Big Breakthrough: कॉर्निया पहुंचाने के लिए ड्रोन ने मिनटों में तय किया घंटों का सफर, हैरान करेगी कहानी

Author :Rajeev Kumar
Published by :Rajeev Kumar
Updated at :27 Mar 2025 11:29 AM
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Cornea Transport Drone in India

Cornea Transport Drone in India / Ai Image

Big Breakthrough: ICMR ने AIIMS और श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर ड्रोन के जरिये कॉर्निया ट्रांसपोर्ट का सफल प्रयोग किया. सोनीपत से दिल्ली मात्र 40 मिनट में कॉर्निया की डिलीवरी संभव हुई, जिससे मरीज को समय पर सर्जरी मिल सकी. यह हेल्थकेयर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है.

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Big Breakthrough | Cornea Transplant Drone : भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने AIIMS दिल्ली और डॉ श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण प्रयोग किया है. इस रिसर्च के तहत, ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इंसानी कॉर्निया और एमनियोटिक झिल्ली जैसे संवेदनशील बायोलॉजिकल मटेरियल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक तेजी से पहुंचाने की संभावना का अध्ययन किया गया.

40 मिनट में सफल डिलीवरी, मरीज को मिला समय पर इलाज

ICMR की इस नवाचार पहल के तहत, डॉ श्रॉफ्स चैरिटी आई हॉस्पिटल (सोनीपत केंद्र) से ड्रोन के माध्यम से कॉर्निया ऊतक को पहले AIIMS झज्जर और फिर AIIMS दिल्ली तक पहुंचाया गया. आमतौर पर सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में 2 से 2.5 घंटे लगते हैं, लेकिन ड्रोन ने यह यात्रा सिर्फ 40 मिनट में पूरी कर ली. इस तेजी से डिलीवरी के चलते, कॉर्निया की गुणवत्ता बनी रही, जिससे मरीज को समय पर उपचार मिल सका और सफल सर्जरी के बाद उसकी रोशनी लौट आई.

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ड्रोन टेक्नोलॉजी से हेल्थकेयर में क्रांति

ICMR की i-DRONE (आई-ड्रोन) पहल पहले भी कई दूरस्थ क्षेत्रों में दवाओं और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए ड्रोन का सफलतापूर्वक उपयोग कर चुकी है. यह नया प्रयोग दर्शाता है कि ड्रोन का उपयोग न केवल वैक्सीन और दवाइयों की आपूर्ति के लिए बल्कि अंग प्रत्यारोपण के लिए भी किया जा सकता है.

ड्रोन ट्रांसपोर्टेशन के फायदे

समय की बचत : ड्रोन से ट्रांसपोर्टेशन बेहद तेज और प्रभावी है.
संवेदनशील मेडिकल सामग्री की सुरक्षा : तापमान और गुणवत्ता बनाये रखना संभव.
ट्रैफिक जाम से बचाव : सड़क मार्ग की तुलना में अधिक कुशल समाधान.
रिमोट एरिया में भी डिलीवरी संभव : दुर्गम इलाकों तक हेल्थकेयर सुविधाएं पहुंचाना आसान.

भविष्य में हेल्थकेयर सेक्टर के लिए गेम-चेंजर

ICMR और AIIMS की यह पहल दर्शाती है कि ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है. यह कदम विशेष रूप से कॉर्निया ट्रांसप्लांट और अन्य मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं के लिए नये दरवाजे खोल सकता है.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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