दौरा: ममता ने किसी का नाम लिए बगैर गोरखालैंड का किया विरोध, कहा पहाड़ के बिना बंगाल की कल्पना नहीं
सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से कह दिया है कि दार्जिलिंग पहाड़ के बिना बंगाल की कल्पना भी नहीं की जा सकती. पहाड़ से लेकर डुवार्स, डुवार्स से लेकर समुद्र तक बंगाल एक है और सबको यहां मिलजुल कर रहना होगा. ममता बनर्जी ने इस दौरान ना […]
उन्होंने यह साफ-साफ कह दिया कि पूरे उत्तर बंगाल के साथ ही दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र का भी विकास किया जायेगा. अगर किसी को कोई समस्या हो, तो वह वन बंगलो को जलाना छोड़कर बातचीत करें. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान बंगाल में सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. कई वन बंगलो जला दिये गये. उनकी सरकार फिर से इन सभी का निर्माण करवा रही है. ममता बनर्जी यहां बंगाल सफारी पार्क के उदघाटन के बाद आम लोगों को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि वह जब से सत्ता में आयी हैं तब से राज्य का चौतरफा विकास कर रही हैं.
ममता बनर्जी ने लोगों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि सत्ता में आने के बाद से उन्होंने सिलीगुड़ी के निकट गाजलडोबा तथा पहाड़ पर लामाहाटा की खोज की है. यह दोनों ही स्थान तेजी से विकसित हो रहा है. उन्होंने एक साल के अंदर मिनी सचिवालय उत्तरकन्या का निर्माण करवाया और डेढ़ साल के अंदर गाजलडोबा को विकसित कर दिया. गाजलडोबा में इन दिनों तीन हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं लगायी जा रही हैं. उनकी सरकार ने उत्तर बंगाल के सभी आठ जिलों को लेकर विकास का नया खाका तैयार किया है. सिलीगुड़ी के निकट एक नये शहर तीस्ता सिटी का विकास किया जा रहा है.
कुल 89 एकड़ भूमि पर इस शहर का निर्माण कराया जायेगा. ममता बनर्जी ने आगे कहा कि उनकी सरकार ढांचागत सुविधाओं के विकास पर काम कर रही है. यदि ढांचागत सुविधाओं का विकास नहीं हुआ, तो उद्योग-धंधे कहां से लगेंगे. उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को कोसते हुए कहा कि उन लोगों ने उत्तर बंगाल के लिए कुछ नहीं किया. यदि वह एक साल के अंदर उत्तरकन्या का निर्माण करा सकती हैं, तो पहले की सरकारों ने ऐसा क्यों नहीं किया. इतने दिनों तक वह लोग क्या करते रहे. काम करने के लिए उनको किसने रोक रखा था.
इसके साथ ही ममता बनर्जी ने बंगाल सफारी पार्क का भी उदघाटन किया. ममता बनर्जी ने कहा कि बचपन में वह अफ्रीकन सफारी के बारे में सुना करती थी. अब उन्होंने स्वयं बंगाल सफारी का यहां निर्माण करा दिया है. नौ सौ एकड़ जमीन पर बने इस सफारी पार्क को देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक तथा आम लोग आयेंगे. उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग का चिड़ियाखाना काफी प्रसिद्ध है. अब यह सफारी पार्क भी उसी तरह से प्रसिद्ध होगा. राज्य सरकार इसके निर्माण पर 250 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. इनमें से 80 करोड़ रुपये खर्च कर प्रारंभिक काम पूरा कर लिया गया है.
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