ChatGPT से मौत! क्या OpenAI ने जल्दबाजी में GPT-4o लॉन्च किया? मुश्किल में कंपनी

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 08 Nov 2025 3:22 PM

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OpenAI पर 7 मुकदमे, GPT–4o मॉडल से सुसाइड होने का बड़ा दावा

खबर है कि अमेरिका में 7 परिवारों ने OpenAI के GPT–4o मॉडल पर सुसाइड और मानसिक नुकसान बढ़ाने का आरोप लगाते हुए मुकदमे फाइल किए. सेफ्टी टेस्टिंग पर बड़ा सवाल

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अमेरिका में कुल 7 परिवारों ने ओपनएआई (OpenAI) के खिलाफ कोर्ट में मुकदमे फाइल किये हैं. आरोप यह है कि कम्पनी ने अपना जीपीटी4ओ (GPT-4o) मॉडल समय से पहले मार्केट में रिलीज कर दिया और इसकी सेफ्टी टेस्टिंग को पूरा नहीं किया गया. इनमें से 4 मुकदमे उन घटनाओं से जुड़े हैं जिनमें चैटजीपीटी (ChatGPT) के इंटरेक्शन के बाद यूजर की आत्महत्या हुई. बाकी 3 केस ऐसे लोगों से जुड़े हैं जिन्हें चैटबॉट के संवाद के बाद मानसिक भ्रम बढ़ गया और बाद में उनको मनोचिकित्सा अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

जीपीटी4ओ कब आया, और क्यों विवाद में है? (What Is GPT-4o Controversy)

ओपनएआई ने अपना जीपीटी4ओ मॉडल मई 2024 में पेश किया था और इसे डिफॉल्ट मॉडल के रूप में सेट किया गया था. बाद में अगस्त में जीपीटी5 लॉन्च किया गया, लेकिन यह मुकदमे स्पेसिफिक जीपीटी4ओ को टार्गेट कर रहे हैं, क्योंकि इस मॉडल पर आरोप था कि यह ज्यादा एग्रीएबल नेचर के साथ हानिकारक बातचीत में भी विरोध या रोकथाम से बच जाता था.

जेन शैमब्लिन केस सबसे हाईलाइट

टेक क्रंच की रिपोर्ट के अनुसार 23 वर्षीय जेन शैमब्लिन ने चैटजीपीटी के साथ लगभग चार घंटे लगातार चैट किया. चैट लॉग्स में वह बार-बार सुसाइड नोट लिखने, गन लोड करने और ड्रिंक खत्म करते ही अपनी जान लेने की बात कह रहा था. चैट के अंत में चैटजीपीटी ने कथित तौर पर जवाब दिया- रेस्ट ईजी किंग, यू डिड गुड.

परिवार का आरोप है कि यह मौत कोई एक्सिडेंट नहीं थी, यह ओपनएआई द्वारा सेफ्टी प्रॉसेस कटशॉर्ट किये जाने का प्रीडिक्टबल रिजल्ट था.

क्या कम्पनी ने गूगल जेमिनी से पहले मार्केट में पहुंचने के लिए जल्दबाजी की? (OpenAI ChatGPT vs Google Gemini)

लॉ सूट्स में यह दावा भी किया गया है कि ओपनएआई ने गूगल जेमिनी से पहले मार्केट में पहुंचने के लिए सेफ्टी-टेस्टिंग जानबूझकर कम कर दी. पहले भी कम्पनी पर यह आरोप उठते रहे कि चैटजीपीटी सुसाइडल या खतरनाक मानसिक भ्रम को रिइनफोर्स कर सकता है.

एक अन्य केस में 16 वर्षीय एडम रेन की मौत भी इसी प्रकार चैटजीपीटी चैट के बाद रिपोर्ट हुई थी. कम्पनी का यह कहना है कि सेफगार्ड्स शॉर्ट एक्सचेंजेस में ज्यादा रिलाएबल रहते हैं, लेकिन लॉन्ग बैक-टू-बैक कन्वर्सेशन में डिग्रेड हो सकते हैं.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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