बीस लोगों को बंधक बनाया, बाहर से जड़ा ताला, ग्रामीणों को बिजली गुल होने की शिकायत करना पड़ा भारी
Updated at : 24 Aug 2018 1:40 AM (IST)
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मालदा : लोड शेडिंग की शिकायत करने बिजली विभाग के कार्यालय गए ग्रामीण खुद ही मुसीबत में फंस गए. वह अधिकारियों से बिजली गुल होने की शिकायत करना इनको महंगा पड़ गया. आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी के उत्तर मालदा डिवीजन कार्यालय में आए ग्रामीणों को अधिकारियों ने अपने ही कार्यालय में बंद कर […]
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मालदा : लोड शेडिंग की शिकायत करने बिजली विभाग के कार्यालय गए ग्रामीण खुद ही मुसीबत में फंस गए. वह अधिकारियों से बिजली गुल होने की शिकायत करना इनको महंगा पड़ गया. आरोप है कि बिजली वितरण कंपनी के उत्तर मालदा डिवीजन कार्यालय में आए ग्रामीणों को अधिकारियों ने अपने ही कार्यालय में बंद कर बाहर से ताला मार दिया.
उसके बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मिली जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह काफी संख्या में ग्रामीण लोड शेडिंग की शिकायत करने उत्तर मालद डिवीजनल मैनेजर के कार्यालय आए थे. यहीं करीब 20 लोगों को डिविजनल मैनेजर के निर्देश पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बंधक बना लिया. इन लोगों को एक कमरे में बंद कर दिया गया और बाहर से ताला मार दिया गया. ग्रामीणों को पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करने की धमकी भी दी गई. करीब 2 घंटे तक यह लोग बंधक बने रहे.
मिली जानकारी के अनुसार हरिश्चंद्रपुर के तालगाछी, आलमगंज, कंकरिया सहित 10 गांव में पिछले कुछ दिनों से बिजली की आंख मिचौली चल रही है. लोड शेडिंग के कारण यहां के लोग काफी परेशान हैं. इसी की शिकायत करने इस गांव के कई लोग बिजली विभाग के कार्यालय आए थे. उनकी समस्या पर बातचीत तक नहीं की गई. ऐसा ग्रामीणों का आरोप है. ग्रामीणों ने कहा कि जब वह लोग बिजली कार्यालय पहुंचे और डिवीजनल मैनेजर से बातचीत करने की कोशिश की तभी बिजली विभाग के कई कर्मचारियों ने डिविजनल मैनेजर के निर्देश पर सभी को एक कमरे में बंद कर बाहर से ताला मार दिया.
बिजली विभाग में कार्यरत सिक्योरिटी गार्ड भी बंधक बनाने वाले में शामिल था. यहां के सिक्योरिटी गार्ड कुतुबुद्दीन अहमद का कहना है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर ही ग्रामीणों को बंद कर ताला बंद करना पड़ा है. मोहम्मद उमर फारूक, अजीजुर्रहमान आदि ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में लोग शिकायत दर्ज कराने जा ही सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि लोगों को बंधक बना लिया जाएगा. दूसरी ओर बिजली विभाग के डिविजनल मैनेजर ने इन तमाम आरोपों को खारिज कर दिया है.
क्या आरोप है
पुलिस को भी इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारी नहीं देने दे रहे थे. बाद में किसी तरह ग्रामीण अपनी जान बचाकर बिजली विभाग के कार्यालय से निकले. चांचल थाने में बिजली वितरण कंपनी के डिविजनल मैनेजर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा दी गई है. बंधक बनाए गए ग्रामीण जब बाहर निकले तो इनका गुस्सा फूट पड़ा. यह लोग बिजली कार्यालय के सामने जमा हो गए और काफी देर तक विरोध प्रदर्शन भी करते रहे रहे. इस घटना से यहां का राजनीतिक पारा भी गरम हो गया है
. हरिश्चंद्रपुर के विधायक मुस्ताक आलम ने इस घटना की निंदा की है. उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. श्री आलम का कहना है कि ग्रामीण बिजली गुल होने की शिकायत करने अधिकारियों के पास जा ही सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि गांव वालों को बंधक बना लिया जाएगा.
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