चुनाव से पहले विमल गुरुंग को लगा तगड़ा झटका
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 02 Apr 2019 1:05 AM
विज्ञापन
स्वराज के बाद रोहित थापा ने भी छोड़ा साथ सभी पदों से दिया इस्तीफा, सदस्यता भी छोड़ी राजू बिष्ट के समर्थन को बताया एकतरफा भाजपा पर गोरखालैंड मुद्दे से किनारा करने का आरोप घोषणा पत्र में अलग राज्य की मांग शामिल नहीं सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार राजू सिंह बिष्ट को समर्थन […]
विज्ञापन
स्वराज के बाद रोहित थापा ने भी छोड़ा साथ
सभी पदों से दिया इस्तीफा, सदस्यता भी छोड़ी
राजू बिष्ट के समर्थन को बताया एकतरफा
भाजपा पर गोरखालैंड मुद्दे से किनारा करने का आरोप
घोषणा पत्र में अलग राज्य की मांग शामिल नहीं
सिलीगुड़ी : दार्जिलिंग संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार राजू सिंह बिष्ट को समर्थन देने की घोषणा के बाद गोजमुमो विमल गुरुंग गुट में तकरार बढ़ गई है. स्वराज थापा के बाद डुवार्स इलाके के प्रभावशाली गोजमुमो नेता रोहित थापा ने भी अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. यहां तक कि उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी है.
इसे विमल गुरुंग के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में 2 साल पहले गोरखालैंड आंदोलन के बाद राजनीतिक परिस्थिति में बड़ी ही तेजी से बदलाव हुआ. कभी विमल गुरूंग के निकट सहयोगी रहे विनय तमांग ने ही उनको झटका दे दिया. अभी विनय तमांग जीटीए के कार्यवाहक चेयरमैन हैं.
गोजमुमो के अधिकांश नेता एवं समर्थक उसके साथ चले गए. जबकि दर्जनों मुकदमा दर्ज होने के बाद बिमल गुरुंग तथा उनके सहयोगी रोशन गिरि भूमिगत हैं. पहाड़ और डुवार्स के कुछ ही गोजमुमो नेता ऐसे हैं जो खुलकर विमल गुरुंग का समर्थन कर रहे हैं. ऐसे ही नेताओं में रोहित थापा का नाम भी शामिल था.
सोमवार को उन्होंने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसकी घोषणा उन्होंने सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में की. यहां संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री थापा ने साफ-साफ कहा कि गोरखालैंड के मुद्दे पर भाजपा अब खामोश है. जबकि विमल गुरंग भाजपा उम्मीदवार का ही समर्थन कर रहे हैं. इसीलिए उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. श्री थापा ने कहा कि वह लोग विमल गुरुंग के साथ सिर्फ गोरखालैंड के मुद्दे पर थे.
अलग गोरखालैंड राज्य ना केवल दार्जिलिंग पहाड़ बल्कि तराई एवं डुवार्स के गोरखाओं का भी सपना है. भाजपा का समर्थन गोरखालैंड के मुद्दे पर किया गया था. विमल ने पहले भाजपा के जसवंत सिंह और वर्ष 2014 के चुनाव में एसएस अहलूवालिया को समर्थन दिया. इन दोनों की भारी जीत हुई. तब इन लोगों ने गोरखालैंड राज्य की मांग पर विचार करने एवं पहाड़ की समस्या दूर करने का भरोसा दिया था. यही कारण है कि वह गोरखालैंड मुद्दे पर ही आंख मूंदकर विमल गुरुंग के साथ रहे. लेकिन अब भाजपा ने गोरखालैंड के नाम से ही किनारा कर लिया है.
उन्होंने भाजपा के घोषणा पत्र में गोरखालैंड मुद्दे को शामिल करने की मांग रखी थी. इसकी जानकारी रोशन गिरि को भी दी गई थी. अब भाजपा गोरखालैंड का नाम लेने से भी कतरा रही है.ऐसे में भाजपा को समर्थन करने का कोई औचित्य नहीं है. इसी कारण उन्होंने गोजमुमो से इस्तीफा दे दिया है. आने वाले लोकसभा चुनाव में किसी का भी समर्थन वह नहीं करेंगे. श्री थापा ने आगे कहा कि वह किसी अन्य राजनीतिक पार्टी में ना तो जा रहे हैं और ना ही किसी का समर्थन करेंगे. उन्होंने भाजपा को फिर से समर्थन देने के विमल गुरूंग के फैसले की निंदा की.
श्री थापा ने कहा कि तराई एवं पहाड़ जो नेता विमल गुरूंग के साथ थे, उनके साथ बातचीत तक नहीं की गई. नई दिल्ली में बैठकर इन लोगों ने मन घीसिंग के साथ मिलकर भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया. गोरखालैंड पर कोई बातचीत ही नहीं हुई. गोरामुमो नेता मन घीसिंग गोरखालैंड की मांग नहीं कर रहे हैं . वह पहाड़ पर 6 शेड्यूल की मांग कर रहे हैं. ऐसे में भला विमल कैसे भाजपा उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं.
श्री थापा ने किा कि वर्ष 2009 में जसवंत सिंह से लेकर 2014 में सुरेन्द्र सिंह अहलूवालिया को पहाड़ के लोगों ने जीताकर मंत्री बनाया. वह भाजपा के दार्जिलिंग लोकसभा सीट के उम्मीदवार राजू बिष्ट का भी विरोध नहीं कर रहे है. चुनावी घोषण पत्र में गोरखालैंड मुद्दे को महत्व देना सही नहीं है. उन्होंने वर्ष 2008 से लेकर 2019 तक उन्होंने राज्य की मांग पर बिमल गुरुंग का समर्थन किया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










