ePaper

Budget 2025 में AI के लिए बहुत कुछ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सीलेंस सेंटर के लिए 500 करोड़, जानिए और क्या मिला

Updated at : 01 Feb 2025 1:26 PM (IST)
विज्ञापन
Budget 2025 for AI

Budget 2025 for AI

Budget 2025: सरकार का उद्देश्य देश में AI शिक्षा, प्रशिक्षण और नवाचार के केंद्र के रूप में भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है.

विज्ञापन

Budget 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किये गए आम बजट 2025 में कई अहम सेक्टरों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी बड़े बदलावों की घोषणा की गई है. बजट भाषण में उन्होंने AI के लिए एक्सीलेंस फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तहत 500 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की. यह कदम भारत को AI के क्षेत्र में एक वैश्विक लीडर बनाने के प्रयास का हिस्सा है, जिससे देश में इस तकनीकी क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा मिल सके.

AI सेंटर के लिए 500 करोड़ रुपये का ऐलान

वित्त मंत्री के अनुसार, 500 करोड़ रुपये की यह राशि AI केंद्रों के निर्माण के लिए दी जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य भारत में AI की रिसर्च और डेवलपमेंट में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत नींव रखना है, ताकि भारतीय शोधकर्ता और उद्यमी AI तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकें. AI की ताकत का पूरा उपयोग करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है. इस निवेश का फोकस AI शिक्षा, शोध और कार्यबल के लिए प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना है.

स्किल डेवलपमेंट के लिए नेशनल एक्सीलेंस सेंटर

सरकार ने घोषणा की कि AI शिक्षा और कौशल विकास के लिए पूरे देश में पांच नेशनल एक्सीलेंस सेंटर खोले जाएंगे. इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं और पेशेवरों को AI तकनीक में प्रशिक्षण मिलेगा, जो उन्हें इस उभरते हुए क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करेगा. इन केंद्रों का लक्ष्य AI से जुड़े कौशलों को बढ़ावा देना है, ताकि देश के पास वैश्विक मानकों से मेल खाता कार्यबल हो.

तीन AI सेंटर पहले से अस्तित्व में

यह घोषणा भी की गई कि पिछले वर्ष यानी 2023 में सरकार ने कृषि, स्वास्थ्य और सस्टेनेबल सिटीज के लिए तीन AI एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की घोषणा की थी. अब शिक्षा के क्षेत्र में AI के लिए एक और केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा.

इन पहलों के जरिए सरकार का उद्देश्य देश में AI शिक्षा, प्रशिक्षण और नवाचार के केंद्र के रूप में भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करना है. AI के लिए किये गए इन निवेशों से न केवल देश की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि युवाओं के लिए नये रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी उत्पन्न होंगे.

AI पर चीन और अमेरिका के मुकाबले कहां खड़ा है भारत? कितना करते हैं खर्च?

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola