सिलीगुड़ी कोर्ट से फरार कैदी का रहस्य गहराया
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी कोर्ट से फरार कैदी का रहस्य और गहरा गया है. सप्ताह भर के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. इस मामले में लापरवाही के मद्देनजर कई पुलिस कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना है. संभवत: दो-तीन कर्मचारियों के सिर पर ठिकरा फुटेगा. इसे लेकर पुलिस महकमे में काफी चर्चा बनी […]
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी कोर्ट से फरार कैदी का रहस्य और गहरा गया है. सप्ताह भर के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. इस मामले में लापरवाही के मद्देनजर कई पुलिस कर्मचारियों पर गाज गिरने की संभावना है. संभवत: दो-तीन कर्मचारियों के सिर पर ठिकरा फुटेगा. इसे लेकर पुलिस महकमे में काफी चर्चा बनी हुई है.
विभागीय जांच के बाद पुलिस अधिकारी इस ओर इशारा कर रहे हैं. सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट की डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी, हेडक्वार्टर) ओपी पाल का कहना है कि सिलीगुड़ी कोर्ट से फरार कैदी बलराम वर्मन का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. वह फरार होने के बाद से ही अंडरग्राउंड हो चुका है. वह अलीपुरद्वार जिले के बारोबिसा का रहने वाला है.
उसके विभिन्न ठिकानों पर पुलिस की पैनी नजर गड़ी हुई है. तलाशी अभियान लगातार जारी है. जल्द ही वह वापस सलाखों के पीछे होगा. बीते 24 अगस्त को सिलीगुड़ी कोर्ट में तैनात पुलिस कर्मचारियों के आंखों में धूल झोंक कर विचाराधीन कैदी बलराम वर्मन कैसे फरार हो गया. यह पुलिस अधिकारियों के लिए अभी तक रहस्य बना हुआ है. कोर्ट लॉकअप से कैदी को न्यायाधीश के सामने पेशी करने के लिए ले जाते समय वह फरार हो गया. कोर्ट में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मचारियों की इस सफाई पर पुलिस अधिकारी भी विश्वास नहीं कर रहे़ कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उसे अदालत में न्यायाधीश के सामने पेश किया गया था. इसके बाद से ही उसका कोई अता-पता नहीं चला. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सजा के डर से उस दिन कोर्ट में तैनात पुलिस कर्मचारी सही घटना छुपा रहे हैं. सिलीगुड़ी कोर्ट के इंस्पेक्टर दिलीप महंत का कहना है कि उन्होंने फरार कैदी मामले की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को सौंप दी है. सिलीगुड़ी थाना में एफआईआर भी दर्ज करायी गई है. विभागीय जांच में यह खुलासा हुआ है कि ड्यूटी में तैनात कुछ पुलिस कर्मचारियों की लापरवाही के वजह से ही कैदी मौका पाकर फरार हो गया. इसके बावजूद कैदी के फरार होने की खबर कई घंटों के बाद सामने आयी. अगर घटना को छुपाया न जाता और हाथों हाथ सभी को खबर दी जाती, तो संभवत: उसी दिन कैदी को पकड़ा जा सकता था. दूसरी ओर, सुरक्षा एवं कैदियों के बार-बार फरार होने की घटना के मद्देनजर कोर्ट लॉकअप में एक बार फिर सीसीटीवी कैमरा लगाने पर पुलिस अधिकारी जोर रहे हैं. करीब दो वर्ष पहले भी तत्कालीन पुलिस कमिश्नर कलियप्पन जयरमन के समय भी सिलीगुड़ी कोर्ट के लॉकअप से विचाराधीन कैदी के फरार होने की घटना घटित हुई थी.
उन्होंने ही लॉकअप में सीसीटीवी कैमरा लगाने पर जोर दिया था. लेकिन उनकी बदली कर दिये जाने के बाद से यह ठंडे बस्ते में चला गया. जयरमन के बाद उनकी जगह जगमोहन पुलिस कमिश्नर के रूप में सिलीगुड़ी आये, लेकिन जगमोहन पर आरोप है कि उनके रहते हुए लॉकअप की सुरक्षा को लेकर कोई काम नहीं हुआ. जगमोहन के बाद सिलीगुड़ी के वर्तमान पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा इसे लेकर गंभीर हुए हैं. उन्होंने कहा है कि जल्द ही सिलीगुड़ी कोर्ट कैम्पस व लॉकअप में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे.
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