YouTube से कमाई करना होगा मुश्किल, दोगुना हुआ वॉच टाइम, Shorts क्रेटर्स के लिए भी नया नियम

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यूट्यूब (फोटो: unsplash.com)

YouTube ने YPP के नियमों में बदलाव किया है, जिससे नए क्रिएटर्स के लिए कमाई शुरू करना मुश्किल होगा. अब 8,000 घंटे वॉच टाइम या 2 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज जरूरी होंगे. Shorts से कमाई के लिए हर 90 दिनों में 1 करोड़ Views का टारगेट भी तय किया गया है.

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YouTube से कमाई करना अब नए क्रिएटर्स के लिए थोड़ा मुश्किल होने वाला है. प्लेटफॉर्म ने अपने YouTube Partner Program (YPP) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इस प्रोग्राम के जरिए क्रिएटर्स अपने वीडियो से कमाई करते हैं. नए नियमों के मुताबिक, YPP के लिए योग्य होने के लिए अब क्रिएटर्स को पहले के मुकाबले दोगुने वॉच आवर्स (Watch Hours) पूरे करने होंगे. इसके अलावा YouTube Shorts के जरिए भी ज्यादा व्यूज हासिल करने होंगे.

YouTube क्रिएटर्स के लिए क्या बदलेगा?

YouTube ने अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए क्रिएटर्स के लिए कमाई से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स के लिए YouTube Partner Program (YPP) में शामिल होकर ऐड्स और यूट्यूब प्रीमियम से कमाई करना पहले के मुकाबले मुश्किल हो जाएगा.

नए नियम के तहत, YouTube पर कमाई शुरू करने के लिए नए क्रिएटर्स को पिछले 365 दिनों में अपने वीडियो पर कुल 8,000 घंटे का वॉच टाइम पूरा करना होगा. वहीं, Shorts बनाने वालों को पिछले 90 दिनों में 2 करोड़ व्यूज लाने होंगे.

अब तक यह लिमिट 4,000 घंटे के वॉच टाइम या 1 करोड़ Shorts व्यूज की थी. हालांकि, 1,000 सब्सक्राइबर्स की शर्त में कोई बदलाव नहीं किया गया है. एक राहत की बात यह है कि जो क्रिएटर्स पहले से ही YouTube Partner Program का हिस्सा हैं, उन पर इन नए नियमों का कोई असर नहीं पड़ेगा.

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YouTube Shorts के लिए नया नियम

YouTube ने एक और बड़ा बदलाव किया है, जिसका असर नए ही नहीं, पुराने क्रिएटर्स पर भी पड़ सकता है. दरअसल, Shorts से कमाई को लेकर कंपनी ने नया नियम लागू किया है. 1 फरवरी से Shorts पर ऐड्स और सब्सक्रिप्शन से पैसे कमाने के लिए क्रिएटर्स को हर 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ व्यूज लाने होंगे. यानी अगर किसी क्रिएटर के Shorts को लगातार 90 दिनों में 1 करोड़ व्यूज नहीं मिलते हैं, तो उसकी Shorts से होने वाली कमाई पर असर पड़ सकता है.

जो चैनल इस 10 मिलियन व्यूज के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएंगे, वे YouTube के पार्टनर प्रोग्राम से बाहर नहीं होंगे. वे पहले की तरह अपनी लॉन्ग-फॉर्म वीडियो से कमाई जारी रख सकेंगे. हालांकि, Shorts से होने वाली कमाई तब तक रुक जाएगी, जब तक चैनल दोबारा 10 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पूरा नहीं कर लेता.

Shorts क्रिएटर्स के लिए कमाई के नए रास्ते

YouTube का कहना है कि जो क्रिएटर्स पहले से ही Shorts के जरिए अच्छी-खासी कमाई कर रहे हैं, उन पर इस नए नियम का असर पड़ने चांस कम है. नए नियम लागू होने से पहले क्रिएटर्स को YouTube Studio में जाकर नए टर्म्स को रिव्यू करके उन्हें स्वीकार करना होगा.

वहीं, जिन चैनलों के Shorts पर 10 मिलियन व्यूज पूरे नहीं हो रहे हैं, उनके लिए YouTube कमाई के दूसरे रास्ते भी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. इनमें YouTube Shopping से जुड़े बोनस, ब्रांड डील्स के लिए इंसेंटिव और नए ट्रेंड शुरू करने या उन्हें आगे बढ़ाने पर एक्स्ट्रा कमाई जैसे ऑप्शन शामिल हो सकते हैं.

YPP के शुरुआती लेवल की शर्तें पहले जैसी

YouTube के पार्टनर प्रोग्राम का शुरुआती लेवल पहले की तरह ही रहेगा. इस लेवल पर क्रिएटर्स को फैन फंडिंग और शॉपिंग टूल्स का फायदा मिलता रहेगा. इसके लिए क्रिएटर के चैनल पर कम से कम 500 सब्सक्राइबर, पिछले 90 दिनों में 3 पब्लिक वीडियो अपलोड और इनमें से कोई एक शर्त पूरी होना जरूरी है (3,000 घंटे का क्वालिफाइड वॉच टाइम या 30 लाख Shorts व्यूज).

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अंकित आनंद

लेखक के बारे में

By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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