Muse सॉफ्टवेयर क्या है? साइबर अटैक से यूरोप के एविएशन सेक्टर में मचा हड़कंप

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 21 Sep 2025 7:27 PM

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Muse सॉफ्टवेयर को जानिए, जिसपर साइबर अटैक होने से उड़ नहीं पाए हवाई जहाज / सांकेतिक तस्वीर

Collins Aerospace के Muse सॉफ्टवेयर पर साइबर अटैक से यूरोप के एयरपोर्ट्स में चेक-इन सिस्टम ठप, यात्रियों को लंबी कतारों और फ्लाइट कैंसिलेशन का सामना करना पड़ा, जानिए What Is Muse Software

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What Is Muse Software ? : यूरोप के एयरपोर्ट पर साइबर अटैक से मचा हड़कंप – Muse सॉफ्टवेयर बना वजह: यूरोप समेत दुनियाभर के कई एयरपोर्ट्स पर शनिवार को एक बड़े साइबर अटैक (Cyber Attack) ने हड़कंप मचा दिया. इस हमले ने एयरपोर्ट्स के ऑटोमैटिक सिस्टम को ठप कर दिया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. खासतौर पर लंदन का हीथ्रो, ब्रुसेल्स और बर्लिन एयरपोर्ट इस हमले से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए.

क्या है Muse सॉफ्टवेयर? (What Is Muse Software ?)

Muse एक मल्टी-यूजर पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम है जिसे Collins Aerospace द्वारा विकसित किया गया है. यह सॉफ्टवेयर एयरलाइंस को एक ही हार्डवेयर पर चेक-इन और बोर्डिंग की सुविधा देता है. इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि एयरलाइंस को अतिरिक्त स्टाफ की जरूरत भी नहीं पड़ती.

साइबर अटैक से Muse सिस्टम हुआ ठप

Collins Aerospace के Muse सॉफ्टवेयर पर हुए साइबर अटैक ने यूरोप के कई बड़े एयरपोर्ट्स की कार्यप्रणाली को बाधित कर दिया. चेक-इन और बोर्डिंग जैसे काम जो ऑटोमैटिक होते थे, उन्हें मैनुअली करना पड़ा. इससे फ्लाइट्स में देरी और रद्द होने की घटनाएं सामने आईं.

मैनुअल चेक-इन से बढ़ी यात्रियों की परेशानी

ऑटोमैटिक सिस्टम के ठप होने के बाद एयरपोर्ट्स को मैनुअल चेक-इन की ओर लौटना पड़ा. लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण यात्रियों को लंबी कतारों में लगना पड़ा. बोर्डिंग लिस्ट्स को फोन और अन्य माध्यमों से मैनुअली तैयार किया गया, जिससे घंटों की देरी हुई.

RTX और Collins Aerospace की प्रतिक्रिया

RTX, जो Collins Aerospace की पैरेंट कंपनी है, ने इस साइबर अटैक को “cyber-related disruption” बताया और कहा कि वे समस्या की पहचान कर चुके हैं और समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं. हालांकि, तकनीकी विवरण साझा नहीं किए गए हैं.

डिजिटल निर्भरता की चुनौती

यह घटना दर्शाती है कि एयर ट्रैवल इंडस्ट्री किस हद तक डिजिटल सिस्टम पर निर्भर हो चुकी है. Muse जैसे साझा प्लेटफॉर्म पर हमला पूरे नेटवर्क को प्रभावित कर सकता है, भले ही फ्लाइट सेफ्टी सिस्टम सुरक्षित रहे.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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