सीमा शुल्क विभाग पर मनमाना राजस्व लेने का आरोप, वाहनों की आवाजाही रोकी

Updated:
विज्ञापन

मालदा: पत्थर लदे वाहनों से सीमा शुल्क विभाग द्वारा मनमाने तरीके से राजस्व उगाही करने का आरोप सामने आया है. इसके विरोध में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित महदीपुर के आयातकों तथा निर्यातकों ने माल ढुलाई का काम बंद कर दिया गया है. आरोप है कि महदीपुर इलाके से बांग्लादेश जाने वाले पत्थर लदे वाहनों से […]

विज्ञापन
मालदा: पत्थर लदे वाहनों से सीमा शुल्क विभाग द्वारा मनमाने तरीके से राजस्व उगाही करने का आरोप सामने आया है. इसके विरोध में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित महदीपुर के आयातकों तथा निर्यातकों ने माल ढुलाई का काम बंद कर दिया गया है. आरोप है कि महदीपुर इलाके से बांग्लादेश जाने वाले पत्थर लदे वाहनों से अत्यधिक शुल्क की वसूली की जाती है. इसी वजह से कोई भी वाहन मालिक पत्थर लेकर बांग्लादेश नहीं जाना चाहते.

इस इलाके के निर्यातकों ने इस समस्या के समाधान को लेकर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की, लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ. इसकी वजह से मालदा में स्थित यह अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य रूट बंद है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, महदीपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, महदीपुर क्लीयरिंग ऐंड फार्वडिंग एसोसिएशन, बांग्लादेश आमदनी एवं रफ्तानी सोना मसजिद एसोसिएशन ने सीमा शुल्क.

अधिकारियों के साथ बैठक की. सुबह नौ से ग्यारह बजे तक चली इस बैठक में समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ. सीमा पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से सैकड़ों वाहनों की यहां कतार लग गयी है. महदीपुर इलाके से हर दिन ही भारत और बांग्लादेश के बीच 450 से 500 वाहनों की आवाजाही होती है. सीमा शुल्क विभाग के इस रवैये के खिलाफ यहां के आयातकों तथा निर्यातकों ने रोष प्रकट किया है. इनका आरोप है कि सीमा शुल्क विभाग द्वारा मनमर्जी से राजस्व की उगाही की जाती है. महदीपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सिमर घोष ने कहा है कि मालदा सीमा से पत्थर लेकर जाने वाले ट्रकों से प्रति मेट्रिक टन 18.5 डॉलर शुल्क की उगाही राजस्व विभाग द्वारा की जाती है.

भारतीय रुपये में यह रकम करीब 1295 रुपये है. दूसरी तरफ दक्षिण दिनाजपुर जिले के हिली सीमा पर यही शुल्क 14 डॉलर है. भारतीय रुपये में यह रकम 980 रुपये है. पत्थर और गिट्टी झारखंड के पाकुड़ से लाये जाते हैं. मालदा से पाकुड़ की दूरी 130 किलोमीटर है. जबकि हिली से इसकी दूरी 220 किलोमीटर है. ऐसे में हिली सीमा पर सीमा शुल्क अधिक होनी चाहिए. यहां सब कुछ उल्टा हो रहा है. मालदा के महदीपुर में सीमा शुल्क अधिक होने की वजह से कई वाहन मालिक हिली सीमा की ओर रूख कर रहे हैं.

जिसकी वजह से मालदा के निर्यातकों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने महदीपुर सीमा पर पत्थर लदे ट्रकों से सीमा शुल्क की उगाही कम करने की मांग की. इसी मांग को लेकर इस सीमा से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गयी है. पिछले 24 घंटे से वाणिज्य सीमांत बंद रहने की वजह से सरकार को पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. इस मामले में सीमा शुल्क विभाग के सहायक कमिश्नर सुकुमार घोष ने कहा है कि सब कुछ नियमानुसार हो रहा है. इससे आगे उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola