GPay, PhonePe और Paytm को टक्कर देने आया BHIM 3.0, मिलेंगे टकाटक फीचर्स

BHIM 3.0 App News Update
NPCI ने BHIM ऐप का नया अपडेट BHIM 3.0 जारी किया है, जिसमें Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे फीचर्स शामिल हैं. यह ऐप तेज, सुरक्षित और आसान डिजिटल पेमेंट की सुविधा देगा. जानिए नये फीचर्स और इसकी उपलब्धता के बारे में-
BHIM 3.0 : डिजिटल भुगतान को और आसान और सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने BHIM 3.0 ऐप को लॉन्च कर दिया है. यह भीम ऐप का नया और उन्नत संस्करण है, जिसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं. इस ऐप के जरिए लेन-देन करना न केवल सरल होगा बल्कि सुरक्षित भी रहेगा. NPCI का दावा है कि यह नया अपडेट डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और अधिक सुविधाजनक और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाएगा.
BHIM 3.0 में क्या है नया?
नए BHIM 3.0 ऐप में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे पहले से ज्यादा उन्नत और उपयोगी बनाते हैं. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:खर्चों का विश्लेषण (Spends Analytics) – उपयोगकर्ता अपने मासिक खर्चों को ट्रैक कर पाएंगे और बेहतर बजट प्रबंधन कर सकेंगे
खर्चों को बांटने की सुविधा – अब परिवार या दोस्तों के साथ बिलों को साझा करना आसान होगा
BHIM Vega – दुकानदारों के लिए यह व्यापार से जुड़े पेमेंट को सुविधाजनक बनाएगा
कम इंटरनेट में भी काम करेगा – नेटवर्क धीमा होने पर भी पेमेंट किया जा सकेगा
15+ भारतीय भाषाओं में उपलब्ध – यह ऐप विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपयोग किया जा सकेगा
‘Action Needed’ फीचर – यह फीचर बिल पेमेंट और बैलेंस की याद दिलाएगा, जिससे आप भुगतान समय पर कर सकें.
BHIM 3.0 का रोलआउट और उपलब्धता
NPCI ने बताया है कि BHIM 3.0 को अप्रैल 2025 तक Google Play Store और Apple App Store पर सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा. इसे NPCI BHIM सर्विसेज लिमिटेड (NBSL) ने डेवलप किया है, जो BHIM ऐप का संचालन करती है.
BHIM 3.0 से किन्हें मिलेगा फायदा?
सभी डिजिटल पेमेंट यूजर्स – BHIM 3.0 ऐप को Google Pay, PhonePe और Paytm की तरह अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है.व्यापारी और बिजनेस ओनर्स – BHIM Vega फीचर से व्यापारी तेजी से पेमेंट प्रॉसेस कर पाएंगे.
घरेलू उपयोगकर्ता – खर्चों को ट्रैक करने और मैनेज करने की सुविधा मिलेगी.
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BHIM 3.0 क्यों खास है?
स्मूद और सुरक्षित डिजिटल ट्रांजैक्शनबेहतर बजट ट्रैकिंग और खर्चों की प्लानिंग
व्यापारियों के लिए आसान पेमेंट सॉल्यूशंस
कम इंटरनेट पर भी बेहतर कार्यक्षमता
BHIM ऐप का इतिहास
BHIM (Bharat Interface for Money) ऐप को पहली बार दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. तब से अब तक UPI पेमेंट को तेजी से अपनाने में यह ऐप महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है. BHIM 3.0 इसका तीसरा संस्करण है, जिसमें बेहतर अनुभव, उन्नत फीचर्स और व्यापारियों के लिए नये टूल्स जोड़े गए हैं.
बेहतर होगा डिजिटल पेमेंट
BHIM 3.0 का यह अपडेट भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सशक्त बनाएगा. यह ऐप अब पहले से अधिक फास्ट, सुरक्षित और बहुभाषी होगा, जिससे UPI ट्रांजैक्शन करना और भी आसान हो जाएगा. अप्रैल 2025 से इसे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा. अगर आप एक UPI यूजर हैं, तो यह नया वर्जन आपके डिजिटल पेमेंट अनुभव को और बेहतर बनाएगा.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
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