2021 9:50 AM (IST)
विज्ञापन
कोरोना संक्रमित शव के दाह संस्कार के लिए मांगे 25 हजार रुपये, गांव लाकर बेटे ने खुद की अंत्येष्टि, नहीं शामिल हुए ग्रामीण

इस कोरोना काल में मानव के विभिन्न रूप देखने को मिल रहे हैं. यहां लोगों की जान के बाद दाह संस्कार के लिए भी रुपये का खासा महत्व बढ़ गया है.अररिया के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के खाबदाह पंचायत के कन्हैली वार्ड संख्या 8 निवासी लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना के कारण रविवार रात मधेपुरा के मेडिकल कॉलेज में हो गयी. वहां पर जब परिजनों ने दाह संस्कार कराना चाहा तो उसके एवज में 25 हजार रुपये की मांग की गयी. रुपये नहीं रहने के कारण परिजन एंबुलेंस से शव को लेकर अपने गांव पहुंचे. यहां शव के दाह संस्कार के लिए ग्रामीण तो नहीं पहुंचे, और न ही प्रशासन को सूचित किया गया. इसके बाद बगैर पीपीइ किट के ही शव का दाह संस्कार पुत्र द्वारा किया गया. हैरत की बात यह है कि किसी पदाधिकारी के द्वारा सुधि तक नहीं ली गयी. वहीं स्थानीय स्वास्थ विभाग को कोरोना से मौत होने की जानकारी भी नहीं है.

विज्ञापन

इस कोरोना काल में मानव के विभिन्न रूप देखने को मिल रहे हैं. यहां लोगों की जान के बाद दाह संस्कार के लिए भी रुपये का खासा महत्व बढ़ गया है.अररिया के नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के खाबदाह पंचायत के कन्हैली वार्ड संख्या 8 निवासी लगभग 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत कोरोना के कारण रविवार रात मधेपुरा के मेडिकल कॉलेज में हो गयी. वहां पर जब परिजनों ने दाह संस्कार कराना चाहा तो उसके एवज में 25 हजार रुपये की मांग की गयी.

रुपये नहीं रहने के कारण परिजन एंबुलेंस से शव को लेकर अपने गांव पहुंचे. यहां शव के दाह संस्कार के लिए ग्रामीण तो नहीं पहुंचे, और न ही प्रशासन को सूचित किया गया. इसके बाद बगैर पीपीइ किट के ही शव का दाह संस्कार पुत्र द्वारा किया गया. हैरत की बात यह है कि किसी पदाधिकारी के द्वारा सुधि तक नहीं ली गयी. वहीं स्थानीय स्वास्थ विभाग को कोरोना से मौत होने की जानकारी भी नहीं है.

खाबदह पंचायत के कन्हैली गांव निवासी घनश्याम ठाकुर पिता योगानंद ठाकुर को लगभग 10 दिन पूर्व घर पर ही बीमार होने के बाद परिजन ने इलाज के लिए फारबिसगंज में भर्ती कराया. जहां चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए मधेपुरा के अस्पताल में भर्ती कराया. रविवार देर रात मधेपुरा मेडिकल कॉलेज में उनका निधन हो गया. मृतक की पत्नी के अलावा दो पुत्र गोपाल ठाकुर, विशाल ठाकुर व एक पुत्री काजल कुमारी का रो-रो कर बुरा हाल है.

Also Read: अपहृत मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदर मंत्री का मिला शव, आक्रोशित लोगों ने एनएच पर किया विरोध प्रर्दशन

परिजनों ने बताया कि मधेपुरा में दाह संस्कार के लिए 25 हजार रुपये का डिमांड किया गया. रुपये नहीं रहने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से सोमवार को शव को घर लाकर दाह संस्कार कराया गया. वहीं पंचायत की मुखिया विनीता कुमारी ने बताया कि जानकारी मिलते ही मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दिया गया. साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया. इतना ही नहीं घटना को लेकर सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को जानकारी दी गयी. लेकिन कोई पदाधिकारी मृतक के घर पहुंच सुधि तक नहीं लिया.

वहीं मामले में पूछे जाने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ रूपेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है, मृतक के घर पहुंच जानकारी ली जा रही है. परिजनों का हेल्थ चेकअप कराया जायेगा.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola