BSNL के लौटेंगे अच्छे दिन, 82916 करोड़ रुपये से सरकार फूंकेगी नयी जान

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 24 Jul 2024 9:46 AM

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Budget 2024 Highlights: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीएसएनएल के लिए गुड न्यूज दी है. इस बार के बजट में मोदी सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़े प्रावधान किये हैं.

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Budget 2024 Highlights: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट टेलीकॉम सेक्टर और खासकर भारत संचार निगम लिमिटेड के लिए खुशखबरी लेकर आया है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पेश किये गए बजट में सरकार ने टेलीकॉम मिनिस्ट्री के तहत टेलीकाॅम प्रोजेक्ट्स और पब्लिक सेक्टर की कंपनियों के लिए 1.28 लाख करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया है. इसमें से अधिकांश राशि सार्वजनिक क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के लिए निर्धारित की गई है.

BSNL और MTNL में सरकार फूंकेगी नयी जान

बीएसएनएल और एमटीएनएल से संबंधित खर्चों के लिए कुल प्रस्तावित आवंटन में से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हैं, जिसमें बीएसएनएल में प्रौद्योगिकी उन्नयन और पुनर्गठन के लिए 82,916 करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल है. बजट के अनुसार, बजट अनुमान 2024-25 में इस मांग के लिए कुल शुद्ध आवंटन 1,28,915.43 करोड़ रुपये (1,11,915.43 करोड़ रुपये और 17,000 करोड़ रुपये) है.

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यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड

17,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान ‘यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड’ के तहत उपलब्ध शेष राशि से पूरा किया जाना है और इसका उपयोग टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को मुआवजा, भारतनेट और अनुसंधान एवं विकास जैसी योजनाओं के लिए किया जाएगा. बजट में दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के पेंशन लाभ के लिए 17,510 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसमें बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के कर्मचारी भी शामिल हैं. सरकार ने एमटीएनएल बॉन्ड की मूल राशि के भुगतान के लिए 3,668.97 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया है.

पीएलआई योजना के लिए 1,806.34 करोड़ रुपये का प्रावधान

बजट में प्रौद्योगिकी विकास एवं निवेश प्रोत्साहन के लिए 34.46 करोड़ रुपये, चैंपियन सेवा क्षेत्र योजना के लिए 70 करोड़ रुपये तथा उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए 1,806.34 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. आवंटन के अलावा, सरकार ने घरेलू दूरसंचार उपकरण विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय बजट 2024-25 में मदरबोर्ड पर आयात शुल्क में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव किया है.

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पीसीबीए (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली) पर बीसीडी 5 प्रतिशत बढ़ेगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए मैं निर्दिष्ट दूरसंचार उपकरणों के प्रिंटेड सर्किट बोर्ड असेंबली पर मूल सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करती हूं. दूरसंचार पीसीबी निर्माण के लिए मूल सीमा शुल्क में वृद्धि, संचार उपकरणों के विनिर्माण में उपयोग किये जाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों को छूट के साथ आती है.

इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए महत्वपूर्ण 25 खनिजों पर सीमा शुल्क से छूट

वित्त मंत्री ने 25 खनिजों जैसे लिथियम, तांबा, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव किया है. ये खनिज परमाणु ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, रक्षा, दूरसंचार और उच्च तकनीक वाले इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं. इनमें से दो पर मूल सीमा शुल्क कम किया जाएगा. सीतारमण ने कहा, इससे ऐसे खनिजों के प्रसंस्करण और शोधन को बढ़ावा मिलेगा तथा इन रणनीतिक और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

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स्थानीय निर्माताओं का समर्थन

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, जीएक्स ग्रुप के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) परितोष प्रजापति ने कहा, दूरसंचार उपकरणों के लिए पीसीबी असेंबली पर बढ़ी हुई बीसीडी स्थानीय निर्माताओं का समर्थन करती है और दूरसंचार ओईएम (मूल उपकरण निर्माताओं) के लिए लागत कम करती है. यह उद्योग को नयी ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ उत्साहित करेगा. जीएक्स ग्रुप दूरसंचार पीएलआई योजना के लाभार्थियों में से एक है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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