बैठक के बाद कृषि मंत्री पूर्णेंदु बसु ने प्रभात खबर को बताया कि जूट मिलों की समस्याओं के संबंध में गुरुवार को केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार के साथ श्रम मंत्री मलय घटक बैठक करेंगे. राज्य मंत्री समूह की बैठक में कच्चे जूट की कीमत सहित विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई है, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ है. 10 दिनों के बाद फिर मंत्री समूह की बैठक होगी. राज्य सरकार चाहती है कि जूट मिलें खुली रहे और सरकारी मांगों की आपूर्ति हो. इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (इज्मा) के अध्यक्ष मनीष पोद्दार ने बताया कि बैठक में जूट मिलों की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है.
कल केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री से मिलेंगे. बैठक में कुछ जूट मिल मालिकों ने जूट मिलों का स्टॉक तीन सप्ताह तक के लिए निर्धारित करने व कच्चे जूट की कीमत निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा. फिलहाल आठ सप्ताह तक जूट स्टॉक रखने की अनुमति है.

