कैशलेस सिस्टम पर साइबर क्राइम हुआ हावी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Dec 2016 8:14 AM

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सिलीगुड़ी: नोटबंदी के जरिये ‘डिजिटल इंडिया’ गढ़ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम साकार होने से पहले ही लोगों को दुविधा में डाल दिया है. कैशलेस लेन-देन पर साइबर क्राइम हावी होने लगा है. ऑनलाइन लूट भी शुरू होने लगी है. अगर कोई कारोबारी या उपभोक्ता ऑनलाइन लेन-देन और भुगतान करता है तो उनके एकाउंट […]

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सिलीगुड़ी: नोटबंदी के जरिये ‘डिजिटल इंडिया’ गढ़ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहिम साकार होने से पहले ही लोगों को दुविधा में डाल दिया है. कैशलेस लेन-देन पर साइबर क्राइम हावी होने लगा है. ऑनलाइन लूट भी शुरू होने लगी है. अगर कोई कारोबारी या उपभोक्ता ऑनलाइन लेन-देन और भुगतान करता है तो उनके एकाउंट हैक होने लगे हैं. पेटीएम और स्वाइप मशीन इस्तेमाल करने से केवल उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि कारोबारी भी कतराने लगे हैं.
पेटीएम या स्वाइप मशीन के जरिये खरीदारी करने पर एकाउंट से अतिरिक्त रूपये गायब होने पर लोग सकते में पड़ गये हैं. इस तरह के कई मामले प्रकाश में भी आने लगे हैं. ऐसे अधिकांश मामलों में कंपनी को शिकायत किये जाने के बावजूद पीड़ितों के एकाउंट में न तो रूपये वापस आते हैं और न ही कंपनियों द्वारा उचित कार्रवायी की जाती है. सरकारी स्तर पर भी ऐसे मामलों की उचित कार्रवायी की कोई कारगर व्यवस्था नहीं है.
सिलीगुड़ी के चंपासारी इलाके के रहनेवाले एक पीड़ित व्यक्ति दिनेश कुमार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में पेटीएम के मार्फत अपना मोबाइल रीचार्ज कराया. उनके एकाउंट से पैसे डेबिट तो हो गये, लेकिन मोबाइल कंपनी को पैसे नहीं मिले और फोन रिचार्ज भी नहीं हुआ. पेटीएम कंपनी के इमेल पर मामले की शिकायत भी की गयी. कइ दिनों बाद ट्रांजेक्शन फेल हाने का मैसेज आया. वहीं, नयाबाजार के एक युवा कारोबारी पंकज अग्रवाल का कहना है कि कुछ दिनों पहले उन्होंने कोलकाता के एक मॉल से 250 रूपये का सामान खरीदा. रूपये का भुगतान उन्होंने स्वाइप मशीन के जरिये किया. स्वाइप मशीन में उनके एटीएम को स्वाइप करने के बाद पंकज के एकाउंट से 250 रूपये के बदले 25 हजार रूपये निकल गये. उनके मोबाइल पर एकाउंट से 25 हजार रूपये डेबिट होने का एसएमएस देख होश उड़ गया. पंकज ने जब मॉल से इसकी शिकायत की तो प्रबंधन और कर्मचारी भी सकते में पड़ गये. वजह पूरी तरह जांच-पड़ताल करने के बावजूद भी मॉल के एकाउंट में केवल 250 रूपये ही जमा होने की जानकारी दी जा रही थी. वहीं, इस तरह के और भी कई मामले सुनने के बाद नौ नंबर वार्ड के खालपाड़ा के एसपी मुखर्जी रोड स्थित एक पान दुकानदार राम भजन साह भी दुविधा में पड़ गये हैं कि वह पेटीएम सिस्टम इस्तेमाल करे या नहीं. राम भजन ने पांच दिनों पहले ही कैशलेस सिस्टम को चालू किया था. उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर पेटीएम के जरिये ऑनलाइन भुगतान व लेन-देन की सुविधा आरंभ की थी.
साइबर थाना में करें शिकायतः सीपी
सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की कमिश्नर (सीपी) सीएस लेप्चा ने ऑनलाइन लेन-देन या भुगतान पर एकाउंट से रूपये गबन होने पर लोगों को घबराने की नहीं, बल्कि ऐसे मामलों की साइबर क्राइम थाना या फिर क्षेत्रीय थानों में लिखित शिकायत करने की अपील की है. अगर थानों में ऐसे मामले दायर होते हैं तो उन्हें साइबर क्राइम थाना में स्थानांतरित कर दिया जाता है. साइबर विशेषज्ञ इस मामले की तह तक जाकर छानबीन करते हैं. श्रीमती लेप्चा ने ऐसे मामलों में पीड़ितों को जल्द इंसाफ दिलाने और एकाउंट लूटनेवाले साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवायी करने का आश्वासन दिया.
मोदी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं: लक्ष्मी महतो
कैशलेस के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को सुविधा नहीं दे रहे, बल्कि और अधिक मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. यह कहना है बंगाल प्रोवेंसियल बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के दार्जिलिंग जिला इकाई के महासचिव लक्ष्मी महतो का. उन्होंने बैंकिंग सेवा के अपने वर्षों को तजुर्बे के आधार पर कहा कि मोदीजी नोटबंदी से कैशलेस इंडिया बनाने को लेकर जो भी कदम उठा रहे है वह सभी जल्दबाजी में लिया हुआ फैसला है. कोई भी सिस्टम लागू करने से पहले उसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं पर गहन विचार-मंथन करना चाहिए. श्री महतो का कहना है कि ऑनलाइन लेन-देन व भुगतान सेवा शुरू करने पहले आम लोगों को प्रशिक्षित किया जाना भी जरूरी है.
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