बदहाल परिवार की मदद के लिए बेबश मां ने लगायी गुहार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Jul 2019 12:55 AM (IST)
विज्ञापन

बंद मधु चाय बागान का श्रमिक परिवार आर्थिक संकट में पति का टूटा हाथ, पत्नी ट्यूमर से पीड़ित व बेटे ने दुर्घटना में गंवाया पैर कालचीनी : अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी ब्लॉक अंतर्गत बंद पड़ा मधु चाय बागान के श्रमिक परिवार ने चिकित्सा के लिए पैसे के आभाव में मदद की गुहार लगायी है. प्राप्त […]
विज्ञापन
बंद मधु चाय बागान का श्रमिक परिवार आर्थिक संकट में
पति का टूटा हाथ, पत्नी ट्यूमर से पीड़ित व बेटे ने दुर्घटना में गंवाया पैर
कालचीनी : अलीपुरद्वार जिले के कालचीनी ब्लॉक अंतर्गत बंद पड़ा मधु चाय बागान के श्रमिक परिवार ने चिकित्सा के लिए पैसे के आभाव में मदद की गुहार लगायी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार मधु चाय बागान विगत सात वर्षो से बंद पड़ा है. किसी तरह यहां के चाय श्रमिक भूटान, जयगांव, हासीमारा जैसे विभिन्न इलाकों में जाकर मजदूरी का काम करके अपना जीवन यापन करते हैं.
इसी बीच उनके ऊपर अचानक कोई संकट आ जाये तो उन्हें जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़नी पड़ती है. ऐसी दुःखद स्थिति बंद मधु चाय बागान के बिरशू लाइन निवासी एक श्रमिक परिवार की है. परिवार में कुल चार सदस्य हैं. घर के मुखिया बाली कुजूर की दुर्घटना में हाथ टूटने से वे काम नहीं कर पाते हैं.
बड़ा बेटा एक वर्ष पूर्व सड़क हादसे में अपंग हो गया. मां अनिता उरांव किसी तरह जयगांव जाकर दिहाड़ी मजदूरी का काम करके परिवार को चलाती थी. लेकिन पिछले दो महीने से मां अनिता उरांव के गले में ट्यूमर हो जाने के कारण वह बीमार पड़ गयी. डॉक्टर ने कहा ऑपरेशन कराना होगा. परिवार वाले पैसे के आभाव में मां का इलाज न करके जीवन जीने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
इस विषय पर घर की मुखिया बाली कुजूर ने बताया कि हम एक आश में थे कि हमारा बागान जल्द खुल जाएगा. फिर से हमारे आंगन में खुशियां लौटेगी. लेकिन ऐसा कुछ न हो सका.
दिन-प्रतिदिन हमारे घर की आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर हो रही है. मैं कुछ काम नही कर पाता, मेरा बड़ा बेटा दुर्घटना में पांच जगह पैर टूटने से वह पूरी तरह अपंग हो गया है. किसी तरह पत्नी बाहर जाकर मजदूरी का काम करके परिवार चलाया करती थी लेकिन विगत दो महीने से वह भी बीमार पड़ी हुई है. उसके गले में ट्यूमर हो गया है. जिसके ऑपरेशन के लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हम एक बंद चाय बगान के श्रमिक हैं. दो पल की रोटी जुटाना हमारे लिए बेहद मुश्किल है.
पत्नी का इलाज कैसे करवाएंगे. उन्होंने पत्नी के इलाज के लिए प्रशासन, समाज सेवी संगठन और आम लोगों के समक्ष मदद की गुहार लगायी है. बीमार मां अनीता उरांव ने बताया कि बड़े बेटे की दुर्घटना के वक्त घर के सारे पैसे खत्म हो गए. बागान लंबे समय से बंद है. मैं रोजाना जयगांव जाकर मजदूरी करके परिवार चलाया करती थी. लेकिन विगत दो महीनों से बीमार पड़ी हुई हूं. पैसे के अभाव में इलाज भी नहीं कर पा रही. मुझे देखने वाला भी कोई नहीं. अंत में उन्होंने कहा मुझे घर, खाना, पैसा कुछ नहीं चाहिए. अगर कोई मेरा इलाज करवा दे तो मैं उनका एहसान कभी नहीं भुलूंगी. क्योंकि मेरे अलावे मेरे परिवार का देखने वाला कोई नहीं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




