आधा भारत नहीं जानता क्या है फोन चार्ज करने का 80-20 रूल, जान जाएगा तो बैटरी रहेगी टकाटक

Author :Shivani Shah
Published by :Shivani Shah
Updated at :10 Jan 2026 10:54 AM
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Smartphone Charging Tips

स्मार्टफोन चार्जिंग टिप्स

Smartphone Charging 80-20 Rule: आज स्मार्टफोन का इस्तेमाल तो सब करते हैं, लेकिन बहुत ही कम लोग ये जानते हैं कि अगर सही तरीके से स्मार्टफोन चार्ज न किया जाये, तो बैटरी की लाइफ पर असर तो पड़ता ही है, पर साथ में स्लो चार्ज या जल्दी बैटरी ड्रेन जैसे प्रॉब्लम होने लगती है. ऐसे में अगर आप अपने स्मार्टफोन को इस तरह की समस्याओं से बचाना चाहते हैं, तो फिर यहां जानिए क्या है 80-20 चार्जिंग रूल.

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Smartphone Charging 80-20 Rule: स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक ऐसा हिस्सा बन गया है, जिसे चाहकर भी इग्नोर नहीं कर सकते. सुबह के अलार्म से लेकर देर रात सोशल मीडिया स्क्रॉल करने तक, हर वक्त हमारा स्मार्टफोन हमारे साथ रहता है. हालांकि, इस दौरान सबसे बड़ी परेशानी होती है स्मार्टफोन को बार-बार चार्ज पर लगाना. घंटों फोन इस्तेमाल करने पर फोन की बैटरी खत्म हो जाती है और हम उसे फटाफट चार्ज पर लगा देते हैं. कई यूजर्स तो चार्ज पर लगाकर भी फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो वहीं कई यूजर्स घंटों तक फोन को चार्ज होने के लिए छोड़ देते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि स्मार्टफोन को चार्ज करने का भी एक तरीका है, जिसे 80-20 रूल कहा जाता है.

इस रूल के जरिए न सिर्फ स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ती है, बल्कि अच्छा बैटरी बैकअप भी मिलता है. ऐसे में अगर आप भी अपने फोन की बैटरी लाइफ को बढ़ाना चाहते हैं, तो फिर 80:20 चार्जिंग रूल आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है. ऐसे में यहां जानिए क्या है ये रूल.

क्या है 80-20 चार्जिंग रूल?

कई यूजर्स स्मार्टफोन को तब तक यूज करते हैं, जब तक उसकी बैटरी पूरी तरह से डेड न हो जाये. यानी कि बैटरी जब तक 10% या 5% तक न पहुंच जाये. वहीं, जब फोन चार्ज पर लगाते भी हैं, तो उसे चार्ज पर ही इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं या फिर घंटों तक फूल चार्ज होने के लिए छोड़ देते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए. हमेशा स्मार्टफोन चार्ज करने के लिए 80-20 रूल को फॉलो करना चाहिए. यानी कि स्मार्टफोन की बैटरी कभी भी 20% से नीचे नहीं जाने दें और 80% से ज्यादा चार्ज न करें. क्योंकि, 0% तक बैटरी डिस्चार्ज होना और 100% तक पूरा चार्ज होना, दोनों ही बैटरी के लिए खराब होते हैं.

क्यों नहीं करना चाहिए 0% से 100% तक चार्ज?

आजकल के ज्यादातर स्मार्टफोन लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी के साथ आते हैं, जो ज्यादा चार्ज होने और बहुत ज्यादा डिस्चार्ज होने पर जल्दी कमजोर हो जाती हैं. पुरानी एसिड बैटरी पर इस पैटर्न का कोई असर नहीं पड़ता था, लेकिन 0% तक बैटरी डिस्चार्ज होने से आज के लिथियम-आयन बैट्रिस पर ज्यादा दबाव पड़ता है. वहीं, 100% तक चार्ज रखने से बैटरी जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगती है. ऐसे में लंबे समय तक 0%-100% चार्जिंग पैटर्न फॉलो करने से बैटरी की लाइफ जल्दी खत्म हो जाती है, जिसका असर आपके फोन पर देखने को मिलता है. इसलिए जरूरी है कि फोन चार्ज करने के लिए हमेशा 80-20 रूल ही फॉलो करना चाहिए.

80-20 रूल से क्या फायदा होता है?

  • इससे फोन की बैटरी लाइफ लंबे समय तक बनी रहेगी.
  • ओवरहीटिंग की प्रॉब्लम नहीं होगी.
  • चार्ज जल्दी खत्म होने जैसी समस्या नहीं होगी.
  • बैटरी रिप्लेसमेंट की जरूरत जल्दी नहीं पड़ती है.
  • इन बातों का जरूर रखें ध्यान
  • फोन को गलती से भी रातभर चार्ज पर लगा कर न छोड़ें .
  • अगर फोन चार्ज पर लगाने के कुछ देर बाद गर्म हो गया है, तो उसे तुरंत चार्ज से निकाल दें.
  • लोकल या सस्ते चार्जर की जगह ओरिजिनल चार्जर का ही इस्तेमाल करें.

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शिवानी कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर टेक-ऑटो कंटेंट राइटर हैं और डिजिटल मीडिया में वह 3 सालों से सक्रिय हैं. वह टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं. वह आसान भाषा और साफ तरीके से खबर लिखती हैं. टेक कैटेगरी में वह स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गैजेट्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स पर खबर लिखती हैं. ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी शिवानी नई कार-बाइक लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ऑटो अपडेट्स, कार और बाइक से जुड़े टिप्स व नई तकनीक पर खबरें लिखती हैं. वह टेक और ऑटो की खबरों को आसान तरीके से पेश करती हैं, ताकि हर रीडर उसे आसानी से समझ सके. उनकी लेखन शैली आसान, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है. शिवानी ने करीम सिटी कॉलेज जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. इसके बाद उन्होंने अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से पत्रकारिता में अपनी मास्टर्स की डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे कंटेन्ट राइटिंग की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिवानी ने Lagatar.Com और The News Post जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है. यहां उन्होंने टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और अन्य न्यूज बीट पर कंटेंट तैयार किया. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में उनकी खास रुचि है और वह लगातार नए विषयों पर बेहतर और भरोसेमंद कंटेंट तैयार कर रही हैं. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शिवानी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि रीडर्स तक सही, काम की खबरें और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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