Digital Banking की दौड़ में चीन से आगे है भारत, सीनियर बैंकर ने कही यह बात
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 10 Sep 2023 12:07 PM
Digital Banking in India - वरिष्ठ बैंकर के वी कामत (KV Kamath) ने कहा है कि डिजिटलीकरण के मामले में चीन के बैंक भारत से बहुत पीछे हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि चीन के बैंकों ने डिजिटलीकरण का मार्ग भारतीय बैंकों से बहुत पहले अपना लिया था.

Digital Banking : सीनियर बैंकर केवी कामत ने बैंकों को नयी तकनीकों को अपनाने, बदलते समय के अनुसार इनोवेशन करने और सीखने की सलाह दी है. उनका कहना है कि जो बैंक ऐसा नहीं कर पाएंगे, उन्हें आनेवाले समय में मुश्किल होगी. उन्होंने ने कहा कि बिजनेस में आगे बढ़ने के लिए बैंकों को नये दौर की फिनेटक कंपनियों के साथ मिलकर काम करना होगा.

वरिष्ठ बैंकर के वी कामत ने कहा है कि डिजिटलीकरण के मामले में चीन के बैंक भारत से बहुत पीछे हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि चीन के बैंकों ने डिजिटलीकरण का मार्ग भारतीय बैंकों से बहुत पहले अपना लिया था.
Also Read: Apple Share: चीन ने चली ऐसी चाल, ऐपल हुआ बेहाल, दो दिन में डूब गए 200 अरब डॉलर
राष्ट्रीय अवसंरचना वित्तपोषण एवं विकास बैंक (एनएबीएफआईडी) के चेयरमैन कामत ने तीन दिन के ग्लोबल फिनटेक शिखर सम्मेलन में कहा, मुझे लगता है कि वहां (चीन) जो हुआ है और जो यहां हुआ है, उसमें बहुत अंतर हैं. उन्होंने कहा, हां, डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अलीपे और वीचैट पे के साथ हमसे बहुत पहले आ गए थे. लेकिन बाद की कहानी बहुत मजेदार है.

कामत ने कहा, अगर मैं वास्तव में इसे देखूं, तो एक चीनी बैंक अब भारतीय बैंक की तुलना में बहुत कम डिजिटल है. वे प्रौद्योगिकी समर्थक हैं जो वहां चार-पांच साल पहले थे और संभवतः भारत की तुलना में बेहतर या उच्च स्तर पर थे.
Also Read: iPhone 15 Pro Max में क्या होगा खास? पाएं डिस्प्ले से लेकर परफॉरमेंस से जुड़ी हर जानकारी
कामत शंघाई स्थित बहुपक्षीय न्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख भी थे, जिसे ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका की सरकारों द्वारा स्थापित किया गया था. उन्होंने कहा, मैं अब यह बिना किसी हिचक के कह सकता हूं कि डिजिटल क्षेत्र में आज ऐसा कोई खंड नहीं है, जहां हम पीछे हों. और मेरे लिए यही हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है.

आपको बता दें कि भारत में पिछले कुछ साल में कई बैंकों ने फिनटेक कंपनियों के साथ पार्टनरशिप डिवेलप की है. उदाहरण के तौर पर देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने रूपे क्रेडिट कार्ड लॉन्च करने के लिए 2022 में पेटीएम के साथ पार्टनरशिप की थी.
Also Read: iPhone Offers: नया आईफोन आने से पहले पुराना वाला मॉडल हो गया इतना सस्ता, ऑफर देख उछल पड़ेंगे आपप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










