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AI अवेयरनेस में भारत अव्वल, India AI Mission-Intel ने बनाया Guinness रिकॉर्ड

Updated at : 18 Feb 2026 1:31 PM (IST)
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India AI Mission

India AI Mission-Intel ने बनाया Guinness रिकॉर्ड

IndiaAI Mission और Intel India ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 के दौरान शुरू किए गए AI जिम्मेदारी अभियान को 24 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा लोगों ने समर्थन दिया. इसी वजह से इस अभियान को 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी के लिए सबसे अधिक प्लेज जुटाने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का खिताब मिला है.

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की तेज रफ्तार दुनिया में जहां नए इन्वेंशन सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं इसके इस्तेमाल को लेकर अवेयरनेस फैलाना भी उतना ही जरूरी है. भारत ने इसी दिशा में एक अनोखी मिसाल पेश की है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सपोर्ट के तहत चल रही IndiaAI Mission ने Intel India के साथ मिलकर 24 घंटे के भीतर AI जिम्मेदारी अभियान के लिए सबसे ज्यादा शपथ (pledges) जुटाकर Guinness World Records में जगह बना ली है. यह अभियान 16 फरवरी सुबह 8 बजे शुरू हुआ था और इसका उद्देश्य लोगों को नैतिक, सुरक्षित और जिम्मेदार AI इस्तेमाल करने को लेकर अवेयर करना था.

MeitY के IndiaAI Mission की बड़ी पहल

यह अभियान MeitY के तहत IndiaAI Mission द्वारा Intel India के सहयोग से चलाया गया. ऑफिशियली “Most pledges received for an AI responsibility campaign in 24 hours” कैटेगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रयास किया गया, जो सफल रहा.

केंद्र सरकार ने इसे सिर्फ रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक बड़ा अभियान बताया है. इसका मकसद लोगों में भरोसा, पारदर्शिता (Ttransparency), समावेशन (Inclusion) और गलत सूचना से बचाव जैसे मूल्यों के साथ AI के उपयोग को बढ़ावा देना है.

कहां और कैसे लें AI जिम्मेदारी की शपथ?

AI जिम्मेदारी शपथ के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल तैयार http://aipledge.indiaai.gov.in/ किया गया है. यह प्लेटफॉर्म सिर्फ एक नॉर्मल फॉर्म नहीं है, बल्कि इंटरएक्टिव एक्सपीरियंस के रूप में डिजाइन किया गया है. इसमें पार्टिसिपेंट्स को कुछ वास्तविक जीवन से जुड़े सवालों के जरिए सोचने और समझने का मौका दिया जाता है, ताकि वे AI के जिम्मेदार उपयोग को बेहतर तरीके से समझ सकें.

शपथ पूरी करने के बाद पार्टिसिपेंट्स को IndiaAI और Intel India की ओर से एक डिजिटल ऑनररी बैज दिया जाता है. साथ ही, उन्हें सरकार द्वारा तैयार किए गए AI लर्निंग रिसोर्सेज तक भी एक्सेस मिलती है.

कोई भी ले सकता है पार्ट

आयोजकों के अनुसार, इस अभियान को इस तरह डिजाइन किया गया है कि देश के हर वर्ग का व्यक्ति इसमें आसानी से हिस्सा ले सके. इसमें माइक्रोफोन या कैमरे की जरूरत नहीं है और न ही कोई एलिजिबिलिटी कंडीशन या मिनिमम नंबर की दिक्कत है. चाहे छात्र हों, शिक्षक, अभिभावक, सरकारी अधिकारी, इंडस्ट्री से जुड़े पेशेवर या आम नागरिक हर कोई इस पहल का हिस्सा बन सकता है. खास तौर पर युवाओं को जोड़ने पर जोर दिया गया है, ताकि शुरुआती स्तर पर ही डेटा प्राइवेसी, जवाबदेही और फेक न्यूज से निपटने की समझ डेवलप हो सके.

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Shivani Shah

लेखक के बारे में

By Shivani Shah

डिजिटल पत्रकारिता में 3 सालों का अनुभव है. प्रभात खबर में जूनियर टेक कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं. टेक्नोलॉजी कैटेगरी में ये स्मार्टफोन से लेकर टेक-टिप्स, गैजेट्स, एआई, सॉफ्टवेयर और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च-बेस्ड, इन-डेप्थ और यूजर-फोकस्ड कंटेंट लिखती हैं. इसके अलावा ये ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं.

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