मानिकचक विधानसभा: तृणमूल और गंठबंधन उम्मीदवार के बीच कड़ा मुकाबला

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मालदा. मालदा जिले के मानिकचक विधानसभा सीट पर इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस तथा वाम मोरचा कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़े मुकाबले की संभावना है. हर साल ही नदी के कटाव तथा बाढ़ से परेशान इस विधानसभा क्षेत्र के लोग किसकी झोली में वोट भर देंगे, यह कह पाना अभी संभव नहीं है. […]

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मालदा. मालदा जिले के मानिकचक विधानसभा सीट पर इस बार के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस तथा वाम मोरचा कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़े मुकाबले की संभावना है. हर साल ही नदी के कटाव तथा बाढ़ से परेशान इस विधानसभा क्षेत्र के लोग किसकी झोली में वोट भर देंगे, यह कह पाना अभी संभव नहीं है. फिर भी यहां के आम लोग कांटे की मुकाबले की बात कर रहे हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में समस्याओं का अंबार है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या नदी कटाव एवं बाढ़ की है. हर साल नदी सैकड़ों एकड़ जमीन लील लेती है. बाढ़ की समस्या भी विकराल है.

लोगों को बरसात के मौसम में नदी कटाव एवं बाढ़ की वजह से बेघर होना पड़ता है. इसके अलावा आर्सेनिक युक्त पानी भी इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या है. ऐसे इस सीट से भाजपा उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन यहां के लोगों तथा राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, मुख्य मुकाबला तृणमूल और गठबंधन उम्मीदवार के बीच ही है. मानिकचक सीट से तृणमूल उम्मीदवार सावित्री मित्रा एक बार फिर से अपनी किस्मत आजमा रही हैं. वह ममता सरकार में मंत्री भी हैं. जबकि माकपा समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार मुस्किन आलम तथा भाजपा के शिबेन्दु शेखर राय भी इस सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस विधानसभा केन्द्र में कुल 11 ग्राम पंचायत हैं तथा करीब दो लाख मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे. इस इलाके की समस्याओं को जानने के लिए हमने शेखपुरा गांव के लोगों से बातचीत की. गांव वालों का कहना है कि पेयजल की समस्या इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या है.

आर्सेनिक पानी पीने से लोग तरह-तरह की बीमारी के शिकार हो रहे हैं. पहले न तो वाम मोरचा सरकार और अब तृणमूल सरकार ने इस समस्या का कोई समाधान किया है. कई लोग तो गांव छोड़कर भी जा चुके हैं. कुछ इसी तरह की बातें उत्तर चंडीपुर तथा दक्षिण चंडीपुर के लोगों ने कही है. इस बीच, इस विधानसभा केन्द्र के अधीन भूतनी द्वीप पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. इस द्वीप की आबादी करीब एक लाख है और मतदाताओं की संख्या भी 60 हजार से अधिक है. माना जाता है कि भूतनी के मतदाता ही इस सीट पर उम्मीदवारों की किस्मत तय करते हैं. यहां के लोगों ने जिसकी झोली वोटों से भर दी उसकी जीत तय हो जाती है. यही वजह है कि इस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार भी भूतनी द्वीप पर खास जोर दे रहे हैं.

यहां के लोगों का कहना है कि पहले वह लोग सांप तथा सियार के बीच रहते थे. इसके अलावा बिहार के डकैत भी यहां काफी तांडव मचाते थे. अभी थोड़ी सी स्थिति बदली है, लेकिन समस्या जस की तस है. यहां के लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं. नदी कटाव तथा बाढ़ की समस्या तो है ही. भूतनी द्वीप के उत्तर चंडीपुर गांव के रहने वाले लियाकत अली, मुजीबुर शेख, रहमत शेख आदि ने आरोप लगाया है कि यहां विकास का कोई काम नहीं हुआ है. अभी भी यहां के लोग जानवरों की जिंदगी जी रहे हैं. विकास के नाम पर राजनीतिक दलों के नेता सिर्फ वादे कर चले जाते हैं.

क्या कहती हैं तृणमूल उम्मीदवार
तृणमूल उम्मीदवार सावित्री मित्र का कहना है कि तृणमूल सरकार बनने के बाद भूतनी द्वीप के विकास की कोशिश शुरू हुई है. 34 साल तक वाम मोरचा सरकार ने यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं किया. तृणमूल के सत्ता में आने के बाद यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पुल निर्माण का काम हो रहा है. इसके अलावा उन्होंने यहां ग्रामीण अस्पताल तथा नये थाने की भी स्थापना करवायी है. अस्थायी नौका एम्बुलेंस सेवा भी शुरू की गई है. इसके अलावा उन्होंने मानिकचक कॉलेज, आईटीआई का निर्माण कराया है. सड़कें पक्की की गई है और आर्सेनिक पानी की समस्या दूर की गई है. भूतनी के लोग भी विकास को देखकर खुश हैं.
क्या कहते हैं कांग्रेस उम्मीदवार
कांग्रेस उम्मीदवार मुस्तकीन आलम ने सावित्री मित्रा के इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि तृणमूल सरकार ने नहीं, बल्कि वाम मोरचा सरकार ने आर्सेनिक मुक्त पानी उपलब्ध कराने के लिए एक परियोजना की स्थापना की थी. भूतनी का जो भी विकास हुआ है वह वाम जमाने में हुआ है. वर्तमान तृणमूल सरकार ने कुछ भी नहीं किया है. इसके अलावा कांग्रेस नेता स्वर्गीय गनीखान चौधरी ने भी इस इलाके के विकास के लिए काफी कुछ किया. वर्तमान सरकार ने पूरी तरह से इस इलाके की उपेक्षा की है.
क्या कहते हैं भाजपा उम्मीदवार
भाजपा उम्मीदवार शिबेन्दु शेखर राय ने तृणमूल तथा गठबंधन दोनों उम्मीदवारों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि केन्द्र में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद मानिकचक इलाके में विकास का काम हो रहा है. केन्द्र के पैसे से ही भूतनी द्वीप का निर्माण होना है. उन्होंने कहा कि मानिकचक में समस्याओं का अंबार है. पहले वाम मोरचा और अब तृणमूल ने पूरे इलाके की उपेक्षा की. इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनना तय है. उसके बाद मानिकचक इलाके का जोरदार विकास होगा.
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