Apple iPhone का प्रोडक्शन अगर भारत में होगा बंद, तो किसे होगा नुकसान? यहां जानिए

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Apple India manufacturing Halt Impact: अगर Apple भारत में iPhone का प्रोडक्शन बंद करता है, तो इससे देश को रोजगार, निवेश और टैक्स रेवेन्यू में बड़ा नुकसान होगा. वहीं, Apple को भी सस्ती मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन और भारतीय बाजार में पकड़ कमजोर होने जैसे घाटे का सामना करना पड़ेगा. जानिए कैसे
Apple India manufacturing: Apple अगर भारत में iPhone का प्रोडक्शन बंद करता है, तो इसके नतीजे सिर्फ कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार व्यवस्था पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं. यह सिर्फ एक टेक्नोलॉजी कंपनी की रणनीति नहीं होगी, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन (Global Supply Chain) और मेक इन इंडिया (Make In India) जैसी बड़ी योजनाओं के लिए एक बड़ा झटका बन सकता है.
भारत को कैसे होगा नुकसान?
1. रोजगार पर सीधा असर
Apple के साथ जुड़ी कंपनियां जैसे Foxconn, Wistron और Pegatron भारत में लाखों लोगों को रोजगार देती हैं. उत्पादन रुकने का मतलब है कि बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियों पर तलवार लटक सकती है.
2. ‘मेक इन इंडिया’ की साख पर सवाल
Apple जैसी ग्लोबल कंपनी का भारत में उत्पादन करना, ‘मेक इन इंडिया’ के लिए एक ब्रांड वैल्यू थी. अगर प्रोडक्शन बंद होता है, तो बाकी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भारत में निवेश करने से कतराने लगेंगी.
3. सरकारी राजस्व में कमी
iPhoneमैन्युफैक्चरिंग से सरकार को करोड़ों रुपये टैक्स और कस्टम ड्यूटी के रूप में मिलते हैं. प्रोडक्शन शिफ्ट होने से यह राजस्व सीधे तौर पर प्रभावित होगा.
Apple को कैसे होगा नुकसान?
1. कम लागत का लाभ खत्म
भारत में मैन्युफैक्चरिंग चीन की तुलना में सस्ती है. यहां उत्पादन बंद कर अन्य देशों में शिफ्ट करने से Apple की यूनिट कॉस्ट बढ़ सकती है.
2. सप्लाई चेन में बाधा
भारत Apple की ग्लोबल सप्लाई चेन में एक अहम पिलर बन चुका है. अगर यह कड़ी टूटती है, तो ग्लोबल डिलीवरी टाइम और स्टॉक में दिक्कतें आ सकती हैं.
3. भारतीय बाजार से दूरी का खतरा
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है. लोकल प्रोडक्शन से iPhone की कीमत कंट्रोल में रहती है. अगर प्रोडक्शन बंद होता है, तो कीमतें बढ़ेंगी और बिक्री गिर सकती है.
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ग्लोबल रणनीति पर भी असर
“China+1” पॉलिसी कमजोर होगी
Apple ने चीन पर निर्भरता घटाने के लिए भारत में प्रोडक्शन शिफ्ट किया था. यह योजना अगर बीच में टूटती है, तो “China+1” पॉलिसी की विश्वसनीयता भी सवालों में आ जाएगी.
अन्य ग्लोबल ब्रांड्स की हिचक
Apple जैसी बड़ी कंपनी अगर भारत से हटती है, तो Samsung, Google और Tesla जैसे ब्रांड्स की भी निवेश रणनीति बदल सकती है.
किसका नुकसान ज्यादा?
कुल मिलाकर कहें, तो अगर Apple अपने आईफोन्स की मैन्युफैक्चरिंग भारत में रोक देता है, तो इसका बड़ा नुकसान ऐपल और भारत, दोनों को हो सकता है, लेकिन भारत को ज्यादा झटका लगेगा, क्योंकि इसमें रोजगार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय भरोसा शामिल है. वहीं Apple की सप्लाई चेन और लागत भी प्रभावित होंगी.
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By Rajeev Kumar
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