ChatGPT Go भारत में 1 साल के लिए फ्री, बिना सब्सक्रिप्शन के मिलेगा GPT-5
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 28 Oct 2025 2:27 PM
अब ChatGPT Go पर GPT-5 फ्री! जानें कब और कैसे मिलेगा ऐक्सेस
OpenAI ने ऐलान किया है कि भारत में यूजर्स को 1 साल के लिए ChatGPT Go फ्री मिलेगा. GPT-5 ऐक्सेस, इमेज जेनरेशन और मेमोरी फीचर अब बिना सब्सक्रिप्शन के. जानिए लॉन्च डेट, फीचर्स और एलिजिबिलिटी
AI की दुनिया में तहलका मचाने वाली कंपनी OpenAI ने भारत यूजर्स के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है. कंपनी ने घोषणा की है कि उसका ChatGPT Go प्लान अब भारत के सभी यूजर्स के लिए 1 साल तक फ्री रहेगा. यह ऑफर 4 नवंबर 2025 से शुरू होगा और इसमें यूजर्स को GPT-5 मॉडल की पूरी ताकत मुफ्त में मिलेगी. यह कदम OpenAI के पहले DevDay Exchange इवेंट से पहले आया है, जो बेंगलुरु में होने जा रहा है. इसका मकसद है भारत में AI को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाना.
क्या है ChatGPT Go और क्यों है खास?
ChatGPT Go को अगस्त 2025 में भारत में लॉन्च किया गया था. यह एक मिड-टियर पेड प्लान है, जो उन लोगों के लिए बना है जो फ्री वर्जन से ज्यादा पावरफुल फीचर्स चाहते थे, लेकिन महंगे एंटरप्राइज वर्जन की जरूरत नहीं थी.
इस प्लान में मिलते हैं:
- GPT-5 ऐक्सेस (नया एडवांस्ड मॉडल)
- तेज रिस्पॉन्स टाइम
- ज्यादा डेली मैसेज लिमिट
- मल्टी-फाइल अपलोड और एनालिसिस फीचर
- इमेज जेनरेशन
- लॉन्ग-टर्म मेमोरी
अब ये सारे फीचर्स एक साल के लिए भारत में फ्री मिलेंगे.
भारत के लिए क्यों अहम है यह कदम
भारत आज OpenAI का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है. ChatGPT Go के लॉन्च के बाद सिर्फ एक महीने में भारत में पेड यूजर्स की संख्या दोगुनी हो गई थी. OpenAI के वाइस प्रेसिडेंट निकटर्ली ने कहा कि भारतीय यूजर्स की प्रतिक्रिया प्रेरणादायक रही है. उन्होंने कहा, हम भारत में अपने पहले DevDay Exchange से पहले ChatGPT Go को एक साल के लिए फ्री कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग एडवांस्ड AI का फायदा उठा सकें. यह कदम OpenAI की India-first strategy का हिस्सा है और भारत सरकार के IndiaAI मिशन को भी सपोर्ट करता है.
4 नवंबर से क्या मिलेगा यूजर्स को?
OpenAI के अनुसार, सभी भारतीय यूजर्स को अपने आप ChatGPT Go का फ्री ऐक्सेस मिल जाएगा. इसमें शामिल होंगे ये फीचर्स:
- GPT-5 ऐक्सेस
- तेज रिस्पॉन्स
- ज्यादा मैसेज लिमिट
- इमेज जेनरेशन
- फाइल अपलोड और रिसर्च सपोर्ट
- लंबी बातचीत की मेमोरी
स्टूडेंट्स, क्रिएटर्स, जॉब-सीकर्स और बिजनेस ओनर्स- सभी के लिए यह AI की पावर को आसान बनाएगा.
भारत में बढ़ी AI अपनाने की रफ्तार
भारत में सरकार, एजुकेशन सेक्टर और स्टार्टअप्स सभी AI को तेजी से अपना रहे हैं. OpenAI ने कहा है कि वह शैक्षणिक प्लैटफॉर्म्स और सरकारी कार्यक्रमों के साथ मिलकर छोटे शहरों तक AI की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है. बेंगलुरु में होने वाला DevDay Exchange इवेंट इस दिशा में एक बड़ा कदम होगा, जहां AI के गवर्नेंस, स्टार्टअप्स और उत्पादकता पर चर्चा होगी.
बिना खर्च के मिलेंगे एडवांस्ड टूल्स
OpenAI का ChatGPT Go भारत में 1 साल फ्री करना सिर्फ एक ऑफर नहीं, बल्कि AI के लोकतंत्रीकरण की दिशा में बड़ा कदम है. अब हर भारतीय बिना खर्च के GPT-5 जैसे एडवांस्ड टूल्स से अपनी पढ़ाई, काम और क्रिएटिविटी को नये लेवल पर ले जा सकेगा.
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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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