मंदिर निर्माण से पहले गोर्खाओं की समस्या का हो समाधान

Updated at : 09 Feb 2019 1:26 AM (IST)
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मंदिर निर्माण से पहले गोर्खाओं की समस्या का हो समाधान

दार्जिलिंग : दार्जिलिंग के गोयनका रोज स्थित गोर्खा दुख निवारक सम्मेलन भवन में शुक्रवार को गोजमुमो ने गोर्खालैंड आंदोलन के दौरान हुये शहीदों को याद किया. इस दौरान गोजमुमो नेताओं ने शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुये बलिदान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया. आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती हुयीं गोर्खा जनमुक्ति नारी मोर्चा की अध्यक्ष […]

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दार्जिलिंग : दार्जिलिंग के गोयनका रोज स्थित गोर्खा दुख निवारक सम्मेलन भवन में शुक्रवार को गोजमुमो ने गोर्खालैंड आंदोलन के दौरान हुये शहीदों को याद किया. इस दौरान गोजमुमो नेताओं ने शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुये बलिदान दिवस कार्यक्रम आयोजित किया.

आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती हुयीं गोर्खा जनमुक्ति नारी मोर्चा की अध्यक्ष सुषमा राई ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को राम मंदिर के निर्माण से पहले गोर्खाओं की समस्या का समाधान करना होगा. आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम में नारी मोर्चा अध्यक्ष सुषमा राई के अलावा गोजमुमो के केन्द्रीय उपाध्यक्ष सतीश पोख्ररेल, मोर्चा दार्जिलिंग महकमा समिति अध्यक्ष आलोक कांत मणि थुलुंग, मोर्चा सांगठनिक सचिव एलेम लामा, मोर्चा केन्द्रीय समिति सदस्य तरंगा पंडित समेत अन्य केन्द्रीय नेतृत्वगण उपस्थित रहे.

इस दौरान शहीदों का स्मरण करते हुये शहीद बेदी पर खादा अर्पित करने के साथ ही दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभांरभ किया. आयोजित बलिदान दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये नारी मोर्चा अध्यक्ष सुषमा राई ने कहा कि दार्जिलिंग की जनता ने भाजपा को दो-दो बार सांसद दिया है. लेकिन भाजपा से गोर्खाओं की समस्या का समाधान करने के बदले नजरअंदाज किया जा रहा है. लोकसभा चुनाव से पहले सिलीगुड़ी के एक चुनावी जनसभा को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोर्खाओं का सपना मेरा सपना कहा था.
इतना ही नहीं भाजपा ने अपने चुनावी कार्य सूची में गोर्खाओं की समस्या पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने की बात का उल्लेख किया था. इन सभी विषयों को दिखाकर गोर्खाओं को भावनाओं में डूबाकर भाजपा ने दार्जिलिंग लोकसभा सीट से दो-दो बार सांसद बनाया है. केन्द्र में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है, परंतु गोर्खाओं के बारे में गम्भीर नहीं है. केन्द्र की भाजपा सरकार राम मंदिर निर्माण को लेकर गंभीर है. लेकिन गोर्खांओ की समस्या पर गंभीर नहीं है. श्री राई ने कहा कि यदि केन्द्र सरकार राम मंदिर निर्माण करना चाहती है तो करे, लेकिन राम मंदिर निर्माण से पहले गोर्खांओ की समस्या का समाधान करना होगा.
उन्होंने कहा कि देश के आजादी की लडाई से लेकर देश की सीमाओं में आतंकवादियों के साथ गोर्खाओं ने लड़ाई लड़ी है. देश की सीमाओ पर गोर्खा सैनिक शहीद हो रहे हैं. आतंकवादियों के भयानक साजिशों को गोर्खा सैनिकों के द्वारा नाकाम किया जा रहा है. देश हित में इतना सबकुछ करने वाले गोर्खाओं को अभी तक न्याय नहीं मिल रहा है. श्रीमति राई ने पिछले 2017 के गोर्खालैंड आंदोलन का स्मरण करते हुये कहा कि आंदोलन नेतृत्व के गलत कार्य नीतियों के कारण विफल हुआ था.
नेतृत्व की गलत नीति के कारण आंदोलनकारियों को शहीद होना पड़ा. अब बिना खून बहे हमलोग अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे. भावना में डूबने से लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होगी. लक्ष्य प्राप्ति के लिये सही नेतृत्व की जरूरत होती है. भाजपा ने गोर्खाओं के साथ खिलवाड़ किया है. भाजपा के इस तरह के कार्य को सही जवाब देने के लिये हमलोगों को एकबद्ध होना जरूरी है.
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