कूचबिहार में लोकसभा उप-चुनाव की सुगबुगाहट शुरू

Published at :15 Oct 2016 8:06 AM (IST)
विज्ञापन
कूचबिहार में लोकसभा उप-चुनाव की सुगबुगाहट शुरू

कूचबिहार: कूचबिहार लोकसभा सीट पर उप-चुनाव को लेकर राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गई है. हालांकि अभी चुनाव आयोग द्वारा उप-चुनाव की कोई तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अभी से ही अपने-अपने स्तर पर चुनाव की तैयारियों में जुट गये हैं. तृणमूल सांसद रेणुका सिन्हा के निधन से यह सीट खाली हुई […]

विज्ञापन
कूचबिहार: कूचबिहार लोकसभा सीट पर उप-चुनाव को लेकर राजनीतिक सुगबुगाहट शुरू हो गई है. हालांकि अभी चुनाव आयोग द्वारा उप-चुनाव की कोई तिथि निर्धारित नहीं हुई है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अभी से ही अपने-अपने स्तर पर चुनाव की तैयारियों में जुट गये हैं. तृणमूल सांसद रेणुका सिन्हा के निधन से यह सीट खाली हुई है. यहां शीघ्र ही लोकसभा उप-चुनाव की संभावना जतायी जा रही है. इस बीच, तृणमूल कांग्रेस सहित तमाम राजनीतिक दल उप-चुनाव को लेकर अपनी सरगर्मी तेज कर दी है.
कांग्रेस ने अपने नेताओं एवं समर्थकों को लेकर शुक्रवार को एक बैठक भी की. इस बैठक में उत्तर बंगाल के अन्य चार जिलों के नेताओं को भी बुलाया गया था. कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहले चारों जिलों के नेताओं के साथ बैठक हुई, उसके बाद कूचबिहार जिले के नेताओं की अलग से बैठक हुई. इसी बैठक में लोकसभा उप-चुनाव को लेकर चरचा की गई. सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान उम्मीदवारों के नाम को लेकर भी चरचा हुई है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्यामल चौधरी का कहना है कि बैठक में सांगठनिक चरचा के साथ ही लोकसभा उप-चुनाव पर भी बातचीत हुई है. उम्मीदवारी को लेकर हालांकि उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है. इधर, वाम मोरचा के खेमे में भी थोड़ी हलचल है. वाम मोरचा के विभिन्न घटक दल भी उप-चुनाव को लेकर आपस में बातचीत कर रहे हैं. हालांकि अभी इस मुद्दे को लेकर वाम मोरचा की कोई बैठक नहीं हुई है. इस बीच, उप-चुनाव में भी कांग्रेस और वाम मोरचा के बीच गठबंधन होगा या नहीं, इसको लेकर आम लोगों के साथ ही राजनीतिक हलकों में भी चरचा चल रही है. जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्यामल चौधरी का कहना है कि अभी गठबंधन को लेकर कोई भी चरचा नहीं हुई है. समय आने पर विचार-विमर्श किया जायेगा. दूसरी तरफ माकपा के जिला अध्यक्ष तारिणी राय का भी कहना है कि वह लोग उप-चुनाव की तैयारियों में तो जुट गये हैं, लेकिन कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कोई चरचा नहीं हुई है.

गठबंधन की संभावना पर उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला राज्य नेतृत्व को करना है. वह लोग तो अपनी तरफ से उम्मीदवार तय करने में लगे हुए हैं.

लोकसभा उप-चुनाव के लिए उम्मीदवार का नाम तय कर वह राज्य नेतृत्व को भेज देंगे. इस बीच, कांग्रेस की आज जो बैठक हुई, उसके अनुसार बैठक में शामिल तमाम नेता लोकसभा उप-चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने पर जोर दे रहे थे. ऐसे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जिले में वाम मोरचा की शक्ति खत्म हो गई है. पिछले विधानसभा चुनाव में वाम मोरचा उम्मीदवारों की जो दुगर्ति हुई वह सबके सामने है. ऐसे में वाम मोरचा उम्मीदवार का समर्थन करना पार्टी के हित में नहीं होगा. बैठक सूत्रों ने बताया है कि कांग्रेस के अधिकांश नेता वाम मोरचा के साथ गठबंधन के भी पक्ष में थे. इन लोगों का कहना था कि उम्मीदवार कांग्रेस का हो और वाम मोरचा उनका समर्थन करे. उल्लेखनीय है कि हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में वाम मोरचा और कांग्रेस गठबंधन की करारी हार हुई है. वाम मोरचा के अंदर ही इस गठबंधन का विरोध हो रहा है. माकपा के अधिकांश नेताओं का कहना है कि लोकसभा उप-चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होना चाहिए. ऐसे नेता अपना उम्मीदवार उतारने के पक्ष में हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola