Orion या Unitree Go2! एआई समिट में विवाद की जड़ स्मार्ट रोबोट डॉग का असली सच क्या है?

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 19 Feb 2026 6:59 AM

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AI Summit Delhi में रोबोट डॉग विवाद: चीन का Unitree Go2, कीमत और फीचर्स

गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने एआई समिट में दिखाया रोबोट डॉग ‘Orion’, जो असल में चीन का Unitree Go2 निकला. जानें भारत में इसकी कीमत, फीचर्स और क्यों हुआ विवाद.

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दिल्ली में आयोजित एआई समिट में गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग ‘Orion’ प्रदर्शित किया. दावा किया गया कि यह उनका इन-हाउस इनोवेशन है. लेकिन जल्द ही विशेषज्ञों ने पहचान लिया कि यह दरअसल चीन की कंपनी Unitree Robotics का Unitree Go2 मॉडल है, जो पहले से ही बाजार में उपलब्ध है. रिपोर्ट्स की मानें, तो पूरे विवाद के बीच यूनिवर्सिटी को अब AI समिट से बाहर निकलने के लिए कहा गया है.

भारत में 2-3 लाख रुपये कीमत

यूनिट्री Go2 भारत में लगभग ₹2-3 लाख की कीमत पर उपलब्ध है. इसके तीन वेरिएंट – Air, Pro और EDU – भारतीय बाजार में रोबोटिक्स और ड्रोन डिस्ट्रीब्यूटर्स जैसे Robu.in, Etherbit.in, Xboom.in, FlySpark.in, Everse.in और Dronevex.in पर खरीदे जा सकते हैं.

  • Go2 Air: लगभग ₹1.45 लाख
  • Go2 Pro: ₹2.32-2.55 लाख

शिपिंग चार्ज: $399–$1000 (मॉडल और लोकेशन पर निर्भर).

चीनी रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का डेवलप किया गया यूनिट्री Go2, 2023 से ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध है.
चीनी रोबोटिक्स कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का डेवलप किया गया यूनिट्री go2, 2023 से ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध है.

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

यूनिट्री Go2 को खास बनाते हैं इसके एडवांस्ड फीचर्स:

  • बॉडी: एल्यूमिनियम अलॉय और इंजीनियरिंग प्लास्टिक
  • वजन: लगभग 16 किलो
  • स्पीड: 3.7 m/s (करीब 13 km/h)
  • बैटरी: 8000 mAh, 1-2 घंटे रनटाइम
  • सेंसिंग टेक्नोलॉजी: 3DLiDAR और 720p कैमरा
  • कनेक्टिविटी: Wi-Fi 6 और ब्लूटूथ सपोर्ट
  • कैपेबिलिटी: चलना, कूदना, स्ट्रेच करना, डांस करना, सीढ़ियां चढ़ना.

क्यों है खास?

यूनिट्री Go2 सिर्फ एक रोबोट नहीं बल्कि AI-पावर्ड स्मार्ट डॉग है. यह रियल-टाइम मैपिंग और ऑटोमैटिक ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस करता है. इंडोर और आउटडोर दोनों जगहों पर बैलेंस बनाये रखते हुए स्मूद मूवमेंट करता है.

  • Go2 Air: एंट्री-लेवल और किफायती
  • Go2 Pro: एडवांस्ड यूजर्स के लिए ज्यादा स्टेबल और कंट्रोल्ड
  • Go2-W (2025): व्हील्ड-लेग वेरिएंट, CES में लॉन्च.

विवाद क्यों हुआ?

यूनिवर्सिटी ने इसे अपनी इनोवेशन बताकर पेश किया, जबकि यह पहले से ही 2023 में लॉन्च हो चुका कमर्शियल प्रोडक्ट है. इस वजह से गलगोटियाज यूनिवर्सिटी को आलोचना का सामना करना पड़ा और रिपोर्ट्स की मानें, तो स्टॉल हटाने की नौबत आ पड़ी है.

AI समिट में ‘ओरियन’ रोबोट विवाद.

AI रोबोट डॉग कंट्रोवर्सी पर गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने सफाई में क्या कहा?

जैसे-जैसे आलोचना बढ़ी, गलगोटियाज यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी किया और खुद को उस दावे से अलग किया कि उन्होंने रोबोटिक डॉग बनाया है. यूनिवर्सिटी ने साफ कहा- “स्पष्ट कर दें: गलगोटियाज ने यह रोबोडॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है.” उन्होंने इस रोबोट को छात्रों के लिए एक सीखने का साधन बताया और इसे “चलती-फिरती क्लासरूम” कहा. विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने कदमों का बचाव करते हुए कहा कि “नवाचार की कोई सीमाएं नहीं होतीं” और विरोध को “नकारात्मक प्रचार” करार दिया.

यह भी पढ़ें: यूनिवर्सिटी ने AI समिट में चीनी रोबोट को अपना बताया, लताड़ पड़ी तो पेश की सफाई

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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