17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

सब्जी व फलों की उचित कीमत नहीं मिलने से किसान परेशान

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में किसानों की हालत काफी खराब है. उन्हें अपनी फसल की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है. जिसके परिणाम स्वरुप किसान सब्जी और फल आदि सड़क पर ही फेंक देते हैं. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बार-बार उत्तर बंगाल के दौरे पर आती हैं, लेकिन इसका कोई […]

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी सहित पूरे उत्तर बंगाल में किसानों की हालत काफी खराब है. उन्हें अपनी फसल की उचित कीमत नहीं मिल पा रही है. जिसके परिणाम स्वरुप किसान सब्जी और फल आदि सड़क पर ही फेंक देते हैं. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बार-बार उत्तर बंगाल के दौरे पर आती हैं, लेकिन इसका कोई लाभ किसानों को नहीं हुआ है .यह बातें भाजपा समर्थित किसान मोर्चा के राज्य अध्यक्ष रामकृष्ण पाल ने कही. वह सोमवार को सिलीगुड़ी जनर्लिस्ट क्लब में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में की अर्थव्यवस्था में कृषि का एक खास महत्व है. डुवार्स में जहां बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है, वहीं मालदा में आम एवं सिलीगुड़ी के विधाननगर का इलाका अनारस के लिए प्रसिद्ध है.
हल्दीबाड़ी और कूचबिहार आदि इलाके में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है. उत्पादन भी कम नहीं होता है. लेकिन इसका लाभ किसानों को नहीं होता है. हल्दीबाड़ी इलाके में तो कभी-कभी किसान उचित कीमत नहीं मिलने से टमाटर, मिर्ची आदि की फसल सड़क पर फेंक देते हैं. उन्होंने आगे कहा कि उत्तर बंगाल में उद्योग के नाम पर बड़े पैमाने पर राज्य सरकार ने कृषि जमीन का अधिग्रहण किया है. कई साल बाद भी इस जमीन पर कल-कारखाने नहीं लगे हैं. बड़े-बड़े पूंजीपतियों ने कल कारखाने के नाम पर सरकार से जमीन तो ले ली लेकिन उसमें उद्योग की स्थापना अब तक नहीं की है.
श्री पाल ने आगे कहा कि जमीन लेकर खाली रखने वाले पूंजीपतियों को राज्य सरकार को नोटिस भेजना चाहिए . यदि तत्काल उद्योगपति जमीन पर कल-कारखाने नहीं लगाते हैं तो ऐसी जमीन को फिर से किसानों को वापस कर देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि जमीन घेरकर रखने के कारण अनाज का उत्पादन नहीं हो रहा है. ना तो कल-कारखाने लगे और ना ही उस जमीन पर खेती किसानी हो रही है . ऐसे में उस जमीन को कब्जा करके रखने का कोई लाभ नहीं है.
श्री पाल ने आगे कहा कि डुवार्स में चाय बागानों की स्थिति काफी खराब है. चाय श्रमिक परेशान हैं. राज्य सरकार चाय श्रमिकों के लिए भी कोई मदद नहीं कर रही है. श्री पाल ने कहा कि वह इस मामले में केंद्र के संबंधित मंत्रालय से बातचीत भी करेंगे. संवाददाता सम्मेलन में संगठन के जिला अध्यक्ष उदय भक्त तथा राज्य कमेटी की सदस्य मनीषा सरकार भी उपस्थित थी.
मुख्यमंत्री के बार-बार दौरे का कोई लाभ नहीं
उन्होंने कहा कि विधाननगर इलाके में बड़े पैमाने पर अनारस की खेती होती है. अनारस किसानों को इसका उचित लाभ मिले, इसके लिए उस इलाके में अनारस शोध केंद्र स्थापित करने की जरूरत है. उन्होंने इस मामले में केंद्र सरकार से भी मदद की अपील की. श्री पाल ने कहा कि तत्कालीन वाममोर्चा सरकार के शासनकाल में विधाननगर इलाके में 48 बीघा जमीन पर अनारस विकास केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया था.केंद्र की स्थापना भी हो चुकी है. 18 करोड़ रुपए इस पर खर्च किए गए. लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हुआ है. स्वभाविक रुप से इस अनारस विकास केंद्र का लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से विधाननगर में अनारस शोध केंद्र खोलने की मांग की.
केंद्र की योजनाओं को लागू करने में परेशानी
श्री पाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से किसानों के हित में उचित काम करने की अपील की. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि वह किसानों के हित में कोई काम नहीं कर रही हैं. यहां तक कि केंद्र सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित कराने में सहयोग नहीं कर रही हैं. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की है. इसकी मदद से गरीब किसान आसानी से घर पा सकते हैं. लेकिन राज्य सरकार पश्चिम बंगाल में इस योजना को लागू नहीं करवा पा रही है. मुख्यमंत्री में इच्छाशक्ति की कमी के कारण ही यह समस्या बनी हुई है.
Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel