अब्दुल कलाम जैसा इंजीनियर बनना चाहता है फरहाद

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 May 2016 1:18 AM

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मालदा. मानिकचक का फरहाद कबीर बचपन से ही अपने पिता के मुख से देश के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की कहानी सुनते आ रहा था. और वह उन्हीं की राह पर चलते हुए एयरोस्पेस इंजीनियर बनना चाहता है. इस सपने के लिए उसने खूब लगन से पढ़ाई की, जिसका नतीजा है […]

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मालदा. मानिकचक का फरहाद कबीर बचपन से ही अपने पिता के मुख से देश के पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की कहानी सुनते आ रहा था. और वह उन्हीं की राह पर चलते हुए एयरोस्पेस इंजीनियर बनना चाहता है. इस सपने के लिए उसने खूब लगन से पढ़ाई की, जिसका नतीजा है कि उसने माध्यमिक परीक्षा में राज्य में आठवां स्थान प्राप्त किया है. मानिकचक शिक्षा निकेतन हाईस्कूल के छात्र फरहाद हाकिम ने 676 अंक हासिल किये हैं. उसका परिवार गंगा के कटाव से पीड़ित है. अभी उसका परिवार मानिकचक बस स्टैंड इलाके में है.

उसके पिता हुमायूं कबीर एमएसके संप्रसारक पद पर कार्यरत हैं और माता फरीदा बीबी गृहिणी हैं. फरहाद की छोटी बहन उसी के स्कूल में आठवीं में पढ़ती है. मंगलवार को सुबह नतीजे आते ही मोहल्ले के पड़ोसी फरहाद के घर पहुंच गये. स्कूल के शिक्षक-शिक्षिका और दोस्त भी पहुंचे. सभी ने खुशी में डूबते हुए मुंह मीठा किया. फरहाद को बांग्ला में 90, अंगरेजी में 94, गणित में 100, जीवन विज्ञान में 100, भौतिक विज्ञान में 99, इतिहास में 96 और भूगोल में 97 अंक मिले हैं. टेस्ट में उसे 665 अंक मिले थे.

उसे राजनीति में कोई खास दिलचस्पी नहीं है. वह भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता है. उसे सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक और व्हाट्सऐप काफी पसंद है. वह क्रिकेट खेलने और कहानियों की किताबें पढ़ने में भी समय देता है. इसके अलावा वह पांच-छह घंटे पढ़ाई करता है और परिवार के साथ समय बिताता है. फरहाद के पिता हुमायूं कबीर ने बताया कि हमारा पुराना घर मानिकचक के नारायणपुर गांव में था. लेकिन सन 1998 में गंगा के कटाव में उनका घर बह गया. इसके बाद से हम मानिकचक बस स्टैंड के पास किसी तरह घर बनाकर रह रहे हैं. जो भी हो, बेटे की सफलता से बहुत खुशी मिली है. वह आगे चलकर इंजीनियरिंग पढ़ना चाहता है. वह बचपन से ही देश के पूर्व राष्ट्रपति एपेजी अब्दुल कलाम को लेकर बहुत जिज्ञासु था और उनके बारे में अनेक सवाल किया करता था. घर में डॉ कलाम का फोटो और उनकी किताब भी है. फरहाद उन्हीं को आदर्श मानकर कुछ करना चाहता है.

फरहाद ने बताया कि मैं एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता हूं. मेरे छह से सात प्राइवेट ट्यूटर थे. सभी ने शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मेरी बहुत मदद की. मैं एपीजे अब्दुल कलाम की तरह बनना चाहता हूं.
मानिकचक शिक्षा निकेतन हाईस्कूल के प्रधान शिक्षक ज्योतिभूषण पाठक ने बताया कि फरहाद बहुत मेधावी छात्र है. उसकी सफलता से हमसब गौरवान्वित हैं. हम चाहते हैं कि फरहाद और आगे बढ़े और स्कूल का नाम रोशन करे. हम स्कूल की तरफ से उसकी हरसंभव मदद करने की कोशिश करेंगे.
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