AI Anchor के साथ नये कलेवर में आ रहा डीडी किसान चैनल, जानिए कब से शुरू होंगी सेवाएं

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 25 May 2024 4:47 PM

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DD Kisan AI Anchors : दूरदर्शन अपने किसान केंद्रित चैनल डीडी किसान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दो समाचार एंकर पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. एआई कृष और एआई भूमि नामक वर्चुअल एंकर चैनल पर देश भर के किसान समुदाय को कृषि अनुसंधान, मंडी की कीमतों, मौसम अलर्ट और सरकारी योजनाओं पर अपडेट प्रदान करेंगे.

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DD Kisan AI Anchor : दूरदर्शन अपने किसान-केंद्रित चैनल डीडी किसान के लिए दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समाचार एंकर पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. किसी भारतीय सरकारी चैनल के लिए यह पहली बार होगा, कि उसने इस तरह का कदम उठाया है. आपको बता दें कि दूरदर्शन चैनल डीडी किसान 26 मई 2024 को अपनी 9वीं वर्षगांठ मना रहा है, यह भारत के सरकारी प्रसारण इतिहास में पहले एआई एंकर कृष और भूमि को पेश करके एक उल्लेखनीय यात्रा शुरू करने जा रहा है.

नया रंग-रूप और नया अंदाज

दूरदर्शन का किसान-केंद्रित चैनल डीडी किसान कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) आधारित दो एंकर के साथ 26 मई से नये रंग-रूप और नये अंदाज में नजर आयेगा. यह पहल किसी भारतीय सरकारी चैनल के लिए पहली बार है. एआई कृष और एआई भूमि नामक वर्चुअल एंकर नौ साल के बाद चैनल के रीलॉन्च का नेतृत्व करेंगे. एआई एंकर बिना ब्रेक के 24×7 समाचार पढ़ने में सक्षम है.

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एआई कृष और एआई भूमि

कृषि मंत्रालय के अनुसार, नौ साल के प्रसारण के बाद डीडी किसान एआई कृष और एआई भूमि नामक वर्चुअल एंकर के साथ नये रंग रूप और नये अंदाज में जानकारी पेश करेगा. ये एंकर बिना रुके या फिर बिना थके 24 घंटे और 365 दिन न्यूज पढ़ सकते हैं. ये एंकर देश विदेश में हो रहे कृषि अनुसंधान, अनाज मंडियों में हो रही उठापटक या फिर मौसम की फेरबदल, हर आवश्यक जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे. इनकी खास बात यह भी है कि ये देश-विदेश की पचास भाषाओं में बात कर सकते हैं.

किसानों को समर्पित

मंत्रालय ने बयान में कहा, कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल तक, ये एआई एंकर क्षेत्रीय भाषाओं में कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित करेंगे. डीडी किसान चैनल की शुरुआत 2015 में हुई, यह भारत का पहला सरकारी टीवी चैनल है जो पूरी तरह से किसानों को समर्पित है. इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को संतुलित खेती, पशुधन पालन और समग्र ग्राम विकास के बारे में शिक्षित करना है. (भाषा इनपुट के साथ)

डीडी किसान एआई एंकर क्या है?

दूरदर्शन अपने किसान-केंद्रित चैनल डीडी किसान के लिए दो एआई समाचार एंकर, एआई कृष और एआई भूमि, पेश कर रहा है। यह भारतीय सरकारी चैनल के लिए पहली बार है कि इस तरह की पहल की जा रही है।

कब और कैसे यह लॉन्च होगा?

डीडी किसान चैनल 26 मई 2024 को अपनी 9वीं वर्षगांठ मनाएगा और इसी दिन एआई एंकर नए रंग-रूप के साथ दर्शकों के सामने आएंगे।

एआई एंकर की विशेषताएं क्या हैं?

ये एंकर बिना ब्रेक के 24×7 समाचार पढ़ सकते हैं और कृषि अनुसंधान, अनाज मंडियों, और मौसम की जानकारी किसानों तक पहुंचाएंगे। वे 50 से अधिक भाषाओं में संवाद कर सकते हैं।

किसान-केंद्रित सामग्री का क्या महत्व है?

एआई एंकर कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल तक क्षेत्रीय भाषाओं में कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित करेंगे, जिससे ग्रामीण लोगों को संतुलित खेती और पशुधन पालन के बारे में शिक्षित किया जा सके।

डीडी किसान चैनल की स्थापना कब हुई थी?

डीडी किसान चैनल की शुरुआत 2015 में हुई थी, और यह भारत का पहला सरकारी टीवी चैनल है जो पूरी तरह से किसानों को समर्पित है।

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लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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