उत्तर बंगाल विकास मंत्री की पहली प्राथमिकता पर्यटन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jun 2016 1:57 AM

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सिलीगुड़ी: राज्य के नये पर्यटन मंत्री भले ही गौतम देव हों, लेकिन उत्तर बंगाल में पर्यटन के विकास के लिए उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय ने पहले से ही अपनी प्राथमिकता निर्धारित कर दी है. इस मंत्रालय ने पर्यटन के विकास और ओद्योगीकरण को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. राज्य के नये उत्तर बंगाल […]

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सिलीगुड़ी: राज्य के नये पर्यटन मंत्री भले ही गौतम देव हों, लेकिन उत्तर बंगाल में पर्यटन के विकास के लिए उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय ने पहले से ही अपनी प्राथमिकता निर्धारित कर दी है. इस मंत्रालय ने पर्यटन के विकास और ओद्योगीकरण को अपना सबसे बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है. राज्य के नये उत्तर बंगाल विकास मंत्री रवीन्द्र नाथ घोष की बातों से कुछ इसी प्रकार का संकेत मिला है. श्री घोष गुरुवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे.

श्री घोष ने कहा कि उनका मंत्रालय अद्भुत मंत्रालय है. जहां एक मंत्रालय किसी दूसरे मंत्रालय के कामकाज में दखल नहीं दे सकता, वहीं उनका मंत्रालय उत्तर बंगाल के विकास के लिए सभी 40 विभागों के कामकाज में दखल दे सकता है. श्री घोष ने कहा कि पूर्ववर्ती वाम मोरचा सरकार ने उत्तर बंगाल के विकास की उपेक्षा की. वर्ष 2011 में राज्य में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मंत्रालय की स्थापना की. उसके बाद से विकास का काम तेजी से हो रहा है.

श्री घोष ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता उत्तर बंगाल में पर्यटन और औद्योगीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि यहां का आर्थिक विकास हो सके और रोजगार के अवसर पैदा हों. इसके अलावा वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार यहां विकास की गंगा बहाना चाहते हैं और इसी दिशा में वह काम करेंगे.इस महीने की सात तारीख को वह यहां एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे. राज्य मिनी सचिवालय उत्तरकन्या में हो रही इस बैठक में उत्तर बंगाल के सभी सातों जिलों के जिला अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा लेंगे. इस बैठक में वह अधिकारियों से समस्याओं और विकास का प्रस्ताव मांगेंगे. बाद में उसी पर विचार कर आगे काम होगा. वह विकास कार्यों में आमलोगों के साथ ही व्यवसायियों और उद्योगपतियों को भी भागीदार बनाना चाहते है. सात तारीख के बाद दूसरे दिन आठ तारीख को वह शहर के व्यवसायियों और उद्योगपतियों के साथ ही अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक करेंगे.उनसे भी विकास का प्रस्ताव मांगा जायेगा. एक प्रश्न के जवाब में श्री घोष ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर सिंडिकेट राज्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे. तमाम काम वह इ टेंडरिंग के माध्यम से करेंगे. जिसको भी सरकारी काम का ठेका लेना होगा,उनको इ टेंडर में शामिल होना होगा.
दिन भर की बैठक
मंत्री बनने के बाद श्री घोष पहली बार सिलीगुड़ी पहुंचे. न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद वह उत्तरकन्या चले गए. वहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और विकास कार्यों की जानकारी ली. उसके बाद वह सिलीगुड़ी कि हिलकार्ट रोड स्थित उत्तर बंगाल विकास मंत्रारलय आ गये. यहां भी उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की.
गौतम देव के कार्यों की प्रशंसा
श्री घोष ने पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री गौतम देव के कार्यों की जमकर प्रशंसा की. उन्होंने इस दौरान हांलाकि उनका नाम नहीं लिया,लेकिन कहा कि इससे पहले पांच वर्षों में उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय ने काफी अच्छा काम किया है. सड़कें चकाचक हो गयी हैं तथा कइ नये स्कूल कॉलेज बनाये गए हैं. कहीं भी बिजली की समस्या नहीं है.नये पुल बनाये गए हैं,नदियों पर नया बांध बना है. हर ओर सर्वांगीण विकास हुआ है. इससे पहले उत्तरकन्या में बैठक बाद संवाददाताओं से उन्होंने कहा था कि वह गौतम देव का परामर्श लेकर काम करेंगे.
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