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2020 तक पूर्वोत्तर के राज्यों में रेल संपर्क पर केंद्र का जोर

Updated at : 30 Jun 2019 6:25 AM (IST)
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2020 तक पूर्वोत्तर के राज्यों में रेल संपर्क पर केंद्र का जोर

असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा की राजधानियों को ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ा गया सिलीगुड़ी : सरकार ने विज़न डॉक्यूमेंट-2020 के अनुसार सिक्किम को छोड़कर 2020 तक पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने की योजना बनाई है. जिसमें पहले चरण में रंगपो तक नई लाइन का काम स्वीकृत किया गया है. असम, अरुणाचल […]

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असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा की राजधानियों को ब्रॉड गेज नेटवर्क से जोड़ा गया

सिलीगुड़ी : सरकार ने विज़न डॉक्यूमेंट-2020 के अनुसार सिक्किम को छोड़कर 2020 तक पूर्वोत्तर के सभी राज्यों की राजधानियों को जोड़ने की योजना बनाई है. जिसमें पहले चरण में रंगपो तक नई लाइन का काम स्वीकृत किया गया है. असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा राज्यों की राजधानियों को ब्रॉड गेज (बीजी) रेल नेटवर्क द्वारा जोड़ा गया है.
बुनियादी ढांचे और सुरक्षा परियोजनाओं के त्वरित निष्पादन की दिशा में पिछले 5 वर्षों के दौरान केंद्र सरकार द्वारा बहुत जोर दिया गया है और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए धन में काफी वृद्धि हुई है. वर्ष 2014-19 के दौरान नई लाइन / गेज रूपांतरण / दोहरीकरण अवसंरचना परियोजनाओं में औसत वार्षिक व्यय 2009-14 के दौरान 11,527 करोड़ प्रति वर्ष की तुलना में 25,894 करोड़ रुपए था जो 2009-14 के दौरान लगभग 125 फीसदी अधिक है. पूर्वोत्तर राज्यों के लिए वर्ष 2009-14 से प्रति वर्ष औसत आवंटन 2,121 करोड़ रुपए था. हालांकि, 2014-19 के दौरान इस क्षेत्र के लिए यह 161% से बढ़कर 5,531 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो गया.
अरुणाचल प्रदेश में फरवरी, 2015 में नाहरलागुन (ईटानगर का उपनगरीय शहर) और पहली ब्रॉड गेज (बीजी) ट्रेन को प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2015 को नाहरलागुन (ईटानगर) से नई दिल्ली तक चलाया गया. 2018 में ब्रह्मपुत्र नदी पर बोगीबील ब्रिज के लंबे समय से लंबित और विलंबित कार्य को पूरा किया गया, जिससे डिब्रूगढ़ से नाहरलागुन (ईटानगर) तक यात्रा की दूरी 705 किमी (गुवाहाटी होकर) तक कम हो जाएगी.
त्रिपुरा की पहली बीजी ट्रायल ट्रेन रेल राज्य मंत्री द्वारा 13 जनवरी 2016 को मिली थी और पहली बीजी पैसेंजर ट्रेन (लंबी दूरी) 31 जुलाई 2016 को दिल्ली में पेश की गई थी. कुछ राज्यों में भूमि अधिग्रहण और कानून और व्यवस्था के मुद्दों में देरी के कारण मुख्य रूप से कैपिटल कनेक्टिविटी की नई लाइन परियोजनाओं पर असर पड़ा है. हिमालय के पहाड़ी इलाकों में होने वाली इन सभी कैपिटल कनेक्टिविटी परियोजनाओं में बड़ी संख्या में सुरंगों और प्रमुख पुलों को शामिल किया गया है, जिसमें बहुत ही चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय वातावरण में बहुत ऊंचे पुल शामिल हैं.
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और सिक्किम को जोड़ने के लिए रेलवे द्वारा नई बीजी लाइनों पर काम चल रहा है.
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