दो ग्राम पंचायतों पर तृणमूल का कब्जा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Jun 2016 1:30 AM

विज्ञापन

मालदा. विधानसभा चुनाव में मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस के करारी हाई हुई है. उसके बाद भी पार्टी ने विरोधी कांग्रेस तथा वाम मोरचा के कब्जे में रहे दो ग्राम पंचायतों पर कब्जा कर लिया है. कालियाचक-दो ब्लॉक के गंगाप्रसाद तथा रतुआ-एक ब्लॉक के भादो ग्राम पंचायत पर अब तृणमूल कांग्रेस ने अपना बोर्ड बना […]

विज्ञापन
मालदा. विधानसभा चुनाव में मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस के करारी हाई हुई है. उसके बाद भी पार्टी ने विरोधी कांग्रेस तथा वाम मोरचा के कब्जे में रहे दो ग्राम पंचायतों पर कब्जा कर लिया है. कालियाचक-दो ब्लॉक के गंगाप्रसाद तथा रतुआ-एक ब्लॉक के भादो ग्राम पंचायत पर अब तृणमूल कांग्रेस ने अपना बोर्ड बना लिया है.

पंचायत प्रधान के पद पर तृणमूल कांग्रेस की वंदना सरकार तथा गाजी मोहम्मद आसीन हुए हैं. इन दो ग्राम पंचायतों पर कब्जा करने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं एवं समर्थकों में भारी जोश है. शुक्रवार को तृणमूल समर्थकों ने हरा अबीर-गुलाल लगाकर जमकर खुशियां मनायी. पंचायत तथा प्रशासन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कालियाचक-दो ब्लॉक के गंगाप्रसाद ग्राम पंचायत में सीटों की कुल संख्या 16 है. इनमें से कांग्रेस के सात, तृणमूल के चार तथा माकपा के पांच सदस्य थे. कांग्रेस की मीनाक्षी मंडल प्रधान बनी थी.


इस बीच, मीनाक्षी मंडल पर घोटाले का आरोप लगाते हुए माकपा के चार तथा कांग्रेस के एक पंचायत सदस्य तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये. इस बीच, कांग्रेस के एक पंचायत सदस्य की मौत हो गई. 16 सीटों वाली इस ग्राम पंचायत में तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों की संख्या बढ़कर 9 हो गई. उसके बाद ही मार्च महीने में कांग्रेस प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया. आज अविश्वास प्रस्ताव में कांग्रेस प्रधान की हार हुई. छह के मुकाबले नौ वोट पाकर तृणमूल की वंदन सरकार पंचायत प्रधान बन गई. दूसरी ओर, चांचल महकमा के रतुआ-एक ब्लॉक के भादो ग्राम पंचायत में भी कुल 16 सीटें हैं.

यहां तृणमूल का एक भी सदस्य नहीं था. वामफ्रंट के कब्जे वाली इस ग्राम पंचायत में माकपा के नौ, आरएसपी के दो तथा कांग्रेस के पांच सदस्य थे. प्रधान माकपा के सफीकुल इस्लाम थे. उनके विरूद्ध भी घोटाले का आरोप लगाते हुए माकपा के सात, आरएसपी के दोनों तथा कांग्रेस के तीन सदस्य तृणमूल में शामिल हो गये. इन लोगों ने फरवरी महीने में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था. बृहस्पतिवार को यहां पंचायत प्रधान का चुनाव हुआ.

यहां तृणमूल के उम्मीदवार की जीत चार के मुकाबले 12 वोटों से हुई. गाजी मोहम्मद नये प्रधान बने हैं. तृणमूल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने कहा है कि दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधान विकास के नाम पर सरकारी धन की हेराफेरी में लगे हुए थे. उनके अपने ही सदस्यों ने घोटाले का विरोध कर पार्टी छोड़ दी और तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये. आखिरकार दोनों ग्राम पंचायतों पर तृणमूल का कब्जा हो गया है.


इधर, कांग्रेस की जिला अध्यक्ष मौसम नूर तथा वाम मोरचा के कन्वेनर अंबर मित्र ने घोटाले के आरोपों को खारिज कर दिया है. इन दोनों नेताओं ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस ने माकपा तथा कांग्रेस के सदस्यों को डरा-धमका कर अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए बाध्य किया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola