Google AI ने 10 साल पुरानी बैक्टीरिया मिस्ट्री को सिर्फ 48 घंटे में सुलझाया

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 24 Feb 2025 11:31 PM

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Google AI Solved Superbug Mystery in 48 Hours / X

Google AI अब सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. यह न केवल नई दवाओं की खोज को तेज करेगा, बल्कि बीमारियों की रोकथाम और इलाज को भी बेहतर बनाएगा.

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Google AI Solved Superbug Mystery in 48 Hours: आज के समय में बीमारियों का इलाज करना आसान नहीं रहा. खासकर जब बैक्टीरिया दवाओं पर असर करना बंद कर दे. लेकिन अब इस समस्या का हल आ गया है! गूगल के AI टूल Co-Scientist ने एक ऐसा कमाल किया है, जो विज्ञान की दुनिया में मील का पत्थर साबित हो सकता है. AI ने 10 साल पुरानी सुपरबग पहेली को सिर्फ 48 घंटों में हल कर दिया. यह खोज दवा निर्माण में क्रांति ला सकती है और भविष्य में बीमारियों की रोकथाम को और आसान बना सकती है.

सुपरबग क्या हैं?

सुपरबग्स वे बैक्टीरिया होते हैं, जिन पर एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं. यानी, अगर किसी को संक्रमण हो जाए और उस पर दवाएं काम न करें, तो इलाज बेहद मुश्किल हो जाता है. कुछ आम सुपरबग्स में MRSA (Methicillin-resistant Staphylococcus aureus) और ड्रग-रेसिस्टेंट टीबी शामिल हैं.

सुपरबग क्यों खतरनाक है?

ज्यादा मौतें: WHO के अनुसार, हर साल 1.27 मिलियन से ज्यादा लोगों की मौत एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के कारण होती है.
लंबे अस्पताल में भर्ती रहना: दवा-प्रतिरोधी संक्रमण का इलाज मुश्किल होता है, जिससे मरीजों को अस्पताल में ज्यादा दिन रहना पड़ता है.
बढ़ते खर्चे: सुपरबग्स का इलाज पूरी दुनिया में अरबों डॉलर खर्च करवाता है.

AI ने सुपरबग मिस्ट्री को 48 घंटे में कैसे सुलझाया?

Imperial College London के वैज्ञानिक पिछले 10 सालों से यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि बैक्टीरिया एंटीबायोटिक के खिलाफ इतनी तेजी से ताकतवर कैसे बन रहे हैं. उनका मानना था कि बैक्टीरिया वायरस की “पूंछ” चुराकर रेजिस्टेंस जीन को एक-दूसरे में फैलाते हैं. इस गुत्थी को सुलझाने में AI ने बड़ी मदद की. जो रिसर्चर्स 10 साल में नहीं समझ पाए, AI ने सिर्फ 48 घंटे में हल कर दिया!

AI से अब इलाज

AI अब सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. यह न केवल नई दवाओं की खोज को तेज करेगा, बल्कि बीमारियों की रोकथाम और इलाज को भी बेहतर बनाएगा. आने वाले समय में AI का रोल हेल्थकेयर, रिसर्च और पब्लिक हेल्थ में और भी ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है!

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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