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बंदरों के आतंक के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण

Updated at : 09 Jul 2024 2:01 AM (IST)
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बंदरों के आतंक के साये में जीने को मजबूर ग्रामीण

जेबीपुर की शंकरहाटी एक नंबर ग्राम पंचायत अंतर्गत बल्लभबाटी, घोषपाड़ा सहित आसपास के इलाकों में बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल हो गया है.

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अब तक 18 लोगों को काट चुके हैं बंदर

संवाददाता, हावड़ा

जेबीपुर की शंकरहाटी एक नंबर ग्राम पंचायत अंतर्गत बल्लभबाटी, घोषपाड़ा सहित आसपास के इलाकों में बंदरों के आतंक से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. हालात यह है कि बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग भी घर से नहीं निकल पा रहे हैं. यह स्थिति पिछले सात-आठ दिनों से है. खबर लिखे जाने तक बंदर ने अब तक 18 लोगों को काटा है. इन सभी का इलाज जेबीपुर ग्रामीण अस्पताल में चल रहा है.

बंदरों के इस झुंड को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से पिंजरा रखा गया है. लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इससे कुछ होने वाला नहीं है. वन विभाग त्वरित कोई कार्रवाई करके उनलोगों को इस परेशानी से राहत दिलाये.

जानकारी के अनुसार, बंदरों का एक झुंड यहां के बल्लभाटी, घोषपाड़ा सहित अन्य इलाकों में आकर उत्पात मचा रहा है. अरूप सांतरा नामक एक पीड़ित ने बताया कि वह घर के बाहर खड़े थे. उसी समय एक बंदर अचानक उनके सामने आ गया. इससे पहले, वह वहां से भाग पाते, बंदर ने उन्हें काट लिया. अस्पताल पहुंचने पर देखा कि तीन लोग पहले से पहुंचे हुए हैं. उन्हें भी बंदर ने काटा था.

काकोली मंडल ने बताया कि घर से निकलना मुश्किल हो गया है. वे लोग नहाने और बर्तन धोने के लिए तालाब में नहीं जा पा रहे हैं. पिछले सात दिनों से वे लोग घर के अंदर बंदी बने हुए हैं. बच्चों का स्कूल जाना बंद है. पुरुष भी घर से निकलने में डर रहे हैं. बहुत जरूरी होने पर ही पुरुष हाथों में डंडा लेकर घर से निकल रहे हैं.

पायल नामक एक महिला ने बताया कि वह अपने नवजात बच्चे को लेकर घर के आंगन में बैठी थी.

इसी समय एक बंदर छत से छलांग लगाकर आया और उसे काट लिया. भगवान का शुक्र बस इतना था कि मेरे बच्चे को बंदर ने नहीं काटा. ग्रामीणों का आरोप है कि बंदरों के इस झुंड को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से इलाके में सिर्फ एक पिंजरा दिया गया है. पिंजरे के बाहर सड़ा हुआ केला और एक सेब रखा गया है. वन विभाग ने अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो हमलोगों का जीना मुहाल हो जायेगा.

वहीं, वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ये बंदर शहरी अंचल में गलती से आ गये हैं. पूरी कोशिश की जा रही है कि बंदरों को पकड़ लिया जाये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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