नोट पर चोट: देश का आर्थिक विकास होगा ज्यादा मजबूत

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 Nov 2016 8:26 AM

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सिलीगुड़ी. आजादी के बाद पहली बार भारत के किसी प्रधानमंत्री ने काले धन, भ्रष्टाचार और जाली नोटों पर पूरी तरह नकेल लगाने के लिए पांच सौ और 1000 के भारतीय नोटों को बंद करने का अब तक का सबसे बड़ा फैसला है. कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री ने इसका इशारा भी बातों-बातों में किया था. […]

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सिलीगुड़ी. आजादी के बाद पहली बार भारत के किसी प्रधानमंत्री ने काले धन, भ्रष्टाचार और जाली नोटों पर पूरी तरह नकेल लगाने के लिए पांच सौ और 1000 के भारतीय नोटों को बंद करने का अब तक का सबसे बड़ा फैसला है. कुछ दिनों पहले ही प्रधानमंत्री ने इसका इशारा भी बातों-बातों में किया था. मोदी ने दो सप्ताह पहले वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान एलान किया, ‘काले धन के विरूद्ध भी एक सर्जिकल स्ट्राइक हो जाए तो कोई बड़ी बात नहीं’. मोदी के इसी सर्जिकल स्ट्राइक से उत्तर बंगाल के कारोबारियों और आम लोगों के बीच क्या प्रभाव पड़ा है इसी के मद्देनजर प्रभात खबर ने उत्तर बंगाल के लोगों की प्रतिक्रिया ली. प्रस्तुत है इसी प्रतिक्रिया के प्रमुख अंशः-
प्रवीण अग्रवाल (वित्तीय सलाहकार, एसआइपी): उत्तर बंगाल के मशहूर वित्तीय सलाहकार प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि पहली बात मीडिया मोदी के साहसिक निर्णय को सर्जिकल स्ट्राइक कह रही है यह समझ से परे है. सर्जिकल स्ट्राइक में हमारे फौजी आतंकियों की गढ़ में जाकर उनके किलों को नेस्तनाबूद करते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी जी के इस महत्वपू्र्ण फैसले से भले ही कुछ समय के लिये लोगों को परेशानी आ सकती है लेकिन लांग टर्म के बाद सभी को इसका नफा होगा. देश का आर्थिक विकास और मजबूत होगा. काला धन अपने आप बाहर आयेगा. इसका फायदा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से हर भारतीयों तक पहुंचेगा. मोदी जी के इस फैसले से अब विदेशों के तर्ज पर भारत में भी लेन-देन नगदी के जरिय कम और बैंक एकाउंट व कैश कार्ड के द्वारा लेन-देन का चलन अधिक होगा.
रामावतार बरेलिया (उद्योगपति, समाजसेवी) : चाय व मोटर वाहनों के उद्योग से जुड़े शहर के नामी उद्योगपति व समाजसेवी रामावतार बरेलिया ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि पांच सौ और 1000 के नोट अचानक बंद होने से केवल कारोबारियों ही नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों को कुछ दिनों के लिए थोड़ी असुविधा होगी. साथ ही नगद में लेन-देन (कैश ट्रांजेक्शन) करनेवाले कारोबारियों को भी कुछ दिनों के लिए ही परेशानी होगी. बैंक एकाउंट और कैश कार्ड के जरिये लेन-देन की आदत पड़ने के बाद सब ठीक हो जायेगा. सरकार के इस फैसले से भ्रष्टाचार और जाली नोट पूरी तरह बंद होगा. साथ ही गरीबों का भविष्य भी उज्जवल होगा.
अत्रीदेव शर्मा (अधिवक्ता): शहर के नामी अधिवक्ता अत्रीदेव शर्मा ने पांच सौ और हजार के नोटों पर अचानक प्रतिबंध लगाने का जहां मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया है वहीं, गरीबों की असुविधाओं को भी दूर करने की सरकार से गुजारिश की है. उनका कहना है कि सरकार के इस फैसले से काला धन बाहर आयेगा. भ्रष्टाचार बंद होगा. जाली नोट का धंधा पूरी तरह बंद हो जायेगा. बड़े बजट के विवाह व अन्य उत्सवों में खूलेआम होनेवाले काले धन का इस्तेमाल भी पूरी तरह बंद हो जायेगा. इससे देश की आर्थिक स्थिति अवश्य ही मजबूत होगी, लेकिन पांच सौ और हजार के नोट बदलने के लिए बैंक, डाकघरों या अन्य सरकारी दफ्तरों में सरकार ने जो मापदंड जारी किया है वह काफी जटिल है. इसके सरलीकरण करने की जरूरत है. वजह दिन मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेट भरनेवाले दिहाड़ी मजदूरों को काफी परेशानी हो रही है. दिन भर की कड़ी मेहनत के बदले मजदूर शाम को अगर पांच सौ रूपये का नोट लेकर घर में आता है तो भी दुकानदार उसे खाने पीने का सामान देने से इंकार कर देता है. मजदूर के पास रूपये रहते हुए भी पूरे परिवार को भूखे पेट रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है.
अमित जैन (युवा कारोबारी, भाजपा के प्रवक्ता): सिलीगुड़ी नयाबाजार गल्ला मंडी के युवा कारोबारी व भाजपा के जिला इकाई के प्रवक्ता अमित जैन ने भी पांच सौ और 1000 के नोटों को रद्द किये जाने का मोदी सरकार के फैसले को अति महत्वपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया यह अब-तक का सबसे महत्वपूर्ण, साहसिक और देश हित में लिया गया फैसला है. श्री जैन का कहना है कि अगर यही फैसला और पहले लिया होता तो आज अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर आर्थिक दृष्टि से भारत की स्थिति पहले पायदान पर रहती. उन्होंने कहा कि पांच सौ और 1000 के नोट अचानक बंद होने से शॉर्ट टर्म के लिए लोगों को असुविधा होगी लेकिन लांग टर्म के बाद हर स्तर के लोगों को इसका फायदा मिलेगा. कुछ दिनों की परेशानी के बाद लेन-देन की गाड़ी वापस पटरी पर आ जायेगी.
पंकज अग्रवाल (युवा उद्योगपति, कलियागंज): उत्तर दिनाजपुर जिले के कलियागंज के युवा उद्योगपति व समाजसेवी पंकज अग्रवाल ने पांच सौ और हजार के नोटों पर मोदी सरकार के सर्जिकल स्ट्राइक को एतिहासिक फैसला करार दिया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से अवश्य ही एकबार हर वर्ग के लोगों को चाहे कारोबारी हो या उच्च वर्ग के लोग या फिर निम्न वर्ग के लोग सबों को कुछ दिनों के लिए एकबार जरूर परेशानी होगी. लेकिन धीरे-धीरे वापस सब ठीक हो जायेगा. श्री अग्रवाल का दावा है कि मोदी सरकार के इस फैसले से मुल्क काफी तरक्की करेगा और इसका फायदा हर भारतीय को मिलेगा. इसके अलावा उन्होंने गरीबों को ध्यान में रखते हुए सरकार से पांच सौ और हजार के नोटों को बदलने की प्रक्रिया को सरलीकरण करने की गुहार लगायी है.
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