चाय श्रमिक. आज सड़क पर उतरेगी सीपीआइ एमएल

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सिलीगुड़ी. डुवार्स के बंद व बदहाल चाय बागानों को जल्द खोलने के साथ चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्कसवादी,लेनिनवादी) लिबरेशन की ओर से आंदोलन का एलान किया गया है़ पांच जनवरी यानि कल मंगलवार को उत्तर बंगाल के छह जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एक घंटे के लिये […]

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सिलीगुड़ी. डुवार्स के बंद व बदहाल चाय बागानों को जल्द खोलने के साथ चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी तय करने की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्कसवादी,लेनिनवादी) लिबरेशन की ओर से आंदोलन का एलान किया गया है़ पांच जनवरी यानि कल मंगलवार को उत्तर बंगाल के छह जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एक घंटे के लिये जाम किया जायेगा़ इसके साथ ही कोलकाता के मुख्य सड़कों को भी एक घंटे के लिये चक्का जाम करने एवं सिलीगुड़ी में कानून तोड़ो आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है.

इसके अलावा 21 जनवरी को कोलकाता के शहीद मिनार पर जबाब चाहिये समावेश का आयोजन किया गया है.राज्य की सत्ताधारी पार्टी या मुख्यमंत्री चाहे जो भी कहे,लेकिन चाय बागानों में श्रमिकों की मौत अनाहार व चिकित्सा नहीं होने की वजह से हो रही है़ यह कहना है सीपीआईएम-एल के दार्जिलिंग जिला सचिव अभिजीत मजुमदार का. उन्होंने बताया कि डंकन ग्रुप के कुल 16 चाय बागान हैं. जिसमें दार्जिलिंग जिले में दो चाय बागान गंगाराम एवं रोंगली हैं. इन दोनों चाय बागानों में स्थायी व अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या 3200 है. जलपाईगुड़ी जिले के अंतर्गत बागराकोट, नागेश्वरी एवं कीलकट चाय बागानों में स्थायी व अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या 5875 है. अलीपुरद्वार जिले में डंकनग्रुप के बीरपाड़ा, दुम्चीपाड़ा, लंकापाड़ा, हांटापाड़ा, तुलसीपाड़ा, गैरगंडा, एमएलपी व डिमडिमा चाय बागान है. डंकन ग्रुप के अलीपुरद्वार जिले के चाय बागानों में स्थायी व अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या 18355 है. इसके अतिरिक्त उत्तर दिनाजपुर जिले के लक्खीपाड़ा, ग्वालगाछ व पातागाड़ा चाय बागान में स्थायी व अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या 2250 है. उन्होंने कहा कि यदि इन अंकड़ों पर गौर किया जाये तो सिर्फ डंकन ग्रुप के कुल 16 चाय बागानों में स्थायी व अस्थायी कुल 29680 श्रमिक कार्यरत हैं. डंकन ग्रुप के चाय बागानों में समस्या यह है कि ना तो मालिक पक्ष द्वारा बागान को बंद करने की घोषणा की गयी है और ना ही बागान को चलाया जा रहा है. डंकन ग्रुप के अलावे जलपाईगुड़ी जिले में तीन एवं अलीपुरद्वार जिले में तीन अन्य चाय बागान भी बंद है. रेडबैंक, सुरेन्द्र नगर, धरनीपुर, डेक्लापाड़ा, बांदापानी एवं मधु चाय बागान. इन छह चाय बागानों में स्थायी व अस्थायी श्रमिकों की कुल संख्या 40205 है. ये छह चाय बागान कई वर्षों से बंद हैं.

इसके अतिरिक्त तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद के.डी सिंह का भी दार्जिलिंग जिले में छह चाय बागान दोतारिया, कॉलेज वैली, समरिकपानी, बालासन, टूंग-सूंग एवं पीसोक बंद है. के.डी सिंह के चाय बागानों में श्रमिकों की कुल संख्या 4500 है. के.डी. सिंह पर आरोप लगाते हुये श्री मजुमदार ने बताया कि इनके चाय बागान तो खुले हुये हैं लेकिन श्रमिकों को उनका मेहताना,राशन व अन्य सुविधाये ठीक तरह से नहीं मिल रही है. इन सब चाय बागान के अलावे दार्जिंलिग जिला का चाय बागान पानीघाटा, अलीपुरद्वार जिले का कोहिनुर व जलपाईगुड़ी का कुम्लाई चाय बागान कुछ दिन पहले ही बंद हो गया. श्री मजुमदार की माने तो पिछले आठ से नौ महीनों में चाय बागानों में मरने वालों की संख्या कीन सौ के करीब पहुंच चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि इस तथ्य एक सर्वे रिपोर्ट का है़ यह रिपोर्ट सिलीगुड़ी गेस्ट हाउस मे केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमन को भी सौंपी भी गयी है.

उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार पर आरोप लगाते कहा कि नेता व मंत्री चाय बागान की समस्या पर बड़े-बड़े राजनीतिक बयान दे रहे है. जबकि केंद्र की टी बोर्ड व राज्य सरकार ने भी आज तक श्रमिकों की समस्या को सुलझाने के लिये कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया. राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुये श्री मजुमदार ने कहा कि विभिन्न तरह के उत्सव में सरकार रूपया खर्च कर रही है लेकिन चाय श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी तय करने की दिशा में कुछ नहीं कर रही है. श्री मजुमदार ने आगे कहा कि पीएफ एक्ट के तहत पीएफ के रूपये जमा नहीं कराने पर मालिकों को गिरफ्तार कर सजा का प्रावधान है़ चाय बागान मालिक इस नियम का उल्लंघन कर रही है और राज्य सरकार उनकी गिरफ्तारी के लिये कोई कदम नहीं उठा रही है.

बागान मालिक गलत तथ्य देकर बागान बंद कर रहे हैं.वर्ष 2010 के मुकाबले वर्ष 2014 तक चाय के उत्पादन व इसकी कीमत में काफी इजाफा हुआ है. उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुये कहा कि राज्य सरकार की ओर से जिस सौ करोड़ रूपये के पैकेज का एलान किया गया था,उसमें से श्रमिकों को आज तक एक भी रूपया नहीं मिला़. श्री मजुमदार ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुये कहा कि पांच जनवरी को सिलीगुड़ी में कानून तोड़ो आंदोलन के साथ उत्तर बंगाल के छह जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग को दिन के ग्यारह से लेकर बारह बजे बंद रखा जायेगा़ कोलकाता के धर्मतला आदि मुख्य सड़को को दोपहर दो से तीन बजे तक अवरूद्ध कर आंदोलन किया जायेगा. इसके अलावा जवाब चाई समावेश का आयोजन कोलकाता के शहीद मिनार पर 21 जनवरी को किया गया है़आज के पत्रकार सम्मेलन में सीपीआईएमएल के राज्य कमिटी के महासचिव वासुदेव बसु व गौरी दे भी उपस्थित थी.

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