नौकरी के लिए एसपी दफ्तर पहुंचे पूर्व केएलओ सदस्य
Updated at : 17 Jan 2020 2:28 AM (IST)
विज्ञापन

50 सदस्यों ने एसपी से मिलकर दी रोजगार की अर्जी मालदा : हथियार डालकर खुद को समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व केएलओ सदस्यों को राज्य सरकार के आश्वासन के बावजूद आज तक उनके लिए नौकरी या रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं हुई. इसको लेकर गुरुवार को 50 पूर्व केएलओ ने एसपी आलोक राजोरिया […]
विज्ञापन
50 सदस्यों ने एसपी से मिलकर दी रोजगार की अर्जी
मालदा : हथियार डालकर खुद को समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए पूर्व केएलओ सदस्यों को राज्य सरकार के आश्वासन के बावजूद आज तक उनके लिए नौकरी या रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं हुई. इसको लेकर गुरुवार को 50 पूर्व केएलओ ने एसपी आलोक राजोरिया से भेंटकर उन्हें ज्ञापन सौंपा. इन पूर्व विद्रोहियों का कहना है कि जिस तरह से जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरदुआर जिलों में पूर्व केएलओ सदस्यों को होमगार्ड की नौकरी दी गयी है उसी तरह से जिला प्रशासन उन्हें भी नौकरी दे या रोजगार की कोई व्यवस्था करे.
संगठन के पूर्व सदस्यों का कहना है कि राज्य सरकार की अपील पर उन्होंने बंदूक डालकर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिये हामी भरी थी. उस समय सरकार ने आश्वासन दिया था कि उन्हें सरकारी नौकरी दी जायेगी. जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर और कूचबिहार के पूर्व केएलओ को होमगार्ड में नौकरी मिली थी. लेकिन मालदा जिले में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गयी.
इस बीच ये लोग गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं. हालांकि इस बारे में एसपी की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है लेकिन जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि राज्य सरकार से किसी तरह का आदेश आने पर ही यहां से किसी की अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाती है. लेकिन फिलहाल ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है. पिछले तीन साल से ये लोग गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं.
आये दिन पुलिस प्रशासन के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन कोई सुनवायी नहीं हो रही है. एक पूर्व केएलओ प्रकाश बर्मन ने कहा कि उन्हें भी केएलओ से जुड़ने की वजह से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद उन्होंने करीब डेढ़ साल जेल में बिताये. बाद में जमानत पर रिहा हुए. अभी तक उन्हें कोई काम नहीं मिला है. अगर कुछ नहीं हुआ तो उन्हें फिर से वापस उसी अंधेरी दुनिया में लौट जाना पड़ सकता है. कहते भी हैं, वुभुक्षितं किम न करोति पापम्. अर्थात पेट की ज्वाला इंसान से कुछ भी करा सकती है.
वहीं, दो अन्य पूर्व केएलओ सुकुमार राय और सौमेन सरकार ने बताया कि मालदा जिले से जो केएलओ सदस्य थे वे सभी समाज की मुख्यधारा में लौट आये हैं. लेकिन तीन साल बाद भी राज्य सरकार ने अपने आश्वासन को पूरा नहीं किया है. इससे वे लोग क्षुब्ध हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




