धनबाद: कांटा पहाड़ी में भू-धंसान, ग्रामीणों में दहशत

Published by : Sweta Vaidya Updated At : 22 May 2026 12:39 PM

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Dhanbad News: धनबाद के कांटा पहाड़ी इलाके में भू-धंसान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. गुरुवार रात शुरू हुआ भू-धंसान शुक्रवार को और भयावह हो गया. सड़क और कई घरों में दरारें पड़ गई. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें. 

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इन्द्रजीत पासवान की रिपोर्ट 

Dhanbad News: बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र अंतर्गत अंगारपथरा कोलियरी के डेंजर जोन में चिन्हित कांटा पहाड़ी इलाके में गुरुवार की रात से शुरू हुई भू-धंसान की समस्या शुक्रवार को और गंभीर हो गई है. सड़क और कई घरों में पहले से बनी दरारें शुक्रवार को काफी बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बन गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि यह समस्या बड़े पैमाने पर चल रही अवैध कोयला खनन के कारण पैदा हुई है. उन्होंने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही और अवैध माइनिंग को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है. 

घटना का विवरण

गुरुवार की रात अचानक कांटा पहाड़ी क्षेत्र में जमीन फटने की आवाज आई और सड़क पर लंबी दरारें दिखाई देने लगीं. आसपास के कई घरों की दीवारों और फर्श में भी दरारें पड़ गईं. शुक्रवार सुबह तक ये दरारें और चौड़ी हो गईं. कई परिवारों ने रात जागकर बिताई और अपने सामान को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करने में लगे रहे. इधर, शुक्रवार को घटना की सूचना मिलते ही बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनका स्वागत विरोध प्रदर्शन से हुआ. ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेर लिया और जोरदार विरोध किया. ग्रामीणों ने कहा, हमारे घरों में जो दरारें पड़ रही हैं, इसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल प्रबंधन की है. यहां रात-दिन अवैध माइनिंग चल रही है. कोयला माफिया खुलेआम गाड़ियां भर-भरकर कोयला निकाल रहे हैं, लेकिन बीसीसीएल और पुलिस प्रशासन चुपचाप तमाशा देख रही है. साफ है कि इन अवैध धंधेबाजों को ऊपर से संरक्षण मिला हुआ है, तभी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. एक स्थानीय महिला ने बताया कि पूरी रात हम लोग जागते रहे. बच्चे डर के मारे रो रहे थे. कोई अधिकारी हमारी सुध लेने तक नहीं आया. अगर कुछ होता तो कौन जिम्मेदार होता? ग्रामीणों ने मांग की कि या तो अवैध माइनिंग को तुरंत बंद किया जाए या फिर उन्हें पहले ही इस खतरे वाले क्षेत्र से हटाकर किसी सुरक्षित जगह पर पुनर्वास किया जाए. ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन और बीसीसीएल द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर देंगे. 

भराई का काम हुआ शुरू

कांटा पहाड़ी क्षेत्र को पहले ही बीसीसीएल द्वारा डेंजर जोन घोषित किया जा चुका है. धनबाद-झरिया-कतरास का यह इलाका घने कोयला खदान क्षेत्र में पड़ता है, जहां पिछले कई वर्षों से भूमि धंसान और अवैध खनन की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं. स्थानीय लोग कहते हैं कि अवैध खदानें हर दिन कोलियरी के सुरक्षित क्षेत्र की ओर बढ़ती जा रही हैं, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का खतरा पैदा हो गया है. अभी तक बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. स्थानीय प्रशासन भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहा है. जबकि ग्रमीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. घटना के 18 घंटे बाद बीसीसीएल हाईवा और जेसीबी मशीन लेकर घटना स्थल पहुंची. सीआईएसएफ और अंगारपथरा पुलिस की मौजूदगी में मिट्टी और ओबी से अवैध उत्खनन स्थल का मुहाना और दरारों की भराई का काम शुरू किया. 

प्रभावितों की सूची बनाने का निर्देश

घटना का जायजा लेने पहुंचे बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के एरिया सुरक्षा अधिकारी संजय चौधरी ने कहा कि सर्वे विभाग को तत्काल प्रभावितों की सूची बनाने का निर्देश दिया गया है. सूची तैयार होते ही इन्हें सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास करा दिया जाएगा. उन्होनें कहा कि इस क्षेत्र को डीजीएमएस और बीसीसीएल की सर्वे विभाग ने पहले किए गए सर्वे मे डेंजर जोन के रूप मे चिन्हित किया गया था. लोगों को कई बार इलाका खाली करने का भी नोटिस दिया गया था, बावजूद ग्रामीण इलाका खाली नहीं कर रहे हैं . 

इनके घरो में आई है दरारें 

कांटा पहाडी मे कंपनी और निजी आवास मिलाकर लगभग 100 घर हैं जिसमें 500 की आबादी रहती है. गुरुवार की रात जोरदार आवाज के साथ कांटा पहाड़ी बस्ती जाने वाले रास्ते में चार जगहों पर जमीन में दरार पड़ गई. वहीं राजेश पंडित, राजकुमार पासवान, गायत्री देवी, संगीत देवी, रंजीत सिंह लखन सिंह, कुंती देवी के घर इसकी चपेट मे आ गए. इनके घर के आंगन और दीवार मे दरार पड़ने का जो सिलसिला बीती रात से शुरू हुआ वह दूसरे दिन भी जारी रहा.

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लेखक के बारे में

By Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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