OTP से धोखाधड़ी रोकने का तगड़ा जुगाड़ निकाला IIT मंडी ने, जानें क्या है फॉर्मूला
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 15 May 2024 11:52 AM
प्रभात खबर
IIT Mandi System to curb OTP frauds : आईआईटी मंडी ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसके जरिये साइबर ठगी पर विराम लगाया जा सकेगा. आइए जानें क्या है यह-
IIT Mandi Authentication System to tackle OTP frauds : ओटीपी और पासवर्ड हैक करने की लगातार बढ़ती जा रही घटनाओं के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मंडी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसा सिस्टम डेवलप किया है जो पारंपरिक तरीकों के उलट, सुरक्षित ऑथेंटिफिकेशन के लिए यूनीक यूजर बायोमेट्रिक बेस्ड बिहेवियर पैटर्न को अपनाने पर केंद्रित है.
ओटीपी और पासवर्ड हैक करने की बढ़ती घटनाओं के बीच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसी प्रणाली विकसित की है जो पारंपरिक तरीकों के उपयोग को समाप्त करते हुए, सुरक्षित प्रमाणीकरण के लिए विशिष्ट उपयोगकर्ता बायोमेट्रिक-आधारित व्यवहार पैटर्न को अपनाएगी.
पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, ‘एडीएपीआईडी’ नामक प्रणाली को ‘डीप एल्गोरिद्म’ के सहयोग से विकसित किया गया है, जिसमें आईआईटी मंडी के ‘सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स’ (सीएआईआर) के अमित शुक्ला और ‘डीप एल्गोरिद्म’ के जेपी मिश्रा शामिल हैं.
Windows 11 का बदल जाएगा यूजर एक्सपीरिएंस, Microsoft ला रही AI Powered फीचर्स
‘डीप एल्गोरिद्म’ नामक कंपनी इस प्रणाली के विकास में अगुवाई कर रही है जिसे आईआईटी मंडी और आईआईटी कानपुर की परिकल्पना पर तैयार किया गया है. इसका मुख्यालय हैदराबाद में और अनुसंधान तथा विकास कार्यालय आईआईटी मंडी में है.
इस प्रणाली को पहले ही पेटेंट प्रदान किया जा चुका है और एक बैंक तथा एक फॉरेंसिक कंपनी में इसकी सेवाएं ली जा रही हैं. टीम वर्तमान में सरकारी योजनाओं में प्रमाणीकरण के लिए इसका उपयोग करने के वास्ते इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के साथ बातचीत कर रही है.
दुनिया का पहला AI सॉफ्टवेयर इंजीनियर डेविन की एंट्री, चुटकियों में डेवलप करेगा ऐप
इस प्रणाली के विकास में शामिल लोगों ने बताया कि आज के डिजिटल रूप से संचालित परिदृश्य में, संस्थानों को निर्बाध उपयोगकर्ता अनुभव के साथ लगातार बने हुए साइबर खतरों के खिलाफ संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ता है. शुक्ला ने भाषा से कहा, पासवर्ड और अन्य सुरक्षा उपायों पर निर्भर पारंपरिक प्रमाणीकरण तरीके अपर्याप्त साबित होते हैं, जिससे संस्थानों में सेंध लगने की आशंका बढ़ जाती है.
उन्होंने कहा, साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं, विशेष रूप से ओटीपी के कारण ऐसे मामलों ने संस्थानों को अनधिकृत पहुंच और डेटा उल्लंघनों के खिलाफ मजबूत समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया है. शुक्ला ने बताया कि नई प्रणाली में पासवर्ड और ओटीपी की जरूरत खत्म हो जाएगी तथा उभरते खतरों से बचने के लिए उपयोगकर्ताओं के ‘ऐक्सेस ‘ की प्रक्रिया दुरुस्त होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










