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Amazon Flipkart Festive Sale: लग सकती है रोक, सरकार के पास पहुंची रिक्वेस्ट, ये है वजह

Updated at : 20 Sep 2024 9:50 AM (IST)
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Amazon Flipkart की फेस्टिव सेल पर लग सकती है रोक?

Amazon Flipkart की फेस्टिव सेल पर लग सकती है रोक?

Amazon Flipkart Festive Sale: फेस्टिव सीजन में अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित ई-कॉमर्स कंपनियां अपनी अपनी सेल को लेकर तैयार हैं. इस बीच सरकार के पास एक रिक्वेस्ट पहुंची है, जिसमें इन आयोजनों को स्थगित करने की मांग की गई है.

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Amazon Flipkart Festive Sale: अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित ई-कॉमर्स कंपनियों की त्योहारी सेल को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. देश में जैसे फेस्टिव सीजन करीब आता है, बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. यही रौनक अब पिछले कुछ वर्षों से ऑनलाइन जगत में देखने को मिल रही है. वजह यह है कि अब डिजिटल बाजारों में भी सैकड़ों तरह के प्राॅडक्ट्स पर ऑफर्स की भरमार होती है. लेकिन इसपर रोक लग सकती है. सरकार के पास इसे लेकर रिक्वेस्ट पहुंची है.

घरेलू व्यापारियों को नुकसान

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट की आगामी त्योहारी सेल को स्थगित करने का आग्रह किया है. खंडेलवाल ने कहा है कि इससे घरेलू व्यापारियों को नुकसान होगा.

ई-कॉमर्स पॉलिसी लागू करने की मांग

भाजपा नेता ने देश के छोटे खुदरा विक्रेताओं को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए ई-कॉमर्स नियमों और नीति को तुरंत लागू करने को भी कहा. खंडेलवाल ने अमेजन और फ्लिपकार्ट के आगामी त्योहार बिक्री कार्यक्रमों को स्थगित करने का आग्रह किया है, क्योंकि वे प्रतिस्पर्धा-रोधी प्रथाओं के निरंतर उपयोग के माध्यम से घरेलू व्यापारियों को और नुकसान पहुंचाएंगे.

एंटी-ट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन

मंत्री को लिखे पत्र में, चांदनी चौक से लोकसभा सदस्य और अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (सीएआईटी) के महासचिव खंडेलवाल ने उन मीडिया रिपोर्टों के बाद त्वरित कार्रवाई करने को कहा, जिनमें दावा किया गया था कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की रिपोर्ट में पाया गया था कि बड़े ब्रांड एंटी-ट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन करते हुए ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं के साथ मिलीभगत कर रहे हैं.

चुनिंदा विक्रेताओं को लाभ, अधिकांश को नुकसान

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों के बारे में सीसीआई की रिपोर्ट के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए, सांसद ने कहा कि घरेलू कंपनियों के लिए एक असमान खेल का मैदान बनाया गया है. उन्होंने कहा, ई-कॉमर्स दिग्गज तरजीही व्यवहार और मिलीभगत को बढ़ावा देते हैं. ये मंच विशिष्ट विक्रेताओं और ब्रांड के साथ तरजीही सूची और विशेष साझेदारी में संलग्न हैं, जिससे अनुचित बाजार का माहौल बनता है. खंडेलवाल ने कहा, समानता वाले मंच के रूप में कार्य करने के बजाय फ्लिपकार्ट और अमेजन दोनों ने चुनिंदा विक्रेताओं को लाभ पहुंचाया, तथा अधिकांश विक्रेताओं को नुकसान पहुंचाया.

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Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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