सिलीगुड़ी : तृणमूल पार्षदों ने बजायी सीटी, फाड़े दस्तावेज

Updated at : 19 Aug 2018 1:23 AM (IST)
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सिलीगुड़ी : तृणमूल पार्षदों ने बजायी सीटी, फाड़े दस्तावेज

कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने भी दिया साथ सिलीगुड़ी : न बैठक हुयी, न बहस हुआ न निर्णय लिये गये. बस आम जनता के पैसे की बर्बादी की गयी. सिलीगुड़ी नगर निगम की भरी सभा में जमकर हंगाम हुआ और हंगामा व सीटी बजाकर विरोधी वॉकआउट कर गये. मेयर ने अपनी ही पार्टी के […]

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कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने भी दिया साथ
सिलीगुड़ी : न बैठक हुयी, न बहस हुआ न निर्णय लिये गये. बस आम जनता के पैसे की बर्बादी की गयी. सिलीगुड़ी नगर निगम की भरी सभा में जमकर हंगाम हुआ और हंगामा व सीटी बजाकर विरोधी वॉकआउट कर गये. मेयर ने अपनी ही पार्टी के पार्षदों को बैठक का निर्णय सुनाया और चेयरमैन ने बैठक समाप्त हाने की घोषणा की.
सुनकर अजीब लगता है, लेकिन यह घटना सिलीगुड़ी नगर निगम में घटी है. शनिवार की मासिक बोर्ड सभा में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा. सिलीगुड़ी नगर निगम की विरोधी दल तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस व भाजपा पार्षदों ने सदन का बहिष्कार कर दिया. इस बैठक के बाद निगम के मेयर ने लाभार्थियों को उनका हक दिलाने का आश्वासन दिया है.
लेकिन केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी परियोजना हाउसिंग फॉर ऑल के तहत मिलने वाले रूपए की आस में घर तोड़ कर खुले आसमान के नीचे समय गुजारने को मजबूर शहरवासियों की व्यथा पर प्रश्नचिन्ह अभी भी खड़ा है.
बोर्ड व विरोधी पक्ष की सहमति के अनुसार शनिवार को सिलीगुड़ी नगर निगम की बोर्ड बैठक बुलायी गयी. हांलाकि इस बोर्ड बैठक के लिए किसी भी पार्षद ने अपना प्रश्न नहीं लाया. सभी को यह ज्ञात था कि इस बैठक में सिर्फ हाउसिंग फॉर ऑल मसले पर चर्चा होनी है.
बैठक शुरू होते ही माहौल ऐसा गर्म हुआ कि सभी विरोधियों ने वॉकआउट कर दिया. पिछली बैठक के दो विषयों को आज की बैठक में आगे किया गया था. बैठक शुरू होते ही निगम के चेयरमैन दिलीप सिंह ने विरोधी दल तृणमूल पार्षद कृष्ण चंद्र पाल को उनके द्वारा प्रस्तावित एलईडी लाइट के मसले को सभा में रखने के लिए कहा. लेकिन तृणमूल हाउसिंग फॉर ऑल को छोड़कर अन्य किसी मसले पर बहस करने को तैयार ही नहीं थी.
हांलाकि कि आज की बैठक में एलईडी और हाउसिंग फॉर ऑल मसले को लेकर ही चर्चा की जानी थी. बाद में कांग्रेस व भाजपा ने भी तृणमूल का समर्थन किया आज की बैठक में सिर्फ हाउसिंग फॉर ऑल के मसले पर चर्चा की जिद ठान ली.
निगम के चेयरमैन दिलीप सिंह ने निगम कानून का हवाला देते हुए पहले एलईडी मसले पर चर्चा करने का प्रस्ताव विरोधी पक्ष के सामने रखा. इसी बात पर वाम बोर्ड व विरोधी पक्ष के बीच ठन गयी. विरोधी दल नेता रंजन सरकार, कृष्ण चंद्र पाल, नांटू पाल, रंजनशील शर्मा आदि पार्षदों ने पिछली बैठक में अधूरी रही हाउसिंग फॉर ऑल मसले पर चर्चा करने पर जोर देते हुए कहा कि मेयर ने स्वयं इस मसले पर चर्चा करने के लिए एक विशेष बैठक बुलाने की बात कही थी.
इसी बात पर चर्चा करने के लिए हम सभी आज की बैठक में उपस्थित हुए हैं. हाउसिंग फॉर ऑल परियोजना में हुयी गड़बड़ी पर चर्चा व प्रभारी मेयर परिषद सदस्य को बर्खास्त करने के बाद ही आगे की कार्यवायी होगी. तृणमूल के समर्थन में खड़े होकर कांग्रेस परिषदीय दल नेता सुजय घटक ने कहा कि इस मसले पर पिछली बैठक में चर्चा समाप्त नहीं हुयी थी.
बल्कि अधूरी उस चर्चा को अगली बैठक में जारी रखने का आश्वासन मेयर ने दिया था. इसलिए उसी मसले पर पहले चर्चा होगी. अन्यथा इस बैठक का कोई औचित्य नहीं. भाजपा पार्षद खुशबू मित्तल व मालती राय ने भी हाउसिंग फॉर ऑल योजना में हुयी गड़बड़ी पर ही चर्चा करने पर जोर दिया.
बैठक की कार्यवायी शुरू करते ही निगम के चेयरमैन ने तृणमूल पार्षद कृष्णचंद्र पाल को उनका मोशन सदन में रखने का आवेदन किया. लेकिन तृणमूल सहित कांग्रेस व भाजपा हाउसिंग फॉर ऑल के अलावा अन्य किसी मसले पर चर्चा को राजी नहीं थी.
तर्क-वितर्क में बोर्ड व विरोधी पक्ष के बीच काफी कहा-सूनी हुयी. तृणमूल ने चेयरमैन व बोर्ड पर सभी पार्षदों को बेबकूफ बनाने का आरोप लगाने के साथ हाउसिंग फॉर ऑल योजना में घोटाले का आरोप लगाया.
कृष्ण चंद्र पाल ने भरी सभा में योजना प्रभारी मेयर परिषद सदस्य जय चक्रवर्ती पर प्रत्येक लाभार्थियों से तीस हजार रूपए घूस लेने का आरोप लगाया. साथ ही इस कांड में चेयरमैन को भी दोषी ठहराया. इसके बाद माकपा पार्षदों ने तृणमूल के आरोपों के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया जतायी.
मेयर ने क्या कहा
सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल योजना में घोटाले का कोई सवाल ही नहीं है. मामला सामने आते ही उसकी जांच शुरू कर दी गयी है. तीन सदस्यों की एक टीम पूरे मामले को खंगाल रही है. निगम के कमिश्नर भी पूरी निगरानी रख रहे हैं.
श्री भट्टाचार्य ने आगे कहा कि जांच कमिटी की प्राथमिकी रिपोर्ट के अनुसार योजना में कोई घोटाला नहीं बल्कि पद्धति में त्रुटी की संभावना जातायी है. हांलाकि दूसरे चरण की तालिका में से जो 248 नाम प्रथम चरण में भेजा गया है, उसे भी सूडा ने स्वीकार कर लिया है.और योजना का काम जारी रखने का निर्देश दिया है.
हांलाकि इन अतिरिक्त नामों में से अधिकांश वार्ड पार्षदों द्वारा प्रास्तावित है. अगले एक महीने में कमिटी जांच की पूरी रिपोर्ट सौंपेगी. उसके बाद योजना का काम आगे बढ़ाया जायेगा. यदि विरोधियों को लगता है कि घोटाला हुआ है, तो सरकार व प्रशासन उनके हाथ में है जिससे चाहे जांच करा ले. हम हर जांच के लिए तैयार हैं.
आज की बैठक में कांग्रेस व भाजपा का तृणमूल को समर्थन देने की बात को मेयर ने तवज्जो नहीं दिया. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में तृणमूल का एकछत्र राज हैं फिर भी विरोधी का एक टिमटिमाता सिलीगुड़ी नगर निगम उनकी आंख में खटक रहा हैं और किसी भी कीमत पर वे हासिल नहीं कर पा रहे हैं, इसीलिए इस तरह की बौखलाहट उनमें दिखती है.
क्या है मामला
यहां बता कि हाउसिंग फॉर ऑल परियोजना के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम द्वारा कराये गये सर्वे के अनुसार कुल 29 हजार 39 लाभार्थी हैं.
जबकि सूडा ने प्रथम चरण के लिए सिर्फ 2 हजार लाभार्थियों की तालिका भेजने को कहा. इसके बाद निगम ने सिर्फ 1287 लाभार्थियों को ही प्रथम चरण के लिए चयनित कर पायी. वह सूची सूडा को भेजी भी जा चुकी है और कई लाभार्थियों के बैंक खाते में रूपया भी पहुंच चुके हैं.
जबकि कई लाभार्थियों ने योजना की शर्त अनुसार बैंक खाते में 35 हजार रूपया जमा भी कराया फिर भी योजना के रूपये उनके खाते में नहीं पहुंचे है. इस बात को लेकर बीते 30 अगस्त की मासिक बोर्ड बैठक में विरोधियों ने जमकर हंगामा किया था. योजना प्रभारी मेयर परिषद सदस्य जय चक्रवर्ती सहित मेयर अशोक भट्टाचार्य से भी इस्तीफे की मांग की थी. 30 अगस्त की मासिक बोर्ड में इस मसले पर चर्चा पूरी नहीं हुयी थी, चुकी मेयर को भी कोलकाता के लिए रवाना होना था.
मेयर ने इस मसले पर चर्चा करने के लिए सभी पार्षदों के साथ एक बैठक का प्रस्ताव दिया, लेकिन योजना प्रभारी मेयर परिषद सदस्य को पद से हटाये वगैर विरोधी बैठक में आने को राजी नहीं हुए. फिर इस बात पर सहमति बनी कि अगले 15 दिनों के भीतर इस मसले पर चर्चा करने के लिए एक बोर्ड मीटिंग बुलायी जायेगी. लेकिन आज की बोर्ड बैठक का कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस ने बहिष्कार कर दिया.
माकपा ने भी लगाया आरोप
एक दूसरे पर दोषारोपण करने की तीखी नोकझोंक के बीच माकपा बोर्ड के मेयर परिषद सदस्य जय चक्रवर्ती व शंकर घोष ने तृणमूल सरकार के एसजेडीए, सारदा, नारदा आदि घोटालों पर नारेबाजी शुरू की.
इसी बीच तृणमूल पार्षदों ने सीटी बजाकर पूरी सभा में हंगामा किया. तृणमूल पार्षदों ने बैठक में प्रस्तावित मेयर परिषद सदस्य मीटिंगनोट व अन्य कागजों को फाड़कर उड़ाया. फिर पहले कांग्रेस, बाद में भाजपा और अंत में सीटी बजाते हुए तृणमूल पार्षद सभा का बहिष्कार कर बाहर चले गये.
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